साहिबाबाद स्टेशन पर मालगाड़ी बेपटरी होने से मेरठ-दिल्ली रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो गया। एक दर्जन से अधिक ट्रेनें घंटों देरी से चलीं, कई ट्रेनों का रूट बदला गया और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मेरठ: साहिबाबाद स्टेशन पर मालगाड़ी के बेपटरी होने से मेरठ-दिल्ली रेल मार्ग पर मंगलवार को रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। कई ट्रेनें घंटों की देरी से चलीं, जबकि कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया गया। अचानक हुए इस व्यवधान के कारण दैनिक यात्रियों के साथ लंबी दूरी के यात्रियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मालगाड़ी बेपटरी होने से रेल संचालन हुआ प्रभावित
साहिबाबाद स्टेशन पर मालगाड़ी के बेपटरी होने के बाद मेरठ-दिल्ली रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हो गया। इस घटना के कारण एक दर्जन से अधिक ट्रेनें निर्धारित समय से काफी देरी से चलीं, जबकि कई ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से रवाना किया गया। सुबह से ही मेरठ सिटी स्टेशन और मेरठ कैंट स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई और लोग अपनी ट्रेनों की जानकारी के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए।
![]()
रेलवे की ओर से अतिरिक्त पूछताछ व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी हुई। कई लोगों ने दिल्ली पहुंचने के लिए रोडवेज बसों और नमो भारत (रैपिड रेल) का सहारा लिया। हालांकि शाम तक रेल संचालन सामान्य होना शुरू हो गया, लेकिन अधिकांश ट्रेनें एक से डेढ़ घंटे की देरी से चलती रहीं।
कई ट्रेनों का बदला गया रूट
रेलवे ने परिचालन बनाए रखने के लिए कई ट्रेनों का मार्ग बदल दिया। योगनगरी ऋषिकेश से इंदौर जाने वाली उज्जैनी एक्सप्रेस को मेरठ से खुर्जा के रास्ते रवाना किया गया, जिससे गाजियाबाद, हजरत निजामुद्दीन, फरीदाबाद और मथुरा जैसे स्टेशनों पर इसका संचालन प्रभावित रहा।
उत्कल एक्सप्रेस को भी हापुड़, बुलंदशहर और अलीगढ़ के रास्ते भेजा गया। इसके अलावा अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, गोल्डन एक्सप्रेस और नंदा देवी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को भी परिवर्तित मार्ग से चलाया गया। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा।
घंटों लेट रहीं प्रमुख ट्रेनें
मंगलवार को कई प्रमुख ट्रेनें कई घंटे की देरी से अपने गंतव्य तक पहुंचीं। दिल्ली कैंट ट्रेन निर्धारित समय से करीब छह घंटे देर से पहुंची, जबकि सहारनपुर-दिल्ली एक्सप्रेस लगभग साढ़े चार घंटे की देरी से दिल्ली पहुंची।
हरिद्वार-दिल्ली एक्सप्रेस भी करीब पांच घंटे विलंबित रही। वहीं शालीमार एक्सप्रेस को मेरठ से दिल्ली पहुंचने में करीब आठ घंटे लग गए। इसके अलावा देहरादून-आनंद विहार और आनंद विहार-देहरादून वंदे भारत एक्सप्रेस भी लगभग सवा घंटे की देरी से संचालित हुई।
यात्रियों ने जताई नाराजगी
ट्रेनों की देरी और बार-बार रूट बदलने से यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली। कई यात्रियों ने बताया कि स्टेशन पर उन्हें सही जानकारी नहीं मिल सकी, जिससे परेशानी और बढ़ गई।
दिल्ली जाने वाले यात्री अभिषेक ने बताया कि शालीमार एक्सप्रेस मेरठ समय पर पहुंच गई थी, लेकिन दिल्ली पहुंचने में करीब आठ घंटे लग गए। वहीं नवीन कुमार ने कहा कि जरूरी काम होने के बावजूद ट्रेनें घंटों लेट थीं, इसलिए उन्हें बस से दिल्ली जाने का फैसला करना पड़ा। मथुरा जाने वाले शिव कुमार ने भी बताया कि ट्रेन का रूट बदलने की जानकारी उन्हें स्टेशन पहुंचने के बाद मिली और पूछताछ काउंटर पर भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रैक बहाल होने के बाद ट्रेनों का संचालन धीरे-धीरे सामान्य किया गया, लेकिन पूरे दिन यात्रियों को देरी और असुविधा का सामना करना पड़ा।








