बेंगलुरु भविष्य में बनेगा प्रमुख वैश्विक इनोवेशन हब: मार्टी बेलर

कर्नाटक: बेंगलुरु Kobie की प्रेसिडेंट Marti Beller ने कहा कि बेंगलुरु AI, इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और इनोवेशन का वैश्विक रणनीतिक केंद्र बनेगा।

Kobie की प्रेसिडेंट Marti Beller ने कहा कि बेंगलुरु कंपनी के वैश्विक विस्तार में अहम भूमिका निभाएगा। भारत में कंपनी का संचालन AI, इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में इनोवेशन का रणनीतिक केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। Kobie की प्रेसिडेंट Marti Beller ने कहा कि बेंगलुरु कंपनी के वैश्विक विस्तार में अहम भूमिका निभाएगा। भारत स्थित टीम AI, डेटा साइंस, इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट डेवलपमेंट के जरिए वैश्विक बाजारों के लिए नए समाधान विकसित करेगी और रणनीतिक पहलों में योगदान देगी।

बेंगलुरु: कर्नाटक राजधानी बेंगलुरु को आने वाले समय में वैश्विक तकनीकी और इनोवेशन गतिविधियों के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में Kobie काम कर रही है। कंपनी की प्रेसिडेंट Marti Beller के अनुसार, भारत में Kobie के संचालन को केवल सपोर्ट गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय इसे एक एकीकृत रणनीतिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा। Beller ने कहा कि कंपनी के वैश्विक विस्तार में बेंगलुरु की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जाएगी। भारत में मौजूद तकनीकी प्रतिभा और विशेषज्ञता का इस्तेमाल इनोवेशन, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और इंजीनियरिंग एक्सीलेंस को आगे बढ़ाने के लिए किया जाएगा।

उनके मुताबिक, बेंगलुरु में विकसित होने वाली टीम कंपनी की वैश्विक रणनीति का हिस्सा होगी और दुनिया के अलग-अलग बाजारों में Kobie के ग्राहकों को सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

AI और डेटा इंजीनियरिंग में प्रतिभा ने किया आकर्षित

Beller ने बताया कि Kobie ने वैश्विक विस्तार के लिए बेंगलुरु का चयन वहां उपलब्ध तकनीकी प्रतिभा की गहराई को देखते हुए किया है। शहर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और डिसीजन साइंस जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञों की बड़ी उपलब्धता कंपनी के लिए महत्वपूर्ण कारक रही।

कंपनी का लक्ष्य भारत में ऐसी टीम तैयार करना है जो केवल आउटसोर्सिंग या सपोर्ट से जुड़ी जिम्मेदारियां न संभाले, बल्कि Kobie की संस्कृति और रणनीतिक पहलों का प्रत्यक्ष हिस्सा बने।

इस मॉडल के तहत भारत की टीम कंपनी के वैश्विक कर्मचारियों के साथ मिलकर काम करेगी। इससे भारत में मौजूद विशेषज्ञता को Kobie के वैश्विक उत्पादों, तकनीकी रणनीति और नए कारोबारी अवसरों के विकास से सीधे जोड़ा जा सकेगा।

भारत बनेगा रणनीतिक इनोवेशन और प्रोडक्ट हब

Beller के अनुसार, भारत में Kobie की टीम कंपनी के लिए एक केंद्रीय रणनीतिक केंद्र के रूप में काम करेगी। इसमें इनोवेशन, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और इंजीनियरिंग से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

भारत की टीम Kobie की वैश्विक प्रोडक्ट, इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, AI और टेक्नोलॉजी टीमों के साथ नजदीकी से काम करेगी। इसका उद्देश्य ऐसे समाधान विकसित करना है जिन्हें अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बड़े स्तर पर लागू किया जा सके।

इस रणनीति से बेंगलुरु केवल कंपनी के संचालन का एक क्षेत्रीय केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर उत्पाद और तकनीकी विकास में योगदान देने वाला प्रमुख केंद्र बन सकता है।

तकनीकी विशेषज्ञता से नए अवसरों की तलाश

Beller ने डेटा साइंस, AI इंजीनियरिंग, क्लाउड, MLOps और प्रोडक्ट इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में भारत की विशेषज्ञता को Kobie के लिए महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में उपलब्ध प्रतिभा भारत की टीम को केवल मौजूदा काम को पूरा करने तक सीमित नहीं रखेगी। टीम नए अवसरों की पहचान करने, प्रोडक्ट क्षमताओं को विकसित करने और कंपनी की तकनीकी रोडमैप तैयार करने में भी भूमिका निभाएगी।

