छात्रों ने एग्जाम में जवाबों की जगह शायरी लिखी, यूनिवर्सिटी ने समीक्षा के दौरान देखा अनोखा मामला

प्रयागराज विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा में 5 हजार कॉपियों में शायरी, गाने और गालियां लिखने वाले छात्रों को शून्य अंक देकर फेल किया गया।

प्रयागराज की प्रोफेसर राजेंद्र सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी में सेमेस्टर परीक्षा में करीब 5 हजार कॉपियों में छात्रों ने सवालों के जवाब देने की बजाय शायरी, गाने और गालियां लिख दीं। ऐसे छात्रों को शून्य अंक देकर फेल कर दिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित छात्रों की सूची तैयार की और भविष्य में सख्त नियम लागू करने की चेतावनी दी।

प्रयागराज विश्वविद्यालय सेमेस्टर परीक्षा: प्रयागराज विश्वविद्यालय में 2026 की सेमेस्टर परीक्षा के दौरान करीब 5 हजार कॉपियों में छात्रों ने उत्तर देने की बजाय शायरी, गाने और गालियां लिख दीं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन छात्रों को शून्य अंक देकर फेल कर दिया और कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छात्रों और अभिभावकों को स्थिति समझाने के लिए नोटिस भेजा जा सकता है, जबकि प्रदर्शन और विवाद ने पूरे परिणाम को प्रभावित किया।

5 हजार कॉपियों में शायरी और गालियों का मामला

प्रयागराज की प्रोफेसर राजेंद्र सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी में सेमेस्टर परीक्षा में करीब 5 हजार कॉपियों में छात्रों ने सवालों के जवाब देने की बजाय शायरी, गाने और गालियां लिख दीं। इसके चलते इन छात्रों को शून्य अंक देकर फेल कर दिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे गंभीर मामला मानते हुए संबंधित छात्रों की सूची तैयार की और उनकी कॉपियों को अलग रखा।

कुलपति प्रोफेसर अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा एक गंभीर प्रक्रिया है और इसमें इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। छात्रों का कहना था कि उनकी कॉपियां ठीक से जांची नहीं गई, लेकिन विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि मूल्यांकन पूरी ईमानदारी से किया गया।

छात्रों ने एग्जाम में जवाबों की जगह शायरी लिखी, यूनिवर्सिटी ने समीक्षा के दौरान देखा अनोखा मामला

कॉपियों में मिली अजीब सामग्री

शिक्षकों ने मूल्यांकन के दौरान पाया कि कई छात्रों ने सवालों के सही जवाब देने की बजाय फिल्मी गाने, शायरी और अपशब्द लिखे थे। कुछ छात्रों ने पूरे सवाल ही कॉपी में दोबारा लिख दिए, लेकिन जवाब नहीं दिया। वहीं कुछ कॉपियों में यह भी लिखा गया कि छात्र बीमार थे या जवाब याद नहीं था, इसलिए उन्हें पास किया जाए।

इस तरह की अनियमितताओं के कारण इस बार विश्वविद्यालय का कुल परिणाम पिछले साल 89 प्रतिशत से घटकर लगभग 82 प्रतिशत हो गया। यह स्पष्ट करता है कि छात्रों के व्यवहार ने परिणाम पर भी असर डाला।

रिजल्ट और छात्रों की प्रतिक्रिया

रिजल्ट जारी होते ही हजारों छात्र फेल पाए गए और विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। छात्र कह रहे थे कि उन्हें गलत तरीके से फेल किया गया, जबकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए मामले की जानकारी सार्वजनिक की।

कुलपति ने चेतावनी दी कि जिन छात्रों ने कॉपियों में शायरी और गालियां लिखीं, उनके अभिभावकों को नोटिस भेजा जा सकता है। विश्वविद्यालय ने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएंगे।

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