महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव 2026 के बीच सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में तनाव बढ़ता जा रहा है। भाजपा ने अपने सहयोगी दल एनसीपी के खिलाफ चुनाव आयोग (EC) में शिकायत दर्ज कराई है।
मुंबई: महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के बीच सियासी पारा चरम पर है और इसका असर सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन पर भी साफ नजर आ रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान जहां भाजपा, अजित पवार की पार्टी एनसीपी पर हमलावर है, वहीं अजित पवार भी आक्रामक तेवरों में दिखाई दे रहे हैं। महायुति के भीतर आपसी खींचतान और मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। इसी बीच अब भाजपा ने अपने सहयोगी दल एनसीपी के खिलाफ चुनाव आयोग का रुख किया है, जिससे गठबंधन में तनाव और बढ़ गया है।
महायुति में बढ़ती तकरार
महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा और एनसीपी के बीच राजनीतिक खींचतान साफ दिखाई दे रही है। भाजपा जहां एनसीपी और अजित पवार पर चुनावी प्रचार में आक्रामक रुख अपना रही है, वहीं एनसीपी भी पूरी ताकत से जवाब दे रही है। महायुति गठबंधन में यह आपसी झगड़े गठबंधन की छवि पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
भाजपा के महासचिव राजेश पांडे ने बताया कि पुणे में नगर निकाय चुनावों से पहले एनसीपी और अन्य पार्टियों द्वारा लगाए गए अवैध होर्डिंग्स और फ्लेक्स बैनर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करते हैं। इसके चलते भाजपा ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है और शहर को बैनर-पोस्ट मुक्त बनाने का संकल्प लिया है।

भाजपा का बैनर-पोस्ट मुक्त अभियान
भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे शहर में फ्लेक्स होर्डिंग्स न लगाएं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था कि अनाधिकृत होर्डिंग्स और फ्लेक्स-बैनर से शहर की सुंदरता खराब होती है। इस बयान के बाद भाजपा ने पुणे में अभियान शुरू कर शहर को बैनर-पोस्ट मुक्त बनाने की पहल की।
राजेश पांडे ने कहा, नगर निगम चुनावों के मद्देनजर एनसीपी और अन्य दल पूरे शहर में अनाधिकृत बैनर और होर्डिंग्स लगा रहे हैं। यह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। हमने चुनाव आयोग से इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है।
फडणवीस ने साधा अजित पवार पर निशाना
इससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनसीपी ने पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम चुनावों में सहयोगी के रूप में चुनाव नहीं लड़ने पर पहले ही सहमति जताई थी। फडणवीस ने कहा, “हालांकि हमने दोनों क्षेत्रों में अलग-अलग चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था, लेकिन एनसीपी ने सहयोगी के खिलाफ प्रचार करते हुए भाजपा की आलोचना की।
यह सौहार्दपूर्ण चुनावी समझौते के विपरीत है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा और एनसीपी पहले ही यह तय कर चुके थे कि दोनों दल मजबूत क्षेत्रों में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगे।










