ईरान ने नियुक्त किया सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया सचिव, जानें किसे मिली जिम्मेदारी

बागेर जोलघाद्र को ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया सचिव नियुक्त किया गया। उनके अनुभव से राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीति को मजबूती मिलेगी।

ईरान ने बागेर जोलघाद्र को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव नियुक्त किया। पहले IRGC ब्रिगेडियर जनरल और प्रशासनिक पदों पर रह चुके बागेर की जिम्मेदारी राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक निर्णयों में अहम होगी।

World News: ईरान ने हाल ही में मोहम्मद बागेर जोलघाद्र को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (Supreme National Security Council) का नया सचिव नियुक्त किया है। जोलघाद्र पहले रिवोल्यूशनरी गार्ड के ब्रिगेडियर जनरल और एक्सपीडिएंसी काउंसिल के सचिव रह चुके हैं। उन्हें अली लारीजानी की जगह इस पद पर तैनात किया गया है, जिनकी हाल ही में एक हवाई हमले में मौत हो गई थी।

बागेर जोलघाद्र का नाम ईरानी सुरक्षा और राजनीतिक परिदृश्य में लंबे समय से जुड़ा हुआ है। उनका अनुभव रिवोल्यूशनरी गार्ड और ईरान की न्यायपालिका में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहा है। इस नियुक्ति के बाद उनकी भूमिका देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक निर्णयों में अहम साबित होगी।

बागेर जोलघाद्र का सैन्य अनुभव

बागेर जोलघाद्र ने अपने करियर की शुरुआत 1980 के दशक में की। उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एजुकेशनल डिवीजन को को-हेड किया। इसके बाद उन्होंने IRGC के वारफेयर हेडक्वार्टर में कमांडर के रूप में कार्य किया। 2007 में उन्हें बसीज संबंधी मामलों के लिए ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ का उप-प्रमुख नियुक्त किया गया।

उनकी सैन्य भूमिका केवल रिवोल्यूशनरी गार्ड तक सीमित नहीं रही। 2010 से बागेर मुख्य न्यायाधीश सादेघ लारीजानी के सलाहकार के रूप में कार्य करने लगे। 14 मई 2012 को उन्हें रणनीतिक मामलों के लिए न्यायपालिका का उप-प्रमुख नियुक्त किया गया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य रणनीति और विदेश नीति से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

बागेर ने अली लारीजानी की जगह ली है, जिनकी हाल ही में मौत हो गई थी। लारीजानी के निधन के बाद, उनके पद को संभालना बागेर के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा, क्योंकि इस पद में देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा पर नजर रखना शामिल है।

शैक्षिक पृष्ठभूमि और प्रारंभिक जीवन

बागेर का जन्म 1954 में ईरान के शिराज के पास फासा शहर में हुआ। उन्होंने तेहरान यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की और इकोनॉमिक्स में बैचलर की डिग्री हासिल की। उनकी प्रारंभिक जीवन में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी रही। इस्लामिक क्रांति से पहले बागेर 'मंसूरून' गुरिल्ला समूह से जुड़े थे, जो उस समय सक्रिय एक इस्लामी उग्रवादी संगठन था।

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उनकी शिक्षा और शुरुआती राजनीतिक सक्रियता ने उन्हें सैन्य और प्रशासनिक भूमिका के लिए तैयार किया। बागेर की रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता उन्हें IRGC में उच्च पदों तक पहुँचाने में मददगार रही।

राजनयिक संबंध

बागेर जोलघाद्र का परिवार भी ईरान की राजनीति और राजनयिक क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। उनके दामाद काजेम गरीबाबादी ईरानी राजनयक हैं। काजेम नेवियना में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में ईरान का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। यह संबंध बागेर के लिए अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में मार्गदर्शन और सहयोग का जरिया साबित हो सकता है।

ईरानी सुरक्षा परिषद में बागेर की भूमिका

सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ईरान की उच्चतम सुरक्षा निकायों में से एक है। इस परिषद का कार्य देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीतिक योजनाओं और सैन्य नीतियों को निर्देशित करना है। बागेर जोलघाद्र की नियुक्ति इस परिषद में उनकी अनुभव और नेतृत्व क्षमता को ध्यान में रखते हुए की गई है।

उनकी जिम्मेदारी में राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति तैयार करना, विदेश नीति में सैन्य और सुरक्षा मामलों पर सलाह देना और इजरायल, अमेरिका और पश्चिम एशिया में चल रहे तनावपूर्ण मामलों का समाधान निकालना शामिल होगा। बागेर के पास IRGC और न्यायपालिका में लंबे अनुभव के कारण ये जिम्मेदारी निभाने की पर्याप्त क्षमता है।

बागेर के प्रशासनिक अनुभव का महत्व

बागेर ने महमूद अहमदीनेजाद के कार्यकाल में सुरक्षा मामलों के उप-गृह मंत्री के रूप में भी काम किया। यह अनुभव उन्हें प्रशासनिक और रणनीतिक मामलों में संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करता है। उनके पास सैन्य, न्यायिक और प्रशासनिक अनुभव है, जो उन्हें सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव के रूप में मजबूत बनाता है।

उनकी नियुक्ति ईरान की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा नीतियों में स्थिरता और रणनीतिक निर्णय लेने में मदद करेगी। देश की सैन्य और सुरक्षा तैयारियों को मजबूत बनाने के लिए बागेर की भूमिका निर्णायक होगी।

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