इससे भारत में काम करने वाले इंजीनियर और प्रोडक्ट विशेषज्ञ Kobie के वैश्विक विकास से सीधे जुड़ सकेंगे। कंपनी की योजना ऐसे वातावरण का निर्माण करने की है जहां तकनीकी विचार और विशेषज्ञता अलग-अलग देशों में मौजूद टीमों के बीच दोनों दिशाओं में साझा हो।

यूरोप, मध्य पूर्व और एशिया-प्रशांत को समर्थन

Beller ने कहा कि बेंगलुरु केंद्र कंपनी के लिए एक तरह के वैश्विक कमांड सेंटर के रूप में भी काम कर सकता है। यहां से यूरोप, मध्य पूर्व और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मौजूद ग्राहकों को समर्थन देने में मदद मिलेगी।

इसका मतलब है कि भारत की टीम का दायरा केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रहेगा। बेंगलुरु में विकसित विशेषज्ञता और तकनीकी क्षमताओं का इस्तेमाल Kobie के अंतरराष्ट्रीय संचालन में किया जाएगा।

कंपनी के लिए यह रणनीति वैश्विक टीमों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के साथ-साथ अलग-अलग बाजारों की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी और उत्पाद समाधान विकसित करने में भी मददगार हो सकती है।

भारत और वैश्विक टीमों के बीच मजबूत सहयोग

Beller ने कहा कि Kobie का उद्देश्य एक ऐसी वास्तविक रूप से एकीकृत वैश्विक टीम तैयार करना है जिसमें विचारों और विशेषज्ञता का प्रवाह दोनों दिशाओं में हो।

इस मॉडल के तहत भारतीय इंजीनियर और प्रोडक्ट विशेषज्ञ कंपनी के अन्य वैश्विक केंद्रों में काम करने वाले सहयोगियों के साथ मिलकर परियोजनाओं पर काम करेंगे। इससे भारतीय टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रोजेक्ट्स में योगदान देने और वैश्विक रणनीति को आकार देने का अवसर मिलेगा।

साथ ही, भारत के तेजी से विकसित होते तकनीकी और उपभोक्ता बाजार से मिलने वाले अनुभव कंपनी के अन्य बाजारों के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं।

कर्मचारी-केंद्रित कार्य संस्कृति पर जोर

Beller ने Kobie की कार्यस्थल संस्कृति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कंपनी कर्मचारी-केंद्रित और लचीले कार्य वातावरण के लिए प्रतिबद्ध है।

उनके अनुसार, Kobie को अमेरिका में लगातार एक शीर्ष कार्यस्थल के रूप में मान्यता मिली है। कंपनी की नीतियों का उद्देश्य कर्मचारियों को नेतृत्व की जिम्मेदारियां लेने और अपने पेशेवर विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

Beller ने कहा कि कंपनी ऐसी संस्कृति में विश्वास करती है जहां हर कर्मचारी को निर्णय प्रक्रिया में अपनी बात रखने और अपने करियर के विकास की जिम्मेदारी लेने का अवसर मिले।

उन्होंने कहा कि Kobie के लिए व्यक्तिगत और पेशेवर विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसी सोच के तहत कंपनी अपने कर्मचारियों को आगे बढ़ने के अवसर देने और कार्यस्थल पर भागीदारी बढ़ाने पर जोर देती है।

बेंगलुरु की वैश्विक तकनीकी पहचान को मिल सकता है नया विस्तार

Kobie की रणनीति ऐसे समय में सामने आई है जब बेंगलुरु को तकनीक, AI, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और डेटा से जुड़े वैश्विक प्रतिभा केंद्र के रूप में देखा जाता है। कंपनी की योजना शहर में उपलब्ध विशेषज्ञता का इस्तेमाल अपने अंतरराष्ट्रीय विस्तार और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए करने की है।

Beller के बयान के मुताबिक, आने वाले समय में भारत की टीम Kobie के लिए केवल निष्पादन संबंधी कार्यों तक सीमित नहीं रहेगी। वह प्रोडक्ट विकास, इनोवेशन, तकनीकी रणनीति और नए अवसरों की पहचान में भी योगदान देगी।

इस रणनीति के साथ बेंगलुरु Kobie के वैश्विक संचालन में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका हासिल कर सकता है और भारत में कंपनी की मौजूदगी को उसके अंतरराष्ट्रीय विकास से और अधिक मजबूती से जोड़ सकता है।

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