भारत के AI सेक्टर पर बहस: Priyanka Chaturvedi ने कहा- 'देश में स्वदेशी AI मॉडल तैयार किए जा चुके हैं'

भारत के AI सेक्टर पर बहस तेज हो गई है। Priyanka Chaturvedi ने दावा किया कि देश में स्वदेशी AI मॉडल तैयार हो चुके हैं। जानें पूरा बयान और विवाद।

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर को लेकर हाल ही में एक नई बहस सामने आई है, जिसमें वैश्विक निवेशकों की भूमिका और देश की तकनीकी क्षमता पर अलग-अलग राय देखने को मिली। 

नई दिल्ली: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर विदेशी निवेशकों की कथित उदासीनता पर Priyanka Chaturvedi ने कड़ा विरोध दर्ज किया है। शिवसेना (यूबीटी) की नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद चतुर्वेदी ने Ruchir Sharma के विचारों से असहमति जताते हुए कहा कि भारत की तकनीकी क्षमता और नवाचार की संभावनाओं को कम करके आंकना गलत है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत तेजी से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की ओर बढ़ रहा है और AI जैसे उभरते क्षेत्रों में देश के पास विशाल प्रतिभा, डेटा और बाजार की ताकत है। ऐसे में भारत को लेकर नकारात्मक धारणा बनाना न केवल भ्रामक है बल्कि वास्तविक प्रगति को नजरअंदाज करना भी है।

AI निवेश पर क्या है विवाद?

भारत के AI सेक्टर पर बहस: Priyanka Chaturvedi ने कहा- 'देश में स्वदेशी AI मॉडल तैयार किए जा चुके हैं'

रॉकफेलर इंटरनेशनल के चेयरमैन और ब्रेकआउट कैपिटल के CIO रुचिर शर्मा ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि AI सेक्टर में भारत को विदेशी निवेशकों से अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा है। उनके अनुसार, वैश्विक निवेश का बड़ा हिस्सा अमेरिका और जापान जैसे विकसित देशों की ओर जा रहा है, जबकि उभरती अर्थव्यवस्थाओं में दक्षिण कोरिया और ताइवान इस क्षेत्र में आगे हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत में AI सेक्टर में कोई बड़ा वैश्विक खिलाड़ी उभरता हुआ नजर नहीं आ रहा, जो निवेशकों के लिए आकर्षण पैदा कर सके।इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि भारत की AI क्षमता को कम आंकना सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही भारत का रिसर्च और डेवलपमेंट बजट कुछ विकसित देशों से कम हो, लेकिन देश तेजी से इस क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपने खुद के फाउंडेशनल AI मॉडल विकसित कर रहा है, जो डेटा संप्रभुता बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इससे देश विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम कर सकता है और अपनी डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बना सकता है।

बड़े निवेशक और कंपनियों की भूमिका

भारत में AI सेक्टर को मजबूत करने में कई बड़ी कंपनियां निवेश कर रही हैं। इनमें Microsoft, Google, Amazon, Reliance Industries और Tata Group शामिल हैं। ये कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड कंप्यूटिंग और नए AI प्रोडक्ट्स में लगातार निवेश कर रही हैं, जिससे भारत का टेक इकोसिस्टम मजबूत हो रहा है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने यह भी बताया कि Stanford University के ग्लोबल AI वाइब्रेंसी इंडेक्स में भारत तीसरे स्थान पर है। यह रैंकिंग दर्शाती है कि भारत न केवल AI रिसर्च बल्कि टैलेंट, स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री एडॉप्शन के मामले में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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