‘Ballari Chalo’ मार्च का आज समापन, BJP बोली- कर्नाटक सरकार के खिलाफ जारी रहेगा संघर्ष

BJP का 10 दिवसीय Ballari Chalo मार्च गुरुवार को बल्लारी में समाप्त होगा। बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।

कर्नाटक में BJP का 10 दिवसीय Ballari Chalo विरोध मार्च गुरुवार को बल्लारी में समाप्त होगा। प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि यह आंदोलन का पहला चरण है और कांग्रेस सरकार के सत्ता में रहने तक पार्टी लगातार संघर्ष जारी रखेगी।

बेंगलुरु: कर्नाटक में कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के खिलाफ BJP का 10 दिवसीय ‘Ballari Chalo’ विरोध मार्च गुरुवार को बल्लारी में समाप्त होगा। राज्य BJP अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा है कि यह मार्च आंदोलन का केवल पहला चरण है और सरकार के सत्ता में रहने तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। BJP के इस विरोध मार्च का उद्देश्य राज्य सरकार के खिलाफ पार्टी के राजनीतिक अभियान को तेज करना है। विजयेंद्र ने सरकार पर जनहित के मुद्दों पर विफल रहने का आरोप लगाया और दावा किया कि राज्य की जनता सरकार को सत्ता से हटाने के लिए तैयार है। हालांकि, ये BJP नेता के राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।

बल्लारी में अंतिम चरण का कार्यक्रम

10 दिवसीय ‘Ballari Chalo’ पदयात्रा गुरुवार को बल्लारी के वाल्मीकि सर्किल से शुरू होकर दोपहर तक एक्स-म्युनिसिपल स्कूल ग्राउंड पहुंचेगी। यहां BJP नेताओं द्वारा महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा।

पदयात्रा का औपचारिक समापन एक्स-म्युनिसिपल स्कूल ग्राउंड में होगा। इसके लिए शाम 4 बजे अंतिम कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। BJP के कई वरिष्ठ नेता इस समापन कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले हैं।

कार्यक्रम में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा, केंद्रीय मंत्री, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवादी नारायणस्वामी, पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और जगदीश शेट्टार, BJP सांसद तथा पार्टी के अन्य प्रमुख नेता शामिल होने की उम्मीद है।

मंदिर में विजयेंद्र ने की विशेष पूजा

समापन कार्यक्रम से पहले गुरुवार सुबह BJP प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने BJP सांसद जनार्दन रेड्डी और पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु के साथ बल्लारी स्थित कनकदुर्गम्मा मंदिर का दौरा किया। नेताओं ने मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की।

मंदिर यात्रा के बाद पत्रकारों से बातचीत में विजयेंद्र ने ‘Ballari Chalo’ के अंतिम कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पदयात्रा शाम 4 बजे एक्स-म्युनिसिपल स्कूल ग्राउंड में आयोजित अंतिम कार्यक्रम के साथ समाप्त होगी। विजयेंद्र ने इसे राज्य सरकार के खिलाफ BJP के आंदोलन का पहला चरण बताया।

‘पहला चरण खत्म, संघर्ष जारी रहेगा’

विजयेंद्र ने कहा कि ‘Ballari Chalo’ का समापन आंदोलन का अंत नहीं है। उनके मुताबिक, यह BJP के व्यापक राजनीतिक संघर्ष का पहला चरण है।

उन्होंने कहा कि सरकार के सत्ता में रहने तक अगले डेढ़ साल तक पार्टी लगातार उसके खिलाफ आंदोलन करती रहेगी। विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार को ‘जनविरोधी’ बताते हुए दावा किया कि कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में लोग मौजूदा सरकार को खारिज करने के मूड में हैं।

BJP प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और कामकाज से समाज का कोई भी वर्ग लाभान्वित महसूस नहीं कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से गरीबों, मजदूरों, दलितों, वंचित वर्गों, महिलाओं और युवाओं का उल्लेख किया।

