आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल मंगलवार को ई-20 पेट्रोल के विरोध में प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करने की तैयारी में हैं। पार्टी के अनुसार, केजरीवाल दोपहर 12 बजे पार्टी मुख्यालय से करीब 100 समर्थकों के साथ मार्च शुरू करेंगे और प्रधानमंत्री को 2.33 लाख लोगों के हस्ताक्षर वाली एक याचिका सौंपेंगे।
नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की E20 ईंधन नीति के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है। पार्टी के अनुसार, केजरीवाल मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री आवास तक पैदल मार्च करेंगे और E20 पेट्रोल को लेकर देशभर के नागरिकों की चिंताओं से जुड़ी एक याचिका प्रधानमंत्री को सौंपने का प्रयास करेंगे।
AAP का दावा है कि इस याचिका पर 2.33 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। पार्टी का कहना है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से जुड़े मुद्दों पर जनता की राय को सरकार तक पहुंचाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक दिल्ली पुलिस की ओर से मार्च की अनुमति मिलने की पुष्टि नहीं हुई थी।
E20 पेट्रोल को लेकर उठाए जा रहे सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि E20 ईंधन नीति को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई वाहन मालिकों का मानना है कि E20 पेट्रोल के उपयोग से वाहनों की माइलेज प्रभावित हो रही है और कुछ मामलों में तकनीकी समस्याएं भी देखने को मिल रही हैं।
AAP का कहना है कि सरकार को इस नीति के संभावित प्रभावों पर व्यापक सार्वजनिक चर्चा करनी चाहिए और नागरिकों की चिंताओं का समाधान करना चाहिए। पार्टी ने मांग की है कि E20 ईंधन से जुड़े तकनीकी और आर्थिक पहलुओं पर अधिक पारदर्शिता बरती जाए ताकि उपभोक्ताओं को स्पष्ट जानकारी मिल सके।
हालांकि, केंद्र सरकार और विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों का कहना रहा है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उद्देश्य जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना, आयातित कच्चे तेल पर खर्च घटाना और पर्यावरणीय लक्ष्यों को आगे बढ़ाना है। E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है।
टाउनहॉल कार्यक्रम में मिला समर्थन
AAP ने दावा किया कि हाल ही में आयोजित एक टाउनहॉल कार्यक्रम में E20 नीति के विरोध को लेकर बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पार्टी के अनुसार, कार्यक्रम स्थल के भीतर और बाहर बड़ी भीड़ मौजूद थी, जबकि लाखों लोगों ने इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी देखा। केजरीवाल ने कहा कि वाहन उपयोगकर्ताओं और आम नागरिकों के बीच इस विषय को लेकर चर्चा बढ़ रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर E20 नीति के खिलाफ आवाज उठाने वाले कुछ लोगों को ट्रोलिंग और अन्य प्रकार के दबाव का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ऑनलाइन अभियान के जरिए जुटाए गए हस्ताक्षर
AAP के अनुसार, प्रधानमंत्री के नाम एक ऑनलाइन याचिका कुछ दिनों पहले शुरू की गई थी। पार्टी का दावा है कि इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला और कुछ ही दिनों में 2,33,238 लोगों ने इस पर हस्ताक्षर किए। केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने लगभग एक महीने पहले प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए समय भी मांगा था, ताकि E20 पेट्रोल को लेकर नागरिकों की चिंताओं पर सीधे चर्चा की जा सके। पार्टी का कहना है कि अब वह स्वयं प्रधानमंत्री आवास जाकर यह याचिका सौंपने का प्रयास करेंगे।











