मई महीने की शुरुआत के साथ तेल कीमतों को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू एयरलाइंस के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
बिजनेस न्यूज़: भारत में मई 2026 की शुरुआत के साथ ईंधन कीमतों को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। सरकारी तेल कंपनियों ने वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों को स्थिर बनाए रखने का निर्णय लिया है। हालांकि, इसके विपरीत 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर
देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी Delhi में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। इसी तरह Mumbai, Kolkata, Chennai और Bengaluru जैसे प्रमुख शहरों में भी ईंधन दरें स्थिर हैं।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, विशेष रूप से मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से कीमतों को नहीं बढ़ाया गया है। तेल कंपनियों ने इस बढ़ती लागत का बोझ स्वयं वहन करने का निर्णय लिया है।
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ATF कीमतों में बदलाव नहीं
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF), जो एयरलाइंस के लिए एक प्रमुख लागत घटक होता है, उसकी कीमतों में भी इस महीने कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह कदम खासतौर पर घरेलू विमानन उद्योग को राहत देने के लिए उठाया गया है, ताकि हवाई किरायों में संभावित वृद्धि को रोका जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि ATF कीमतों को स्थिर रखने से एयरलाइंस को परिचालन लागत नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, जिससे यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
घरेलू LPG कीमतें यथावत, कमर्शियल LPG में भारी बढ़ोतरी
14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। Ministry of Petroleum and Natural Gas के अनुसार, देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है और फिलहाल कीमतों में वृद्धि की कोई योजना नहीं है। यह निर्णय आम उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है, खासकर उन परिवारों के लिए जो रसोई गैस पर निर्भर हैं।
हालांकि, कमर्शियल उपयोग के लिए आने वाले 19 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की भारी वृद्धि की गई है। इस वृद्धि का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर पड़ने की संभावना है, जहां गैस का उपयोग बड़े पैमाने पर होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बढ़ोतरी वैश्विक ऊर्जा लागत और लॉजिस्टिक खर्चों में वृद्धि के कारण की गई है। इससे सेवा क्षेत्र में महंगाई का दबाव बढ़ सकता है, खासकर खाद्य उद्योग में।
सरकार ने ईंधन क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले भी लिए हैं। डीजल पर निर्यात शुल्क को 55.5 रुपये से घटाकर 23 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि ATF पर यह शुल्क 42 रुपये से घटाकर 33 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।