उनका दावा था कि इन वर्गों के हितों की पर्याप्त रूप से रक्षा नहीं हुई है। ये आरोप BJP की ओर से लगाए गए हैं और खबर में सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर भी निशाना

विजयेंद्र ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी.के. शिवकुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने शिवकुमार के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने खुद को ‘90 प्रतिशत व्यवसायी और 10 प्रतिशत राजनेता’ बताया था।

विजयेंद्र ने इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री के लिए ‘रियल एस्टेट मुख्यमंत्री’ और ‘व्यवसाय केंद्रित मुख्यमंत्री’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की सोच वाला नेतृत्व राज्य की प्रगति सुनिश्चित नहीं कर सकता।

यह बयान BJP और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक टकराव का हिस्सा है। विजयेंद्र की टिप्पणी को विपक्षी दल द्वारा सरकार की नेतृत्व शैली और प्राथमिकताओं पर उठाए गए सवाल के रूप में देखा जा रहा है।

डेढ़ साल तक आंदोलन जारी रखने का दावा

BJP प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्टी का अभियान केवल 10 दिवसीय पदयात्रा तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि ‘Ballari Chalo’ को आंदोलन के पहले चरण के तौर पर देखा जाना चाहिए और आने वाले समय में भी सरकार के खिलाफ राजनीतिक गतिविधियां जारी रहेंगी।

विजयेंद्र के अनुसार, BJP अगले डेढ़ साल तक लगातार सरकार के खिलाफ संघर्ष करेगी। उनके बयान से संकेत मिलता है कि पार्टी आगामी अवधि में राज्य सरकार के खिलाफ जनसंपर्क और विरोध कार्यक्रमों को और तेज करने की तैयारी में है।

BJP के कई बड़े नेता होंगे शामिल

बल्लारी में होने वाले समापन कार्यक्रम में BJP के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा के अलावा केंद्रीय मंत्री, विपक्ष के नेता और पार्टी के सांसद कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और जगदीश शेट्टार के साथ विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवादी नारायणस्वामी तथा विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक की भागीदारी भी प्रस्तावित है।

पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व की मौजूदगी के जरिए BJP अपने संगठनात्मक समर्थन और सरकार के खिलाफ अपने राजनीतिक अभियान को प्रदर्शित करना चाहती है।

कर्नाटक की राजनीति में बढ़ता टकराव

‘Ballari Chalo’ मार्च का समापन ऐसे समय हो रहा है, जब कर्नाटक में BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं। BJP राज्य सरकार की नीतियों और उसके कामकाज को लेकर सवाल उठा रही है, जबकि कांग्रेस सत्ता में रहते हुए अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ा रही है।

BJP का दावा है कि राज्य सरकार से जनता का मोहभंग हो रहा है। पार्टी का कहना है कि गरीब, मजदूर, दलित, वंचित वर्ग, महिलाएं और युवा सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं। दूसरी ओर, इस खबर में कांग्रेस सरकार की ओर से BJP के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

बल्लारी में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी

10 दिनों तक चले इस विरोध मार्च का अंतिम पड़ाव बल्लारी रखा गया है। वाल्मीकि सर्किल से एक्स-म्युनिसिपल स्कूल ग्राउंड तक होने वाली पदयात्रा के बाद शाम 4 बजे समापन कार्यक्रम होगा।

महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का यह चरण पूरा किया जाएगा। इसके बाद BJP नेतृत्व राज्य सरकार के खिलाफ अपने अगले राजनीतिक अभियान की दिशा तय करेगा।

विजयेंद्र का बयान साफ संकेत देता है कि BJP ‘Ballari Chalo’ को एक व्यापक आंदोलन की शुरुआत के तौर पर पेश कर रही है। पार्टी अगले डेढ़ साल तक सरकार के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की बात कह रही है। अब इस आंदोलन का अगला चरण किस रूप में सामने आता है और इसका राज्य की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है, इस पर नजर रहेगी।

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