LIVE: CM का ऐलान- ग्रामीण इलाकों में दिन में 12 घंटे बिजली मिलेगी, सूखा प्रभावित किसानों को मिलेगा डीजल अनुदान

बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में दिन में 12 घंटे बिजली आपूर्ति और सूखा प्रभावित किसानों के लिए डीजल अनुदान की घोषणा की।
LIVE: CM का ऐलान- ग्रामीण इलाकों में दिन में 12 घंटे बिजली मिलेगी, सूखा प्रभावित किसानों को मिलेगा डीजल अनुदान
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बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में दिन के समय 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसान बिना किसी परेशानी के सिंचाई कार्य कर सकें। इसके साथ ही सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को डीजल अनुदान देने की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है। जहां पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है और सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है, वहां सिंचाई के लिए डीजल की अतिरिक्त जरूरत को देखते हुए सरकार अनुदान उपलब्ध कराएगी। इसका उद्देश्य किसानों की खेती का खर्च कम करना और फसलों को बचाना है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में दिन के समय निर्बाध बिजली उपलब्ध हो सके। सरकार का मानना है कि नियमित बिजली मिलने से किसानों को सिंचाई के लिए डीजल पंपों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा और कृषि कार्य आसान होगा।

वहीं, मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान विधानसभा में विपक्षी दलों के विधायक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में कुछ समय तक हंगामे की स्थिति बनी रही। विपक्ष सरकार से कई मुद्दों पर जवाब मांगता रहा, जबकि सत्ता पक्ष ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं को किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।

सदन की कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटकर नियमों के अनुसार चर्चा में भाग लेने की अपील की। हालांकि, कुछ समय तक विरोध जारी रहने के कारण कार्यवाही प्रभावित हुई। बाद में सदन की कार्यवाही नियमानुसार आगे बढ़ाई गई।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में घोषित अवधि के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है और डीजल अनुदान समय पर किसानों तक पहुंचता है, तो इससे सूखे की स्थिति से जूझ रहे किसानों को राहत मिल सकती है। हालांकि, इन घोषणाओं के प्रभाव का आकलन उनके क्रियान्वयन के बाद ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल विधानसभा का मानसून सत्र जारी है और सरकार तथा विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री की घोषणाओं के बाद अब किसानों की नजर इस बात पर है कि बिजली आपूर्ति और डीजल अनुदान से जुड़े फैसले जमीनी स्तर पर कितनी जल्दी लागू होते हैं।

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