केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नारकोटिक्स के खिलाफ सरकार की निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया है। अमित शाह ने कहा कि सरकार स्पष्ट लक्ष्य, समय-सीमा और जवाबदेही तय करते हुए 2029 तक नार्कोटिक्स के खिलाफ पूरी जीत हासिल करने के उद्देश्य से काम करेगी।
नई दिल्ली: भारत में मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के कारोबार के खिलाफ केंद्र सरकार ने अपनी रणनीति को और तेज करने का लक्ष्य तय किया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार सामूहिक प्रयासों के जरिए 31 दिसंबर 2029 तक भारत से ड्रग्स के कारोबार को जड़ से खत्म करने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने यह बात 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान कही।
सरकार के अनुसार, दो दिवसीय सम्मेलन में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ANTF इकाइयों के साथ संबंधित केंद्रीय विभागों और अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का फोकस ड्रग तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करने, सिंथेटिक ड्रग्स और उनके लिए इस्तेमाल होने वाले रसायनों पर नियंत्रण, डार्कनेट और क्रिप्टो से जुड़ी जांच तथा प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर रहा।
2029 तक ड्रग कारोबार खत्म करने का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि नारकोटिक्स के खिलाफ कार्रवाई को स्पष्ट लक्ष्य, समय-सीमा और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2029 तक सामूहिक प्रयासों से भारत में ड्रग कारोबार को जड़ से खत्म करने में सफलता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने इस अभियान में केंद्र और राज्यों के बीच लगातार सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।
गृह मंत्री के मुताबिक, नशे की समस्या से निपटने के लिए सिर्फ अलग-अलग एजेंसियों की कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि सभी संबंधित संस्थानों को एक साझा रणनीति के तहत काम करना होगा।
'मीटिंग से मिशन और जब्ती से नेटवर्क ध्वस्त करने' पर जोर
गृह मंत्री ने ड्रग विरोधी अभियान में केवल मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित रहने के बजाय पूरे आपराधिक नेटवर्क पर कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका संदेश था कि कार्रवाई का फोकस जब्ती से आगे बढ़कर ड्रग तस्करी के नेटवर्क और उसके वित्तीय ढांचे को तोड़ने पर होना चाहिए। सरकार के 2026-29 विजन डॉक्यूमेंट में भी नारकोटिक्स नियंत्रण के लिए चार प्रमुख रणनीतिक स्तंभ निर्धारित किए गए हैं। इनमें प्रवर्तन, खुफिया और ऑपरेशंस; प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग्स नियंत्रण; डिमांड एवं हार्म रिडक्शन; तथा क्षमता निर्माण और समन्वय शामिल हैं।

सिंथेटिक ड्रग्स, डार्कनेट और क्रिप्टो पर नजर
राष्ट्रीय सम्मेलन में आधुनिक तकनीक के जरिए होने वाली ड्रग तस्करी भी प्रमुख विषयों में शामिल रही। सरकार ने सिंथेटिक ड्रग्स, गुप्त प्रयोगशालाओं, डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े मामलों की जांच को मजबूत करने पर जोर दिया है। इसके साथ ही ड्रग कार्टेल की पहचान और उनके नेटवर्क को तोड़ना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे मामलों में केवल ड्रग्स की बरामदगी के बजाय तस्करी की पूरी सप्लाई चेन और उससे जुड़े संगठित नेटवर्क की पहचान पर ध्यान दिया जा रहा है।
NCB के नए जोनल कॉम्प्लेक्स भी बनेंगे
सम्मेलन के दौरान अमित शाह ने लखनऊ और देहरादून में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के नए जोनल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला भी रखी। इसके अलावा मादक पदार्थों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए टेलीविजन कमर्शियल लॉन्च किए गए और बेहतर प्रदर्शन करने वाली ANTF इकाइयों को सम्मानित किया गया।
अमित शाह ने ड्रग्स के खिलाफ अभियान को भारत के 2047 तक विकसित देश बनने के लक्ष्य से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को नशे के दुष्प्रभाव से बचाना इस व्यापक लक्ष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जून 2026 में सरकार ने 'Vision Document on Drug Control (2026-2029)' जारी किया था। अब ANTF सम्मेलन के जरिए इस विजन डॉक्यूमेंट में तय लक्ष्यों को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्तर पर लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया गया है।











