बॉम्बे हाईकोर्ट से Book My Show और PVR को बड़ी राहत, ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर सुविधा शुल्क की रोक हटी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के आदेशों को खारिज कर दिया है, अब BookMyShow और PVR जैसे प्लेटफॉर्म टिकट बुकिंग पर सुविधा शुल्क वसूल सकते हैं।

महाराष्ट्र में ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान वसूले जाने वाले सुविधा शुल्क (Convenience Fee) को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा 2013 और 2014 में जारी किए गए उन आदेशों को खारिज कर दिया है, जिनमें थिएटर मालिकों और टिकटिंग प्लेटफॉर्म्स को टिकट की मूल कीमत के अलावा अतिरिक्त शुल्क वसूलने से रोका गया था। इस फैसले के बाद BookMyShow, PVR और अन्य मल्टीप्लेक्स ऑपरेटर्स को बड़ी राहत मिली है।

हाईकोर्ट का यह फैसला पीवीआर लिमिटेड, बिग ट्री एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (BookMyShow) और फिक्की-मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद आया। इन कंपनियों ने राज्य सरकार के आदेशों को चुनौती दी थी, जिसमें ऑनलाइन बुकिंग पर सुविधा शुल्क वसूलने को गैरकानूनी बताया गया था।

क्या था मामला

बॉम्बे हाईकोर्ट से Book My Show और PVR को बड़ी राहत, ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर सुविधा शुल्क की रोक हटी

साल 2013 और 2014 में महाराष्ट्र सरकार ने ऐसे आदेश जारी किए थे, जिनमें थिएटर और ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म्स को टिकट की कीमत के अलावा कोई अतिरिक्त शुल्क वसूलने से मना किया गया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने 9 जुलाई 2014 को एक अंतरिम आदेश के जरिए इन आदेशों पर रोक लगा दी थी। तब से यह मामला कोर्ट में लंबित था और इसी दौरान थिएटर मालिकों ने सुविधा शुल्क वसूलना जारी रखा था।

अब कोर्ट ने अपने अंतिम फैसले में स्पष्ट किया कि सरकार के ये आदेश वैधानिक समर्थन से रहित थे और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) का उल्लंघन करते हैं, जो प्रत्येक नागरिक को व्यापार, व्यवसाय और पेशा अपनाने की स्वतंत्रता देता है।

कोर्ट ने क्या कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट से Book My Show और PVR को बड़ी राहत, ऑनलाइन टिकट बुकिंग पर सुविधा शुल्क की रोक हटी

जस्टिस महेश सोनक और जस्टिस जितेंद्र जैन की खंडपीठ ने कहा कि व्यवसाय से जुड़े लोगों को अपने बिजनेस के संचालन के तरीके तय करने का अधिकार है। यदि उन्हें यह स्वतंत्रता नहीं दी जाती, तो आर्थिक गतिविधियों पर बुरा असर पड़ेगा और कारोबार ठप हो सकते हैं।

कोर्ट ने यह भी कहा कि ग्राहक के पास पूरा विकल्प है—वह चाहे तो थिएटर जाकर टिकट खरीद सकता है या फिर ऑनलाइन बुकिंग के जरिए सुविधा शुल्क अदा करके टिकट प्राप्त कर सकता है। किसी पर ऑनलाइन माध्यम अपनाने के लिए जोर नहीं दिया गया है, ऐसे में यह सुविधा वैकल्पिक है, न कि अनिवार्य।

याचिकाकर्ताओं की दलीलें भी कोर्ट ने मानीं

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में यह दलील दी कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग एक अतिरिक्त सुविधा है, जिसके लिए तकनीक, सर्वर, प्लेटफॉर्म और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश किया जाता है। ऐसे में, अगर उपभोक्ता इस सुविधा का लाभ लेना चाहता है, तो उस पर एक मामूली शुल्क लेना पूरी तरह जायज है।

उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अगर कोई उपभोक्ता यह शुल्क नहीं देना चाहता, तो वह थिएटर जाकर सीधे बॉक्स ऑफिस से टिकट खरीद सकता है। कोर्ट ने इन दलीलों से सहमति जताते हुए कहा कि उपभोक्ता को दोनों विकल्प खुले हैं और किसी तरह की बाध्यता नहीं है।

अब क्या होगा

इस फैसले के बाद अब BookMyShow, PVR और अन्य ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म्स पर सुविधा शुल्क वसूलने को लेकर कोई कानूनी अड़चन नहीं रह गई है। यह फैसला न केवल इन कंपनियों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि पूरे मल्टीप्लेक्स सेक्टर के लिए एक मिसाल भी बन सकता है।

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