भारत के लिए बड़ी राहत: 92,612 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहे है 'जग वसंत' और 'पाइन गैस' जहाज

भारत के ऊर्जा संकट में राहत की खबर आई है। 'जग वसंत' और 'पाइन गैस' जहाजों से कुल 92,612 मीट्रिक टन LPG आयात किया जा रहा है। जानें कब आएंगे जहाज और देश में LPG

भारत को एलपीजी आपूर्ति में बड़ी राहत मिलने वाली है। दो भारतीय एलपीजी टैंकर जग वसंत और पाइन गैस 92,612.59 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं और 26 से 28 मार्च के बीच भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचेंगे। 

नई दिल्ली: भारत के दो और एलपीजी टैंकर जग वसंत और पाइन गैस होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुके हैं। इन टैंकरों में कुल 92,612.59 मीट्रिक टन एलपीजी लदा हुआ है और यह 26 से 28 मार्च के बीच भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचेंगे। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि ये दोनों टैंकर सीधे भारत की ओर बढ़ रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, जग वसंत और पाइन गैस भारतीय जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं और सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य की तरफ बढ़ रहे हैं।

जहाजों की यात्रा

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि दोनों जहाज अब सीधे भारत की ओर बढ़ रहे हैं। यह एलपीजी टैंकर भारत में घरेलू और औद्योगिक खपत के लिए महत्वपूर्ण आपूर्ति लेकर आ रहे हैं। इससे पहले भारतीय झंडे वाले तीन अन्य जहाज फारस की खाड़ी से भारत आ चुके हैं। 

इनमें से दो एलपीजी टैंकर शिवालिक और नंदा देवी क्रमशः 16 और 17 फरवरी को गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पर पहुंचे थे। तीसरा जहाज जग लाडकी, जो कच्चे तेल का टैंकर है, यूएई से ओमान की खाड़ी होते हुए भारत आया और मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा।

होर्मुज संकट और पीएम मोदी का बयान

भारत के लिए बड़ी राहत: 92,612 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहे है 'जग वसंत' और 'पाइन गैस' जहाज

हालिया वैश्विक तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में जारी गतिरोध को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस समय होर्मुज से तेल और गैस की सप्लाई चुनौतीपूर्ण स्थिति में है। पीएम मोदी ने स्थिति का संक्षिप्त विवरण देते हुए कहा:

  • होर्मुज में जहाजों को रोकना अस्वीकार्य है।
  • पश्चिम एशिया की हालात चिंताजनक हैं।
  • गैस और तेल की रूटीन सप्लाई प्रभावित हो रही है।
  • देश में एलपीजी का लगभग 60% आयात पश्चिम एशिया पर निर्भर है।
  • देश में 53 लाख मीट्रिक टन पेट्रोलियम उपलब्ध है और 65 लाख मीट्रिक टन पर काम चल रहा है।
  • पहले भारत 27 देशों से ऊर्जा आयात करता था, अब यह संख्या बढ़कर 41 हो गई है।
  • दुनिया में वैश्विक स्थिति विषम है और पश्चिम एशिया संकट दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है।
  • भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और सरकार इस संकट के प्रति संवेदनशील, सतर्क और सतत् प्रयासरत है।

भारत में घरेलू गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। जग वसंत और पाइन गैस जैसे टैंकरों की आपूर्ति से न केवल घरेलू एलपीजी की स्टॉक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता भी मजबूत होगी।

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