बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव राजनीतिक रूप से बेहद दिलचस्प होता जा रहा है। चुनावी मैदान में जन सुराज के प्रशांत किशोर की मौजूदगी के बीच अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से अलग होकर अपनी पार्टी बनाने वाले तेज प्रताप यादव ने उन्हें समर्थन देने का ऐलान किया है।
Bankipur By-Election 2026: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव राजनीतिक रूप से बेहद दिलचस्प होता जा रहा है। चुनावी मैदान में जन सुराज के प्रशांत किशोर की मौजूदगी के बीच अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से अलग होकर अपनी पार्टी बनाने वाले तेज प्रताप यादव ने उन्हें समर्थन देने का ऐलान किया है। तेज प्रताप के इस फैसले को बिहार की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके समर्थन से मुकाबले का समीकरण बदल सकता है और इसका असर RJD के प्रदर्शन पर भी पड़ सकता है।
बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई 2026 को उपचुनाव प्रस्तावित है, जबकि मतगणना 3 अगस्त को होगी। चुनाव से पहले सभी प्रमुख दल और उम्मीदवार अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटे हैं। इस सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा, जन सुराज के प्रशांत किशोर और RJD की रेखा गुप्ता के बीच मुकाबले को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज है।
प्रशांत किशोर के समर्थन में क्या बोले तेज प्रताप?
तेज प्रताप यादव ने प्रशांत किशोर के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि उन्होंने जैसे ही पीके का समर्थन किया, बारिश शुरू हो गई। उन्होंने इसे अपने समर्थन के पक्ष में एक सकारात्मक संकेत के तौर पर पेश किया और कहा कि वह चाहते हैं कि बांकीपुर में सही लोगों का चुनाव हो। तेज प्रताप ने RJD उम्मीदवार रेखा गुप्ता को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें लगता है कि सही उम्मीदवार कौन है, तो उन्हें भी प्रशांत किशोर का समर्थन करना चाहिए।
तेज प्रताप के इस बयान को राजनीतिक तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह RJD नेता और बिहार के प्रमुख विपक्षी चेहरे तेजस्वी यादव के बड़े भाई हैं। दोनों भाइयों की राजनीतिक राह अब अलग हो चुकी है। ऐसे में बांकीपुर में प्रशांत किशोर के समर्थन का फैसला RJD के लिए एक अतिरिक्त चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

बीजेपी का मजबूत आधार मानी जाती है बांकीपुर सीट
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को लंबे समय से बीजेपी के प्रभाव वाले इलाकों में गिना जाता है। इस सीट से बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन चुनाव जीत चुके हैं। मौजूदा उपचुनाव उनके राज्यसभा जाने के बाद सीट खाली होने के कारण हो रहा है। बीजेपी ने इस चुनाव में नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी का लक्ष्य अपने पारंपरिक राजनीतिक आधार को बनाए रखना होगा। दूसरी ओर, प्रशांत किशोर के चुनावी मैदान में उतरने से मुकाबले में एक नया राजनीतिक आयाम जुड़ गया है।
प्रशांत किशोर लंबे समय तक चुनावी रणनीतिकार के तौर पर काम करने के बाद अब सक्रिय राजनीति में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बांकीपुर उपचुनाव उनके लिए भी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है।
JJD उम्मीदवार का नामांकन खारिज
चुनाव से पहले तेज प्रताप यादव की पार्टी JJD को भी झटका लगा है। बांकीपुर उपचुनाव के लिए पार्टी की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन खारिज हो गया है। इसके बाद तेज प्रताप ने बीजेपी को हराने और अपने अनुसार "सही उम्मीदवार" को समर्थन देने की बात कही। उनके ताजा रुख से संकेत मिलता है कि वह इस चुनाव में प्रशांत किशोर को मजबूत करने की दिशा में काम कर सकते हैं। हालांकि, इसका वास्तविक चुनावी प्रभाव मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा।
क्या तेज प्रताप के फैसले से तेजस्वी को नुकसान होगा?
तेज प्रताप यादव के प्रशांत किशोर को समर्थन देने से सबसे ज्यादा चर्चा RJD और तेजस्वी यादव की रणनीति को लेकर हो रही है। RJD ने बांकीपुर से रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा है और पार्टी की कोशिश सीट पर मजबूत प्रदर्शन करने की होगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि तेज प्रताप का समर्थन प्रशांत किशोर के पक्ष में वोटों के किसी हिस्से को प्रभावित करता है, तो इससे चुनावी मुकाबला और अधिक त्रिकोणीय हो सकता है।
ऐसी स्थिति में RJD के वोट शेयर पर संभावित असर पड़ने की चर्चा हो रही है। हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि तेज प्रताप के समर्थन से किस उम्मीदवार को कितना फायदा या नुकसान होगा।











