भोपाल एटीएम फर्जीवाड़े की जांच मुजफ्फरपुर पहुंची:लॉक तोड़ने का प्रशिक्षण देने वाला गिरफ्तार, दो दिनों की हुई थी ट्रेनिंग

भोपाल ATM फर्जीवाड़े की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। मुजफ्फरपुर से लॉक तोड़ने का प्रशिक्षण देने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
भोपाल एटीएम फर्जीवाड़े की जांच मुजफ्फरपुर पहुंची:लॉक तोड़ने का प्रशिक्षण देने वाला गिरफ्तार, दो दिनों की हुई थी ट्रेनिंग
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भोपाल में सामने आए चर्चित ATM फर्जीवाड़ा मामले की जांच अब बिहार के मुजफ्फरपुर तक पहुंच गई है। जांच के दौरान मिले अहम सुरागों के आधार पर मध्य प्रदेश पुलिस की टीम ने मुजफ्फरपुर में कार्रवाई करते हुए उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसने आरोपियों को ATM और लॉक तोड़ने का विशेष प्रशिक्षण दिया था। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने दो दिनों तक गिरोह के सदस्यों को लॉक तोड़ने और मशीनों से नकदी निकालने की तकनीक सिखाई थी। अब उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार भोपाल में ATM फर्जीवाड़े की जांच के दौरान कई तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य मिले थे। मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और पूछताछ के दौरान सामने आए इनपुट के आधार पर जांच टीम मुजफ्फरपुर पहुंची। स्थानीय पुलिस के सहयोग से संदिग्ध की पहचान की गई और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी का काम सीधे ATM से पैसे निकालना नहीं था, बल्कि वह गिरोह के सदस्यों को तकनीकी प्रशिक्षण देता था। पुलिस के मुताबिक उसने आरोपियों को बताया कि ATM के लॉक किस प्रकार काम करते हैं, सुरक्षा प्रणाली को कैसे समझा जा सकता है और किन तरीकों से मशीन के लॉक को नुकसान पहुंचाकर नकदी तक पहुंचने की कोशिश की जाती है। बताया जा रहा है कि यह प्रशिक्षण लगातार दो दिनों तक दिया गया था।

पूछताछ में पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रशिक्षण लेने वाले कितने लोग थे, किन-किन राज्यों में इस गिरोह का नेटवर्क फैला हुआ है और क्या इसी तरीके से अन्य राज्यों में भी ATM चोरी या फर्जीवाड़े की वारदातों को अंजाम दिया गया। जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस, बैंक खातों और संपर्कों की भी जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

मुजफ्फरपुर पुलिस ने मध्य प्रदेश पुलिस को हर संभव सहयोग देने की बात कही है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार यदि जांच के दौरान जिले या बिहार के अन्य हिस्सों से किसी और व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह का प्रशिक्षण दे रहा था या यह किसी विशेष गिरोह के लिए आयोजित किया गया था।

ATM फर्जीवाड़ा और मशीनों से नकदी चोरी की घटनाएं पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में सामने आई हैं। अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में तकनीकी विशेषज्ञों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल नेटवर्क का भी इस्तेमाल होने की आशंका रहती है। यही कारण है कि पुलिस अब केवल वारदात को अंजाम देने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण देने वाले और पूरे नेटवर्क को संचालित करने वाले लोगों तक भी पहुंचने का प्रयास कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। यदि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से जुड़े मिले तो संबंधित राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा। फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है और रिमांड लेकर उससे आगे पूछताछ की जा सकती है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से ATM फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया, कितने लोगों को प्रशिक्षण दिया गया और उनके पास से कौन-कौन से तकनीकी उपकरण इस्तेमाल किए गए। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

 

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