कभी परिवार की आर्थिक मदद के लिए छोटे-मोटे काम करने वाले और संघर्षों से भरी जिंदगी जीने वाले Kunal Shah आज दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक WhatsApp के नए वैश्विक प्रमुख (Global Head) बन गए हैं।
बिजनेस न्यूज़: भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में कुछ नाम ऐसे हैं जिन्होंने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और नवाचार के दम पर अलग पहचान बनाई है। उनमें से एक नाम है कुणाल शाह का। एक साधारण परिवार से निकलकर देश के सबसे चर्चित उद्यमियों में शामिल होने तक का उनका सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।
कुणाल शाह की कहानी केवल कारोबारी सफलता की नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मविश्वास और लगातार सीखते रहने की सोच की भी कहानी है। उन्होंने अपने जीवन में कई आर्थिक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन परिस्थितियों को कभी अपनी प्रगति के रास्ते में नहीं आने दिया।
आर्थिक चुनौतियों के बीच शुरू हुआ संघर्ष
कुणाल शाह का बचपन आसान नहीं था। परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें कम उम्र में ही काम करना शुरू करना पड़ा। किशोरावस्था के दौरान उन्होंने विभिन्न छोटे-मोटे काम किए, जिनमें डिलीवरी से जुड़े कार्य, डेटा एंट्री और अन्य अस्थायी नौकरियां शामिल थीं। इन शुरुआती अनुभवों ने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि लोगों की जरूरतों और बाजार की वास्तविकताओं को समझने का अवसर भी दिया। यही अनुभव आगे चलकर उनके उद्यमी दृष्टिकोण की नींव बने।
शिक्षा से ज्यादा सीखने पर दिया जोर
कुणाल शाह ने मुंबई के विल्सन कॉलेज से दर्शनशास्त्र (फिलॉसफी) की पढ़ाई की। बाद में उन्होंने प्रबंधन की पढ़ाई शुरू की, लेकिन पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से संतुष्ट न होने के कारण उन्होंने उसे बीच में ही छोड़ दिया। कुणाल का मानना रहा है कि सीखना केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। वे अक्सर कहते हैं कि जिज्ञासा, समस्या को समझने की क्षमता और लगातार सीखते रहने की मानसिकता किसी भी डिग्री से अधिक महत्वपूर्ण होती है।
फ्रीचार्ज से मिली बड़ी पहचान

भारतीय डिजिटल भुगतान क्रांति के शुरुआती दौर में कुणाल शाह ने फिनटेक प्लेटफॉर्म "फ्रीचार्ज" की स्थापना की। उस समय मोबाइल रिचार्ज को डिजिटल माध्यम से आसान बनाने का विचार नया था। फ्रीचार्ज ने तेजी से लोकप्रियता हासिल की और भारत के सबसे सफल स्टार्टअप्स में शामिल हो गया। बाद में कंपनी का अधिग्रहण एक बड़े वित्तीय संस्थान द्वारा किया गया, जिससे कुणाल शाह भारतीय स्टार्टअप जगत के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।
CRED ने बदली फिनटेक इंडस्ट्री की तस्वीर
फ्रीचार्ज की सफलता के बाद भी कुणाल शाह नहीं रुके। वर्ष 2018 में उन्होंने CRED की स्थापना की, जो समय पर क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान करने वाले ग्राहकों को विशेष लाभ और रिवॉर्ड प्रदान करने वाला प्लेटफॉर्म है। शुरुआत में इस मॉडल को लेकर कई सवाल उठे, लेकिन समय के साथ CRED ने भारत के प्रीमियम उपभोक्ता वर्ग के बीच मजबूत पहचान बना ली। आज यह देश की प्रमुख फिनटेक कंपनियों में गिनी जाती है और करोड़ों उपयोगकर्ताओं का भरोसा हासिल कर चुकी है।
कुणाल शाह की सबसे बड़ी विशेषता उनकी अलग सोच और भविष्य को लेकर स्पष्ट दृष्टिकोण है। वे तकनीक, उपभोक्ता व्यवहार और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर अपने विचारों के लिए भी जाने जाते हैं। स्टार्टअप जगत में उन्हें केवल एक संस्थापक के रूप में नहीं, बल्कि एक विचारक और मार्गदर्शक के रूप में भी देखा जाता है। कई युवा उद्यमी उनके इंटरव्यू, व्याख्यान और सोशल मीडिया पोस्ट से प्रेरणा लेते हैं।
युवाओं के लिए सीख
कुणाल शाह की यात्रा यह साबित करती है कि सफलता केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि सही दृष्टिकोण, मेहनत और निरंतर सीखने की इच्छा से हासिल की जा सकती है। सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की क्षमता ही किसी व्यक्ति को अलग बनाती है। आज भारत दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप हब्स में से एक बन चुका है और कुणाल शाह जैसे उद्यमियों ने इस परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने दम पर कुछ बड़ा हासिल करने का सपना देखते हैं।











