पीएम मोदी के दिवंगत पिता पर खड़गे की टिप्पणी से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूंका पुतला, कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन

PM मोदी के दिवंगत पिता पर खड़गे की कथित टिप्पणी के विरोध मे भाजपा कार्यकर्ताओं ने गांधी चौक पर पुतला जलाया और कांग्रेस से राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की मांग की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता पर मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित टिप्पणी को लेकर बोकारो में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। गांधी चौक पर कांग्रेस अध्यक्ष का पुतला जलाया गया। भाजपा नेताओं ने टिप्पणी की निंदा करते हुए राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की मांग की।

बोकारो: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। झारखंड के बोकारो में भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध करते हुए गांधी चौक पर प्रदर्शन किया और खड़गे का पुतला जलाया। भाजपा बोकारो नगर अध्यक्ष विशाल गौतम के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में पार्टी के विभिन्न मोर्चों और स्थानीय इकाइयों के पदाधिकारी शामिल हुए। 

कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के नाम पर नेताओं के परिवारों को निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा के इस्तेमाल की मांग की।

गांधी चौक पर जुटे भाजपा कार्यकर्ता, खड़गे का पुतला जलाया

बोकारो नगर भाजपा की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन में कार्यकर्ता गांधी चौक पर एकत्र हुए। यहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ नारे लगाए और उनके बयान पर नाराजगी जताई। प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे विशाल गौतम ने कहा कि राजनीति में विचारधारा और नीतियों को लेकर मतभेद होना सामान्य बात है, लेकिन किसी व्यक्ति के दिवंगत परिजन के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणी करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक विरोध में व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा ले रही है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन सार्वजनिक मंचों से बोलते समय नेताओं को भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।

मल्लिकार्जुन खड़गे के किस बयान से शुरू हुआ विवाद?

इस विवाद की शुरुआत रविवार, 25 अक्टूबर को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम से हुई थी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। भाषण के दौरान खड़गे केंद्र सरकार, भाजपा और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सवाल उठा रहे थे। इसी बीच दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर टिप्पणी की।

खड़गे ने उस व्यक्ति को जवाब देते हुए प्रधानमंत्री के पिता का उल्लेख किया। भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का अपमान बताया और कांग्रेस अध्यक्ष के बयान की आलोचना शुरू कर दी। इसके बाद अलग-अलग राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए। 

कांग्रेस ने दिया स्पष्टीकरण, भाजपा ने मांगी माफी

भाजपा ने खड़गे की टिप्पणी को अनुचित बताते हुए कांग्रेस से माफी की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि किसी नेता से राजनीतिक असहमति के कारण उसके परिवार को विवाद में नहीं घसीटना चाहिए। दूसरी ओर, कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों का विरोध किया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के मुताबिक, पटना के कार्यक्रम में एक व्यक्ति ने पहले खड़गे के पिता के बारे में आपत्तिजनक बात कही थी।

कांग्रेस का दावा है कि खड़गे की प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री के पिता के लिए नहीं, बल्कि भाजपा की वैचारिक पृष्ठभूमि और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संदर्भ में थी। इस तरह दोनों दल बयान के अर्थ और उसकी परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग पक्ष रख रहे हैं। 

महिला मोर्चा और युवा कार्यकर्ताओं ने भी जताया विरोध

बोकारो में आयोजित प्रदर्शन में भाजपा महिला मोर्चा की मंजू सिंह और ममता गोस्वामी ने भी भाग लिया। उनके साथ महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री अर्चना सिंह, जिला मंत्री एंजेला सिंह और डॉ. परिंदा सिंह मौजूद रहीं। हरला मंडल अध्यक्ष ब्रज दुबे, बालीडीह मंडल अध्यक्ष जितेंद्र गोस्वामी, निवर्तमान अध्यक्ष बिनय किशोर और नगर उपाध्यक्ष कुमार राहुल भी प्रदर्शन में शामिल हुए।

भाजपा नेताओं ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति की गई कथित अभद्र टिप्पणी का विरोध करते रहेंगे। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से राजनीतिक बहस में व्यक्तिगत आरोपों और अपमानजनक भाषा से बचने की अपील की।

बोकारो भाजपा के कई पदाधिकारी प्रदर्शन में शामिल

विरोध प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य वीरभद्र सिंह, जिला उपाध्यक्ष संजय त्यागी, श्रीकांत राय, विवेक सिंह, प्रकाश कुमार और प्रकाश दास सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा नगर महामंत्री लाल बाबू कुमार, लाल बाबू सिंह, कोषाध्यक्ष ज्ञानचंद साहू, अमित सिंह, पुष्पा मिश्रा, मिथिलेश कुमार और युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध जताया।

स्थानीय पदाधिकारियों ने कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं को अपने बयानों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए। उनका मानना है कि व्यक्तिगत टिप्पणियों से जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।

कई राज्यों में भाजपा ने किया विरोध प्रदर्शन

खड़गे की टिप्पणी को लेकर विरोध केवल बोकारो तक सीमित नहीं रहा। सोमवार, 26 अक्टूबर को दिल्ली, पटना, लखनऊ, बेंगलुरु और जम्मू सहित कई शहरों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए। पटना में भाजपा नेताओं ने जन आक्रोश मार्च निकाला, जबकि दिल्ली में कार्यकर्ता कांग्रेस अध्यक्ष के आवास की ओर बढ़े। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने भी खड़गे के बयान की आलोचना की। 

फिलहाल इस मामले में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है। बोकारो में हुए प्रदर्शन के जरिए स्थानीय भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी पर अपना विरोध दर्ज कराया है।

Leave a comment