बांकेबिहारी मंदिर में मोबाइल प्रतिबंध पर 24 घंटे में यू-टर्न, श्रद्धालुओं की परेशानी के बाद आदेश वापस

वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में मोबाइल प्रतिबंध 24 घंटे में वापस ले लिया गया। श्रद्धालुओं की परेशानी के बाद प्रबंधन समिति ने आदेश निरस्त किया।

वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में मोबाइल लेकर प्रवेश पर लगाया गया प्रतिबंध 24 घंटे के भीतर वापस ले लिया गया। बिना पूर्व सूचना लागू किए गए इस फैसले से श्रद्धालुओं को परेशानी हुई, जिसके बाद प्रबंधन समिति ने आदेश निरस्त कर दिया।

वृंदावन: ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में मोबाइल फोन के साथ प्रवेश पर लगाया गया प्रतिबंध एक दिन भी नहीं टिक सका। बिना पूर्व सूचना लागू किए गए इस फैसले के कारण श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रबंधन समिति के सदस्यों की आपत्ति के बाद 24 घंटे के भीतर ही आदेश वापस ले लिया गया।

अचानक लागू हुआ मोबाइल प्रतिबंध

वृंदावन स्थित ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में सोमवार देर शाम मोबाइल फोन के साथ प्रवेश पर अचानक रोक लगाने का नोटिस जारी कर दिया गया। मंगलवार सुबह से यह व्यवस्था लागू भी कर दी गई। रोजाना की तरह बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को मंदिर के प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया गया, क्योंकि उनके पास मोबाइल फोन मौजूद थे।

बांकेबिहारी मंदिर में मोबाइल प्रतिबंध पर 24 घंटे में यू-टर्न, श्रद्धालुओं की परेशानी के बाद आदेश वापस

बिना किसी पूर्व सूचना के लागू किए गए इस फैसले से कई श्रद्धालु असमंजस में पड़ गए। उन्हें मंदिर परिसर के बाहर ही रुकना पड़ा और कई लोग मोबाइल सुरक्षित रखने की व्यवस्था न होने के कारण परेशान नजर आए।

प्रबंधन समिति ने 24 घंटे में वापस लिया फैसला

मोबाइल प्रतिबंध लागू होने के कुछ ही घंटों बाद उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति के सेवायत सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इस संबंध में समिति की ओर से अंतिम निर्णय नहीं लिया गया था और मंदिर प्रबंधक ने उनकी जानकारी के बिना ही नोटिस जारी कर दिया।

इसके बाद समिति ने तत्काल प्रभाव से मोबाइल प्रतिबंध का आदेश वापस लेने का फैसला किया। इस तरह यह निर्णय 24 घंटे के भीतर ही बदल दिया गया और श्रद्धालुओं को फिर से मोबाइल के साथ मंदिर में प्रवेश की अनुमति मिल गई।

पहले भी उठ चुका था मोबाइल प्रतिबंध का मुद्दा

मंदिर में बढ़ती भीड़ और अनुशासन बनाए रखने को लेकर पहले भी कई बैठकों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर चर्चा हो चुकी है। विशेष रूप से दर्शन के दौरान फोटो, वीडियो, रिंग सेरेमनी और केक कटिंग जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए कुछ सदस्यों ने मोबाइल उपयोग सीमित करने का सुझाव दिया था।

हालांकि, पिछली बैठक में मोबाइल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया था। समिति का मानना था कि यदि भविष्य में ऐसा कोई फैसला लिया जाता है, तो पहले इसकी व्यापक जानकारी श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जाएगी।

श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर उठे सवाल

प्रबंधन समिति के सदस्य रजत गोस्वामी ने कहा कि मोबाइल प्रतिबंध का विरोध नहीं है, लेकिन इसे अचानक लागू करना उचित नहीं माना जा सकता। उनका कहना है कि यदि भविष्य में ऐसा निर्णय लिया जाए तो पहले समाचार माध्यमों, सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए इसकी जानकारी दी जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मंदिर परिसर के बाहर मोबाइल जमा कराने की सुरक्षित व्यवस्था बनाई जाए और प्रतिबंध लागू करने की एक निश्चित तारीख पहले से घोषित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

डीएम ने बताया कैसे हुआ भ्रम

मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव एवं मथुरा के जिलाधिकारी सीपी सिंह ने कहा कि पिछली बैठक में मोबाइल प्रतिबंध का मुद्दा जरूर उठा था, लेकिन उस समय स्पष्ट किया गया था कि बिना पूर्व सूचना ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। उनके अनुसार संभवतः मंदिर प्रबंधक ने गलतफहमी में नोटिस जारी कर दिया था।

डीएम ने बताया कि मामला सामने आते ही तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध हटा दिया गया। फिलहाल मंदिर में पहले की तरह श्रद्धालु मोबाइल फोन के साथ प्रवेश कर सकते हैं। भविष्य में यदि कोई नई व्यवस्था लागू की जाती है, तो उसकी पूर्व सूचना सार्वजनिक रूप से जारी की जाएगी।

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