भारत की अध्यक्षता में आयोजित BRICS Foreign Ministers Meeting 2026 में शामिल होने के लिए ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम पहुंचे। इस दौरान भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
नई दिल्ली: भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान वैश्विक कूटनीति का बड़ा दृश्य देखने को मिला, जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भारत पहुंचे। इस दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह उच्चस्तरीय बैठक ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक राजनीति में पश्चिम एशिया से लेकर एशिया-प्रशांत तक कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। अमेरिका, चीन और मध्य पूर्व की कूटनीतिक गतिविधियों के बीच भारत इस बहुपक्षीय मंच का नेतृत्व कर रहा है।
भारत की मेजबानी में BRICS बैठक
भारत इस वर्ष BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहा है, जिसमें सदस्य देशों के साथ-साथ कई आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं। इस बैठक का उद्देश्य वैश्विक आर्थिक सहयोग, सुरक्षा मुद्दों और बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार पर चर्चा करना है। इस बैठक में संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया, इथियोपिया और थाईलैंड जैसे देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए, जिससे यह बैठक और अधिक व्यापक वैश्विक संवाद का मंच बन गई है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में तनाव और कूटनीतिक अस्थिरता बनी हुई है। उनकी भारत यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा करना बताया जा रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, अराघची इस दौरे के दौरान BRICS मंच से जुड़े नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इनमें क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग, व्यापार और बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दे शामिल रहेंगे।
भारत-ईरान संबंधों पर फोकस
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भारत और ईरान के बीच संबंध लंबे समय से ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक आधारों पर टिके हुए हैं। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को लेकर लगातार संवाद जारी रहता है। इस यात्रा के दौरान उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों के बीच:
- क्षेत्रीय स्थिरता
- समुद्री सुरक्षा
- ऊर्जा आपूर्ति
- और व्यापार मार्गों की सुरक्षा
जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। ईरानी उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी भी हाल ही में नई दिल्ली पहुंचे थे, जहां उन्होंने भारतीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय वार्ता की। उन्होंने भारत को “विश्वसनीय मित्र” बताते हुए कहा था कि दोनों देश मिलकर क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।









