साहिबाबाद के गौर ग्रीन एन्क्लेव में आग लगने से आठ परिवारों के फ्लैट जल गए और लाखों का नुकसान हुआ। प्रभावित लोग रिश्तेदारों या खाली फ्लैटों में रह रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं।
Sahibabad: ग्रीन एन्क्लेव आग हादसा बुधवार को गौर ग्रीन एन्क्लेव की एक हाई-राइज बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने आठ परिवारों के घर और जीवन भर की जमा पूंजी तबाह कर दी। घटना में कई फ्लैट पूरी तरह जल गए, जबकि कुछ आंशिक रूप से प्रभावित हुए। आग तेजी से फैलने और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण लोग समय पर बाहर नहीं निकल पाए। अब प्रभावित परिवार अस्थायी ठिकानों में रहकर मदद की उम्मीद कर रहे हैं।
घटना का पूरा विवरण
साहिबाबाद स्थित गौर ग्रीन एन्क्लेव सोसायटी में बुधवार को लगी भीषण आग ने कई परिवारों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते आठ फ्लैट पूरी तरह जलकर खाक हो गए, जबकि पांच अन्य फ्लैट आंशिक रूप से प्रभावित हुए। हादसे के दौरान सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
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प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग जिस फ्लैट से शुरू हुई, उसने पूरे ब्लॉक को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं और लपटों के कारण कई लोग अपने घरों में फंस गए थे, जिन्हें किसी तरह फायर ब्रिगेड की मदद से सुरक्षित निकाला गया। हालांकि तब तक भारी नुकसान हो चुका था और कई परिवार अपनी जीवनभर की पूंजी गंवा चुके थे।
घर उजड़ने के बाद बेघर हुए परिवार
आग की इस घटना के बाद प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ी समस्या सिर छुपाने की बन गई है। कई लोग रिश्तेदारों के घरों में शरण ले रहे हैं, जबकि कुछ परिवारों ने सोसायटी में खाली पड़े फ्लैटों को अस्थायी ठिकाना बना लिया है। अचानक हुए इस हादसे ने लोगों की दिनचर्या और स्थिर जीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
निवासियों का कहना है कि उन्होंने अपने सपनों का घर वर्षों की मेहनत और बचत से तैयार किया था, जो कुछ ही मिनटों में राख में बदल गया। कई परिवार मानसिक रूप से भी गहरे सदमे में हैं और अभी तक इस नुकसान को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
करोड़ों का नुकसान और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
फ्लैट नंबर 1243 में रहने वाले कमल अग्रवाल सहित कई निवासियों ने बताया कि उनका लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। किसी के घर का इंटीरियर जल गया तो किसी की पूरी गृहस्थी खत्म हो गई। कई लोग उस समय घर से बाहर थे और लौटने पर केवल मलबा और राख ही देख पाए।
स्थानीय लोगों ने सोसायटी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि फायर ब्रिगेड को घटनास्थल तक पहुंचने में दिक्कत आई, क्योंकि कुछ संरचनात्मक बाधाएं मौजूद थीं। इसके अलावा फायर अलार्म सिस्टम और अन्य सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऐसे हादसों को लेकर चिंता और बढ़ गई है।









