दिल्ली सरकार ने 2026-27 का बजट पेश करते हुए परिवहन क्षेत्र में 8,374 करोड़ रुपये आवंटित किए। नई EV पॉलिसी, 7,500 बसें, मेट्रो और RRTS परियोजनाओं से यात्रा तेज और प्रदूषण कम होगा।
Delhi Budget: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026 का बजट पेश करते हुए परिवहन क्षेत्र में विशेष जोर दिया है। इस बार बजट में देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पॉलिसी लाने की घोषणा की गई है। सरकार का उद्देश्य दिल्ली को प्रदूषण-मुक्त और आधुनिक परिवहन व्यवस्था वाला शहर बनाना है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए परिवहन विभाग के लिए 8,374 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट के माध्यम से न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि नागरिकों को तेज, सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल सफर मिलेगा। सरकार ने मार्च 2027 तक कुल 7,500 बसें चलाने का लक्ष्य रखा है, जिनमें से 5,800 इलेक्ट्रिक होंगी। यह देश में सबसे बड़ा EV विस्तार है, जो दिल्ली की सड़कों पर लंबे समय तक टिकाऊ परिवहन का विकल्प देगा।
इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार
सरकार ने पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 6,130 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों को चरणबद्ध तरीके से संचालित करने का निर्णय लिया है। मार्च 2027 तक दिल्ली में कुल 7,500 बसें दौड़ेंगी, जिनमें से 5,800 इलेक्ट्रिक होंगी। सरकार का लंबी अवधि का लक्ष्य वर्ष 2029 तक दिल्ली की सड़कों पर 12,000 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करना है।
इस पॉलिसी से न केवल वायु प्रदूषण कम होगा बल्कि ईंधन पर खर्च भी घटेगा। इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार से दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और स्मार्ट शहर बनने की दिशा में भी कदम बढ़ेंगे।
मेट्रो और RRTS परियोजनाओं को मजबूती
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की चरण-फोर परियोजनाओं और अन्य विकास कार्यों के लिए 2,885 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने दो नए नमो भारत कॉरिडोर (दिल्ली-एसएनबी और दिल्ली-पानीपत-सोनीपत) को मंजूरी दी है।
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आरआरटीएस (Regional Rapid Transit System) के लिए 568 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इन परियोजनाओं से एनसीआर में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, यात्रा समय में 60 प्रतिशत तक की बचत होगी और प्रदूषण भी कम होगा। ये परियोजनाएं न केवल यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाएंगी बल्कि क्षेत्रीय विकास में भी मदद करेंगी।
इलेक्ट्रिक वाहन नीति और इंफ्रास्ट्रक्चर
दिल्ली इलेक्ट्रिक वेहिकल पॉलिसी 2.0 के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत बवाना, गाजीपुर, सवदा घेवरा, जीटी करनाल रोड और दिचाओं कलां में पांच नए ऑटोमेटिक टिकटिंग सिस्टम (ATS) स्थापित किए जाएंगे। इन सिस्टम्स की लागत 50 करोड़ रुपये रखी गई है।
साथ ही बस डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य कैपिटल कार्यों के इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए 320 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इस निवेश से दिल्ली की बस सेवाएं अधिक सस्टेनेबल और पर्यावरण-अनुकूल बनेंगी।
ट्रैफिक जाम से मुक्ति के लिए नई पहल
दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने फ्लाईओवर, एलिवेटेड रोड्स और एक नई समानांतर रिंग रोड (Parallel Ring Road) बनाने की योजना बनाई है। इस रोड की फिजिबिलिटी स्टडी के लिए 10 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई सड़क परियोजनाओं और EV पॉलिसी से दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था स्मार्ट, तेज और सुरक्षित बनेगी। इसके अलावा यह कदम पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण कम करने में भी मदद करेगा।
बजट में समग्र सुधार
बजट में केवल बस और सड़क परिवहन पर ही जोर नहीं दिया गया है, बल्कि शहर के स्मार्ट और सस्टेनेबल विकास के लिए कई अन्य निवेश भी शामिल किए गए हैं। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था न केवल प्रदूषण मुक्त बल्कि तकनीकी दृष्टि से उन्नत भी हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट के माध्यम से दिल्लीवासियों को तेज और सुलभ परिवहन मिले, जिससे यात्रा का समय कम होगा और दैनिक जीवन आसान होगा। EV पॉलिसी और नई सड़क परियोजनाओं से नागरिकों को प्रदूषण-मुक्त सफर मिलेगा और दिल्ली का परिवहन नेटवर्क भविष्य के लिए तैयार होगा।








