बिहार में बड़ा शहरी बदलाव: 11 नए सैटेलाइट टाउन, जमीन पर रोक और सुरक्षा के लिए “पुलिस दीदी” योजना

बिहार सरकार ने 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप को मंजूरी दी है। जमीन खरीद-बिक्री पर रोक, पुलिस दीदी योजना और नए एयरपोर्ट व विकास परियोजनाओं को भी हरी झंडी मिली।

बिहार में 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप बनाने को मंजूरी दी गई है। कई जिलों में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक लगाई गई है। साथ ही 4700 पुलिस दीदी, नए एयरपोर्ट और बड़े विकास प्रोजेक्ट्स को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

पटना: बिहार सरकार ने राज्य के शहरी विकास और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप का विकास, जमीन खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक और महिला सुरक्षा के लिए बड़ी पहल शामिल है। ये फैसले आने वाले वर्षों में बिहार की शहरी संरचना और सामाजिक व्यवस्था को गहराई से प्रभावित कर सकते हैं।

11 नए सैटेलाइट टाउन से बदलेगा बिहार का शहरी नक्शा

राज्य सरकार ने बिहार में 11 आधुनिक सैटेलाइट टाउन विकसित करने की मंजूरी दी है। इन टाउनशिप का उद्देश्य बड़े शहरों पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करना और सुनियोजित शहरीकरण को बढ़ावा देना है। इन नए शहरों को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान देने के लिए प्राचीन नामों पर आधारित रखा जाएगा।

उदाहरण के तौर पर पटना के पास बनने वाली टाउनशिप को “पाटलिपुत्र” और सोनपुर के पास बनने वाले क्षेत्र को “हरिहरनाथपुर” नाम दिया जाएगा। नगर विकास विभाग इन क्षेत्रों का मास्टर प्लान तैयार करेगा, जिसमें कोर एरिया, स्पेशल जोन और भूमि उपयोग की विस्तृत योजना शामिल होगी।

11 क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक

सैटेलाइट टाउनशिप के व्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने इन 11 क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर के आसपास यह रोक 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी, जबकि मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, भागलपुर और छपरा के आसपास यह 30 जून 2027 तक प्रभावी रहेगी।

 इस कदम का उद्देश्य अनियोजित निर्माण और भूमि अतिक्रमण को रोकना है ताकि भविष्य में इन क्षेत्रों को आधुनिक शहरों के रूप में विकसित किया जा सके।

बिहार में बड़ा शहरी बदलाव: 11 नए सैटेलाइट टाउन, जमीन पर रोक और सुरक्षा के लिए “पुलिस दीदी” योजना

महिलाओं की सुरक्षा के लिए 4700 “पुलिस दीदी” तैनात होंगी

राज्य सरकार ने महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए “पुलिस दीदी” योजना शुरू की है। इसके तहत 4700 महिला पुलिसकर्मियों को स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर गश्त के लिए तैनात किया जाएगा। इसके लिए 1500 स्कूटी और 3200 मोटरसाइकिलें खरीदी जाएंगी, जिससे महिला पुलिसकर्मी तेजी से विभिन्न इलाकों में पहुंच सकेंगी। 

इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना और छेड़खानी जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है।

सड़क दुर्घटनाओं को आपदा घोषित करने का बड़ा फैसला

कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सामूहिक सड़क दुर्घटनाओं को अब स्थानीय आपदा की श्रेणी में शामिल कर दिया है। इसके तहत सड़क हादसों में मृतकों और घायलों को आपदा राहत कोष से सीधे मुआवजा दिया जाएगा। यह प्रावधान पुराने मामलों पर भी लागू होगा, जिससे पीड़ित परिवारों को त्वरित आर्थिक सहायता मिल सकेगी। यह कदम राहत वितरण प्रणाली को सरल और तेज बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

सोनपुर स्थित ऐतिहासिक बाबा हरिहरनाथ मंदिर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के लिए 680 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। 

इस कॉरिडोर से मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण होगा और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे सोनपुर को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान मिलने की उम्मीद है।

शिक्षा, रिसर्च और हवाई कनेक्टिविटी में बड़ा विस्तार

बिहार सरकार ने शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। पुनपुन में नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी का कैंपस स्थापित किया जाएगा, जबकि बेगूसराय में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) के लिए 20 एकड़ जमीन आवंटित की गई है।

 इसके अलावा IIT पटना में 305 करोड़ रुपये की लागत से रिसर्च पार्क विकसित किया जाएगा। साथ ही सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की भी योजना है, जिससे राज्य की एयर कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

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