छठ से पहले भागलपुर रेलवे जंक्शन पर ट्रेनों के परिचालन और यात्री सुविधाओं को लेकर बदलाव की तैयारी है। प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर एक साथ ट्रेनों के खड़े होने की व्यवस्था प्रभावित होगी। इसके साथ ही स्टेशन पर लिफ्ट लगाने की परियोजना भी करीब तीन महीने से अटकी हुई है। छठ पूजा के दौरान भागलपुर रेलवे जंक्शन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों के संचालन और यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना रेलवे के लिए महत्वपूर्ण होगा।
छठ महापर्व से पहले भागलपुर रेलवे जंक्शन पर ट्रेनों के परिचालन और यात्री सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं। त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर ट्रेनों के संचालन को व्यवस्थित करने की तैयारी है। इन दोनों प्लेटफॉर्म पर एक साथ ट्रेनों के खड़े होने की व्यवस्था प्रभावित होगी, जिससे यात्रियों को अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए पहले से अधिक सतर्क रहना पड़ सकता है। दूसरी ओर, स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट लगाने की परियोजना करीब तीन महीने से अटकी हुई है। छठ के दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों के भागलपुर पहुंचने और यहां से दूसरे शहरों के लिए रवाना होने की संभावना को देखते हुए इन व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करना रेलवे के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।
भागलपुर रेलवे जंक्शन पूर्व रेलवे के मालदा रेल मंडल का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री विभिन्न शहरों के लिए यात्रा करते हैं। सामान्य दिनों में भी स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही काफी अधिक रहती है, लेकिन दीपावली और छठ पूजा के दौरान भीड़ में काफी बढ़ोतरी हो जाती है। त्योहार के समय दूसरे राज्यों में काम करने वाले लोग अपने घर लौटते हैं और पर्व समाप्त होने के बाद वापस अपने कार्यस्थलों के लिए रवाना होते हैं। इससे स्टेशन के प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, सीढ़ियों और प्रवेश मार्गों पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में ट्रेनों का परिचालन व्यवस्थित रखना और यात्रियों को सुरक्षित तरीके से प्लेटफॉर्म तक पहुंचाना रेलवे के सामने बड़ी चुनौती होती है।
प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर ट्रेनों के परिचालन को लेकर प्रस्तावित बदलाव का असर यात्रियों की आवाजाही पर भी पड़ सकता है। यदि दोनों प्लेटफॉर्म पर एक साथ ट्रेनों के खड़े होने की व्यवस्था नहीं रहती है, तो यात्रियों को अपनी ट्रेन के निर्धारित प्लेटफॉर्म और समय की जानकारी पहले से लेनी होगी। रेलवे को भी ट्रेनों के आगमन, प्रस्थान और प्लेटफॉर्म आवंटन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना होगा, ताकि यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोग सामान लेकर यात्रा करते हैं। ऐसे में प्लेटफॉर्म बदलने या ट्रेन के समय में बदलाव की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त समय की जरूरत पड़ सकती है। यात्रियों के लिए जरूरी होगा कि स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति की जानकारी प्राप्त कर लें।
भागलपुर जंक्शन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार के तहत फुटओवर ब्रिज को चौड़ा करने का काम भी किया जा रहा है। प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 को जोड़ने वाले लोहिया पुल छोर के फुटओवर ब्रिज की चौड़ाई पहले 1.3 मीटर थी, जिसे बढ़ाकर 2.3 मीटर किया गया है। इस बदलाव से यात्रियों को पुल पर आने-जाने के लिए अधिक जगह मिलेगी। पहले किसी प्रमुख ट्रेन के पहुंचने पर बड़ी संख्या में यात्री एक साथ फुटओवर ब्रिज पर पहुंच जाते थे, जिससे जाम और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन सकती थी। पुल की चौड़ाई बढ़ने से इस समस्या को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। छठ जैसे बड़े पर्व के दौरान यह सुविधा विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है, जब स्टेशन पर सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है।
स्टेशन पर लिफ्ट लगाने की परियोजना भी यात्री सुविधाओं के विस्तार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए फुटओवर ब्रिज के पास लिफ्ट लगाने की योजना है। इसके अलावा प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर एस्केलेटर के नजदीक भी अतिरिक्त लिफ्ट विकसित करने का काम प्रस्तावित है। इन सुविधाओं का उद्देश्य बुजुर्गों, दिव्यांग यात्रियों, बीमार लोगों, महिलाओं और भारी सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को राहत देना है। लिफ्ट चालू होने से यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां चढ़ने-उतरने की परेशानी कम हो सकती है। हालांकि, परियोजना में करीब तीन महीने से देरी होने के कारण इन सुविधाओं का लाभ यात्रियों को समय पर मिल पाएगा या नहीं, इस पर सवाल बने हुए हैं।
छठ पूजा के दौरान भागलपुर रेलवे जंक्शन पर यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होने की संभावना है। सामान्य दिनों में स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 50 से 55 हजार यात्रियों की आवाजाही होती है। त्योहारों के दौरान यह संख्या और बढ़ जाती है। छठ के समय यात्रियों को ट्रेन में बैठने, प्लेटफॉर्म तक पहुंचने और स्टेशन परिसर में प्रतीक्षा करने के लिए अधिक समय देना पड़ सकता है। ऐसे में प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था, फुटओवर ब्रिज की चौड़ाई और लिफ्ट जैसी सुविधाओं का महत्व बढ़ जाता है। रेलवे की कोशिश रहती है कि यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित रखा जाए और किसी भी प्लेटफॉर्म पर अत्यधिक दबाव की स्थिति न बनने पाए।
स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों का उद्देश्य केवल त्योहार के दौरान यात्रियों को सुविधा देना नहीं, बल्कि भविष्य में भी बढ़ती यात्री संख्या के अनुसार बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना है। प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 के विस्तार, फुटओवर ब्रिज की सीढ़ियों को चौड़ा करने और लिफ्ट लगाने जैसी योजनाओं से यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने में मदद मिल सकती है। रेलवे स्टेशन के यार्ड और ट्रेनों के परिचालन से संबंधित व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाने की योजनाएं भी तैयार की गई हैं। इन कार्यों के पूरा होने से लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन और प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
छठ से पहले इन परियोजनाओं को लेकर सबसे बड़ी चुनौती निर्धारित समय में काम पूरा करना है। त्योहार के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों तथा ट्रेनों के परिचालन के बीच तालमेल जरूरी होगा। यदि लिफ्ट का काम समय पर पूरा नहीं होता है, तो बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। वहीं, प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों के संचालन में बदलाव होने पर यात्रियों को सही जानकारी उपलब्ध कराना भी जरूरी होगा। रेलवे की ओर से प्लेटफॉर्म नंबर, ट्रेन के आगमन और प्रस्थान की जानकारी समय पर उपलब्ध कराए जाने से यात्रियों को परेशानी से बचाया जा सकता है।
भागलपुर रेलवे जंक्शन पर छठ से पहले होने वाले इन बदलावों का सीधा संबंध यात्रियों की सुविधा और स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन से है। प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था में बदलाव तथा लिफ्ट परियोजना में देरी के कारण यात्रियों को यात्रा से पहले अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज को चौड़ा करने का काम यात्रियों के आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि लिफ्ट सहित बाकी यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्य कितनी जल्दी पूरे होते हैं और छठ के दौरान रेलवे स्टेशन पर बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या व्यवस्थाएं की जाती हैं।









