भागलपुर में नगर आयुक्त ने पदभार संभालते ही प्रशासनिक तेवर कड़े कर दिए हैं। कार्यभार ग्रहण करते ही उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को यह स्पष्ट संदेश दे दिया गया है कि अब केवल फाइलों और बैठकों से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम दिखने चाहिए।
पहली ही बैठक में कड़ा संदेश
नगर आयुक्त ने पदभार संभालने के बाद नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, नाला उड़ाही, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, सड़क मरम्मत और लंबित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। कई मामलों में काम की रफ्तार धीमी पाए जाने पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा।
जवाबदेही तय करने के निर्देश
नगर आयुक्त ने कहा कि अब हर विभाग और हर योजना की स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही, टालमटोल या अनावश्यक देरी सामने आने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी पर सीधी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि नगर निगम जनता से जुड़ा विभाग है और यहां की लापरवाही का सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है।
फील्ड में उतरने का आदेश
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को कार्यालय तक सीमित न रहने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी संबंधित अधिकारी नियमित रूप से फील्ड विजिट करें। सफाई व्यवस्था, नालों की स्थिति और पेयजल आपूर्ति की स्थिति का मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण के दौरान पाई गई खामियों को तुरंत दूर करने और उसकी रिपोर्ट उच्च स्तर पर देने के निर्देश भी दिए गए।
बरसात से पहले तैयारी पर फोकस
आने वाले मौसम को देखते हुए नगर आयुक्त ने विशेष रूप से नालों की सफाई और जलजमाव की समस्या पर गंभीरता दिखाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि बरसात से पहले सभी प्रमुख और सहायक नालों की उड़ाही पूरी कर ली जाए, ताकि शहरवासियों को जलभराव की परेशानी न झेलनी पड़े।
कर्मचारियों में हलचल
नगर आयुक्त के सख्त रुख के बाद नगर निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों में हलचल देखी जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में नगर निगम की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
साफ संदेश
नगर आयुक्त ने अंत में स्पष्ट कहा कि अनुशासन, समयबद्धता और जवाबदेही ही उनकी प्राथमिकता है। जो अधिकारी और कर्मचारी ईमानदारी से काम करेंगे, उन्हें पूरा सहयोग मिलेगा, लेकिन जो ढिलाई बरतेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
कुल मिलाकर, भागलपुर में नए नगर आयुक्त के एक्शन मोड में आने से यह संकेत साफ है कि अब नगर निगम में कामकाज की गति तेज होगी और शहर की बुनियादी सुविधाओं को सुधारने पर खास जोर दिया जाएगा।











