आहोर क्षेत्र में NH-325 पर स्लीपर बस के पलटने से दंपती सहित तीन यात्रियों की मौत हो गई। हादसे में 12 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। यात्रियों का आरोप है कि ड्राइवर नशे की हालत में तेज गति से बस चला रहा था।
Rajasthan: जालोर जिले के आहोर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ। NH-325 पर गवरी गांव और गुड़ा बालोतान के बीच टीआर जाणी ट्रेवल्स की एक निजी स्लीपर बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े नीम के पेड़ से जा टकराई। टक्कर के बाद बस पलट गई और सड़क किनारे उलटी पड़ी रह गई। यह हादसा रात करीब 11 से 11.30 बजे के बीच हुआ, जब बस में सवार अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे।
अचानक तेज आवाज और झटके से यात्रियों की नींद खुली। कोई सीट से नीचे गिर गया तो कोई बस के अंदर फंस गया। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। कई यात्री समझ ही नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या है। अंधेरे और अफरा-तफरी के बीच लोग एक-दूसरे को आवाज देकर बाहर निकलने की कोशिश करते रहे।
दंपती की मौके पर मौत
इस हादसे में सांचौर के लियादरा गांव निवासी फगलूराम (75) और उनकी पत्नी हाऊ देवी (65) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि फगलूराम का पैर कटकर अलग हो गया, जबकि हाऊ देवी का सिर धड़ से अलग हो गया। दोनों बस के नीचे दब गए थे और उन्हें बचाया नहीं जा सका।

इसके अलावा भरतपुर निवासी अमृतलाल पुत्र खिलाड़ीलाल भी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तुरंत जालोर के जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। फगलूराम और हाऊ देवी अपने बेटे के परिवार से मिलने के लिए अजमेर जा रहे थे, लेकिन यह यात्रा उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन गई।
तीन क्रेनों से सीधी कराई गई बस
हादसे की सूचना मिलते ही आहोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। SHO करण सिंह ने बताया कि बस सड़क किनारे पलटी हुई थी और कई यात्री अंदर फंसे हुए थे। बस को सीधा करने के लिए तीन क्रेनों की मदद ली गई। इसके बाद यात्रियों को बाहर निकाला गया।
हादसे में कुल 13 यात्रियों को गंभीर चोटें आई थीं। सभी को आहोर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से दो घायलों की हालत ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें जालोर रेफर किया गया था। प्राथमिक इलाज के बाद अन्य घायलों की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
ड्राइवर पर नशे और तेज रफ्तार का आरोप
सांचौर से जयपुर जा रही बस एक अनियंत्रित हादसे का शिकार हो गई, जब यह पेड़ से टकराकर पलट गई। बस में सवार यात्रियों ने बताया कि वाहन लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा था। कुछ यात्रियों ने ड्राइवर से बस धीमी चलाने की गुहार लगाई, लेकिन उसने उनकी नहीं सुनी। एक यात्री ने कहा कि ड्राइवर शराब के नशे में था और वह गाड़ी चलाते हुए स्टीयरिंग छोड़कर पान मसाला खा रहा था।
हादसे से पहले एक होटल के पास बस रोकने का इशारा भी किया गया, लेकिन तेज रफ्तार के कारण बस रुकी नहीं। हादसे के समय यात्री हरी गुर्जर सो रहे थे और जोरदार झटका लगने पर शीशा तोड़कर अपनी जान बचाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है, जिसमें ड्राइवर की लापरवाही, नशे की पुष्टि और बस की तकनीकी स्थिति शामिल है।












