CBSE 10वीं और 12वीं रिजल्ट 2026 मई में जारी होने की उम्मीद है। छात्र आधिकारिक वेबसाइट, DigiLocker, UMANG ऐप और SMS के जरिए आसानी से नतीजे देख सकेंगे। पास होने के लिए हर विषय में कम से कम 33% अंक जरूरी हैं, साथ ही मार्कशीट में सभी जरूरी अकादमिक डिटेल्स शामिल होंगी।
CBSE Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 10वीं और 12वीं के नतीजे मई 2026 में जारी कर सकता है, जिन्हें छात्र cbse.gov.in और results.cbse.nic.in पर ऑनलाइन चेक कर पाएंगे। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र DigiLocker, UMANG ऐप और SMS जैसे विकल्पों का भी उपयोग कर सकेंगे। बोर्ड की ओर से आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन तैयारियां अंतिम चरण में हैं। छात्रों के लिए पासिंग क्राइटेरिया के तहत हर विषय में न्यूनतम 33% अंक अनिवार्य होंगे।
कब आएगा CBSE Result 2026 और कहां देखें?
CBSE आमतौर पर बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम मई महीने में जारी करता है और इस बार भी यही ट्रेंड देखने को मिल सकता है। हालांकि, बोर्ड की ओर से अभी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन तैयारियां अंतिम चरण में मानी जा रही हैं।
रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र cbse.gov.in और results.cbse.nic.in पर जाकर अपने रोल नंबर, स्कूल कोड और अन्य जरूरी डिटेल्स के जरिए नतीजे चेक कर सकेंगे। वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक की स्थिति में वैकल्पिक प्लेटफॉर्म भी मददगार साबित होंगे।
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DigiLocker और ऐप से ऐसे देखें मार्कशीट
रिजल्ट के दिन DigiLocker सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक माना जाता है। छात्र DigiLocker ऐप या वेबसाइट पर लॉगिन करके “Issued Documents” सेक्शन में जाकर अपनी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए मोबाइल नंबर, सिक्योरिटी PIN और OTP वेरिफिकेशन की जरूरत होती है।
इसके अलावा UMANG ऐप, SMS और IVRS सुविधा के जरिए भी रिजल्ट देखा जा सकता है। ये विकल्प खासतौर पर तब काम आते हैं जब वेबसाइट स्लो हो या ओपन न हो रही हो।
मार्कशीट में क्या होगा और पासिंग मार्क्स कितने हैं?
CBSE की मार्कशीट में छात्र का नाम, रोल नंबर, जन्मतिथि, स्कूल का नाम और कोड जैसी अहम जानकारी दी जाती है। इसके साथ ही हर विषय के अंक, ग्रेड, पास या फेल स्टेटस और कुल प्रतिशत या CGPA भी शामिल होता है।
बोर्ड के नियम के अनुसार पास होने के लिए हर विषय में कम से कम 33% अंक जरूरी होते हैं। जिन विषयों में थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों होते हैं, उनमें अलग-अलग पास होना अनिवार्य है। जरूरत पड़ने पर बोर्ड कुछ मामलों में ग्रेस मार्क्स भी दे सकता है।










