झारखंड के खूंटी जिले में पुलिस और पीएलएफआई उग्रवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में संगठन का कमांडर श्रवण दास घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए भेज दिया है, जबकि इलाके में सर्च अभियान जारी है।
Jharkhand: झारखंड के खूंटी जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। कर्रा-जरियागढ़ सीमा क्षेत्र के तिलमी जंगल में पुलिस और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के बीच हुई मुठभेड़ में संगठन का सक्रिय कमांडर श्रवण दास घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया है और क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी रखा है।
गुप्त सूचना के बाद शुरू किया गया अभियान
पुलिस को सूचना मिली थी कि पीएलएफआई का कमांडर Shravan Das कर्रा थाना क्षेत्र में सक्रिय है और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष अभियान दल का गठन किया गया।
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अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने तिलमी जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान पुलिस टीम का सामना उग्रवादियों से हो गया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई।
मुठभेड़ में घायल हुआ कमांडर
मुठभेड़ के दौरान श्रवण दास गोली लगने से घायल हो गया। सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया और हिरासत में ले लिया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार घायल उग्रवादी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की वांछित सूची में शामिल था और उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
हथियार और दस्तावेज हुए बरामद
जरियागढ़ थाना क्षेत्र में चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस ने कई हथियार और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। अधिकारियों के अनुसार मौके से चार पिस्टल, कई देशी कट्टे और एक दर्जन से अधिक जिंदा कारतूस मिले हैं।
इसके अलावा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। बरामद डायरी में कथित तौर पर विभिन्न ठेकेदारों के मोबाइल नंबर और संभावित आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां दर्ज मिली हैं। पुलिस इन दस्तावेजों की विस्तार से जांच कर रही है।
पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार श्रवण दास को पहले एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान उसने कथित रूप से हथियारों के छिपे होने की जानकारी दी थी, जिसके आधार पर पुलिस टीम छापेमारी के लिए गई थी।
बताया जा रहा है कि वापसी के दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी का पिस्टल छीन लिया और जंगल की ओर भागने का प्रयास किया। इसी दौरान फायरिंग हुई, जिसमें वह घायल हो गया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
लंबे समय से वांछित था श्रवण दास
पुलिस के अनुसार श्रवण दास कर्रा और तोरपा क्षेत्र में सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ रंगदारी, गोलीबारी, आगजनी और निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को धमकाने जैसे कई मामले दर्ज हैं।
सुरक्षा एजेंसियां उसे लंबे समय से तलाश रही थीं। अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से क्षेत्र में उग्रवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
जंगल में जारी है सर्च ऑपरेशन
मुठभेड़ के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। आशंका है कि संगठन के अन्य सदस्य भी आसपास के जंगलों में छिपे हो सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान अभी जारी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस का लक्ष्य संगठन से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान कर उन्हें भी कानून के दायरे में लाना है।








