झारखंड के बोकारो जिले के नया मोड़ बस स्टैंड पर पुलिस ने 47 किलो गांजा बरामद किया है। गुप्त सूचना पर की गई छापेमारी में सामने आया कि इसे बस के जरिए बिहार भेजने की तैयारी थी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 47 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। यह कार्रवाई नया मोड़ बस स्टैंड क्षेत्र में की गई, जहां से नशे की यह बड़ी खेप बिहार भेजने की तैयारी थी। बरामद गांजे की अनुमानित बाजार कीमत 5 से 6 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस की इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
गुप्त सूचना पर शुरू हुई कार्रवाई
पुलिस को 9 मई की शाम गुप्त सूचना मिली थी कि बीएस सिटी थाना क्षेत्र के नया मोड़ बस स्टैंड से बस के माध्यम से गांजे की बड़ी खेप बिहार भेजी जाने वाली है।
सूचना मिलते ही बोकारो पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने किया।
बस स्टैंड से दो बोरे बरामद, 47 किलो गांजा जब्त
छापेमारी टीम ने नया मोड़ स्थित पवनसुत बस पड़ाव पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान चबूतरे पर संदिग्ध अवस्था में रखे गए दो प्लास्टिक के बोरे पुलिस के शक के घेरे में आए।
जांच करने पर दोनों बोरों से 47 पैकेट में पैक किया गया कुल 47 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, यह खेप पूरी तरह से बस के जरिए बिहार भेजने के लिए तैयार की गई थी।

अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का शक
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह मामला किसी स्थानीय नहीं, बल्कि संगठित अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। गांजे की सप्लाई झारखंड से बिहार भेजे जाने की योजना थी, जहां इसकी मांग अधिक मानी जाती है।
पुलिस को शक है कि इस रैकेट में कई लोग शामिल हैं, जो अलग-अलग राज्यों में सक्रिय हैं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
इस मामले में बीएस सिटी थाना में कांड संख्या 89/26 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज (NDPS) एक्ट की धारा 20(b)(ii)(C) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने कहा है कि यह धारा गंभीर मादक पदार्थ तस्करी से संबंधित मामलों में लगाई जाती है, जिसमें सख्त सजा का प्रावधान है।
दो संदिग्धों की पहचान, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
जांच के दौरान पुलिस को दो संदिग्ध तस्करों के नाम सामने आए हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है। हालांकि, दोनों फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों का दुरुपयोग
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि तस्कर अब बस स्टैंड और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का इस्तेमाल नशे की सप्लाई के लिए कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत है ताकि अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
पुलिस की सख्ती जारी, अभियान तेज
बोकारो पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस कार्रवाई को नशा मुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे तस्करों में हड़कंप मच गया है।











