Delhi: सभापति धनखड़ का बयान, कहा - 'संसद की गरिमा महत्वपूर्ण', सदस्यों को दिए दिशा-निर्देश

राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने संसद की गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने सदस्यों से नियमों के तहत मुद्दे उठाने का आह्वान किया। सभापति जगदीप धनखड़

राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि संसद की गरिमा और परंपरा बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने सभापति के फैसलों का सम्मान करने पर जोर दिया और कहा कि सभी सदस्यों को नियमों के तहत मुद्दे उठाने का अवसर मिलेगा।

New Delhi: राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को सदन की परंपराओं और गरिमा का पालन करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सभापति द्वारा दिए गए फैसलों का सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उन्हें मतभेदों का कारण बनाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने राज्यसभा के सदस्यों से उत्पादकता बढ़ाने और चर्चा, संवाद, और नियमों के पालन के माहौल को प्रोत्साहित करने की अपील की।

सदन की गरिमा और परंपरा को बनाए रखना जरूरी: सभापति

Delhi: सभापति धनखड़ का बयान, कहा - 'संसद की गरिमा महत्वपूर्ण', सदस्यों को दिए दिशा-निर्देश

धनखड़ ने कहा कि राज्यसभा को हमेशा उच्च सदन और वरिष्ठों का सदन माना गया है, इसलिए सभी को इसकी गरिमा बनाए रखने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने संविधान के अंगीकार के इस ऐतिहासिक मौके पर, सदस्यों को सदन के भीतर जिम्मेदारी और सम्मान की भावना को बढ़ाने का आह्वान किया।

सभा में नियमों का हो पालन 

सभापति ने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्यसभा में सभी मुद्दों को नियमों के तहत उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सदस्य को नियमों के तहत अपने मुद्दे उठाने का अवसर मिलेगा, और ऐसे मुद्दों को अस्वीकार करना एक आवश्यकता बन गई है, ताकि सदन की कार्यवाही व्यवस्थित रहे।

विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव और हंगामा

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विपक्ष के कई सांसदों ने अडाणी अभियोग और उत्तर प्रदेश के संभल में हुए बवाल पर चर्चा की मांग करते हुए राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किए। कांग्रेस ने इन मुद्दों पर चर्चा की मांग की और इसके कारण राज्यसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया। कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने अडानी मुद्दे पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत स्थगन नोटिस दिया था।

स्थगन प्रस्ताव पर सभापति का बयान

सभापति ने कहा कि पिछले 30 वर्षों में विभिन्न सरकारें आईं, लेकिन स्थगन प्रस्ताव की संख्या कभी एकल अंक से अधिक नहीं हुई। उन्होंने राज्यसभा में विपक्ष द्वारा प्रस्तुत स्थगन प्रस्तावों को अस्वीकार करने के कारण पर भी चर्चा की।

विपक्ष ने अडाणी, संभल और मणिपुर मुद्दों पर चर्चा की मांग की थी, जिसके कारण संसद में भारी हंगामा हुआ। इसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही को कल सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

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