बिहार के कई जिलों में इन दिनों रसोई गैस सिलेंडर को लेकर गंभीर संकट देखने को मिल रहा है। राजधानी पटना समेत कई शहरों में गैस की आपूर्ति प्रभावित हो गई है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पटना में गैस एजेंसियों का सर्वर डाउन होने के कारण सिलेंडर वितरण की प्रक्रिया बाधित हो गई है। इस तकनीकी समस्या के चलते उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है और कई एजेंसियों पर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं।
पटना में कई गैस एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ता सिलेंडर लेने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन सर्वर काम नहीं करने के कारण वितरण प्रक्रिया धीमी हो गई है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि सर्वर से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण नए कनेक्शन, बुकिंग और डिलीवरी से संबंधित काम प्रभावित हो रहे हैं। इस वजह से उपभोक्ताओं को इंतजार करना पड़ रहा है।
दरभंगा में इस समस्या को लेकर लोगों का गुस्सा भी देखने को मिला। वहां गैस एजेंसी के बाहर उपभोक्ताओं ने हंगामा किया। लोगों का कहना था कि कई दिनों से गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है और जब एजेंसी पर पहुंचते हैं तो घंटों इंतजार करना पड़ता है। कुछ उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें सही जानकारी भी नहीं दी जा रही है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ रही है।
दरभंगा में हंगामे के दौरान कई उपभोक्ताओं ने एजेंसी प्रबंधन से जल्द समाधान की मांग की। लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर घरेलू जरूरत की सबसे जरूरी चीजों में से एक है और इसके बिना घर की रसोई चलाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में यदि समय पर सिलेंडर नहीं मिले तो परिवारों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
जमुई में भी स्थिति कुछ ऐसी ही देखने को मिल रही है। वहां कई महिलाओं ने शिकायत की कि उन्हें गैस सिलेंडर लेने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। सुबह से ही महिलाएं एजेंसियों के बाहर कतार में खड़ी रहती हैं, लेकिन कई बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। महिलाओं का कहना है कि घर के कामकाज के साथ-साथ इतनी लंबी लाइन में लगना उनके लिए काफी मुश्किल हो जाता है।
कुछ महिलाओं ने बताया कि गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण उन्हें लकड़ी या कोयले के चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे न सिर्फ अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है बल्कि समय भी ज्यादा लगता है। वहीं धुएं की समस्या के कारण स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है।
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि सर्वर से जुड़ी समस्या के कारण वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई है। साथ ही कुछ जगहों पर गैस की आपूर्ति भी समय पर नहीं हो पा रही है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। उनका कहना है कि जैसे ही सर्वर की समस्या दूर होगी और आपूर्ति सामान्य होगी, स्थिति धीरे-धीरे ठीक हो जाएगी।
इस बीच प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर समस्या का समाधान कराने की कोशिश की जा रही है ताकि उपभोक्ताओं को जल्द राहत मिल सके।
गैस सिलेंडर संकट का असर केवल घरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि होटल, ढाबा और छोटे-छोटे खाने-पीने के कारोबार पर भी पड़ रहा है। कई दुकानदारों का कहना है कि गैस की कमी के कारण उन्हें अपने कामकाज में परेशानी हो रही है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो उनके व्यवसाय पर भी असर पड़ सकता है।
फिलहाल बिहार के कई जिलों में लोग गैस सिलेंडर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि जल्द ही सर्वर की समस्या दूर होगी और गैस की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी, जिससे रसोई से जुड़ी यह बड़ी परेशानी खत्म हो सकेगी।