केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के डायरेक्टर राहुल नवीन के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। 8 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार, अपॉइंटमेंट्स कमेटी ऑफ द कैबिनेट ने राहुल नवीन, IRS (IT:93074) के कार्यकाल को 13 अगस्त 2026 के बाद एक साल यानी 13 अगस्त 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक राहुल नवीन के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। 8 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार, Appointments Committee of the Cabinet ने राहुल नवीन का कार्यकाल 13 अगस्त 2026 के बाद एक साल के लिए बढ़ाने की मंजूरी दी है। अब वह 13 अगस्त 2027 तक प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक पद पर बने रहेंगे।
आदेश के मुताबिक, उनका कार्यकाल 13 अगस्त 2027 या अगले आदेश तक जारी रहेगा, जो भी पहले हो। यह विस्तार उनकी 31 जुलाई 2027 को निर्धारित सेवानिवृत्ति की तारीख के बाद की सेवा को भी कवर करता है। ऐसे में आर्थिक अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामलों की जांच करने वाली देश की प्रमुख एजेंसी को अगले एक साल तक उनके नेतृत्व में काम करने का अवसर मिलेगा।
30 साल से अधिक का प्रशासनिक अनुभव
राहुल नवीन 1993 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी हैं। आयकर विभाग में उन्होंने तीन दशक से ज्यादा समय तक काम किया है। अंतरराष्ट्रीय कराधान, सीमा-पार वित्तीय लेनदेन और टैक्स संबंधी जांच उनके करियर के प्रमुख क्षेत्र रहे हैं। उन्होंने IIT कानपुर से B.Tech और M.Tech की पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की Swinburne University of Technology से MBA किया है।
अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने इंटरनेशनल टैक्सेशन से जुड़े मामलों में काम किया और भारत से संबंधित विदेशी लेनदेन तथा ऑफशोर संपत्तियों की जांच में भूमिका निभाई।
Transfer Pricing और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहयोग का अनुभव
राहुल नवीन ने नवंबर 2015 से नवंबर 2017 के बीच Transfer Pricing Commissioner के तौर पर काम किया। इस दौरान उन्होंने रॉयल्टी, इंटैन्जिबल एसेट्स, विदेशी और घरेलू ऋण, कमोडिटी ट्रांजैक्शन तथा अन्य जटिल कारोबारी लेनदेन से जुड़े टैक्स ऑडिट की निगरानी की। CBDT में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
Foreign Tax and Tax Research Division में रहते हुए उन्होंने विभिन्न देशों के साथ टैक्स संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय समझौतों से जुड़े मामलों पर काम किया। वह FATF, OECD, Global Forum on Transparency and Exchange of Information और G20 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं।
ED में नियुक्ति से पहले भी मनी लॉन्ड्रिंग का अनुभव

राहुल नवीन नवंबर 2019 में Enforcement Directorate में Officer on Special Duty (OSD) के रूप में शामिल हुए थे। यहां उनकी जिम्मेदारियों में FATF की Mutual Evaluation से संबंधित कार्य भी शामिल था। नवंबर 2020 में उन्हें ED में Special Director (Headquarters) नियुक्त किया गया। इस भूमिका में उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांचों के समन्वय, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विदेशों में मौजूद संपत्तियों की पहचान एवं रिकवरी से जुड़े कामों की निगरानी की। इस अनुभव ने उन्हें आर्थिक अपराध और अवैध वित्तीय नेटवर्क की जांच की बारीकियों से परिचित कराया।
2023 में संभाली ED की जिम्मेदारी
राहुल नवीन ने सितंबर 2023 में ED के डायरेक्टर-इन-चार्ज के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद अगस्त 2024 में उन्हें औपचारिक रूप से प्रवर्तन निदेशालय का निदेशक नियुक्त किया गया। अब नए आदेश के बाद वह अगस्त 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे। ED का काम केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। एजेंसी Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति यानी Proceeds of Crime की पहचान, कुर्की और रिकवरी पर भी ध्यान देती है।
राहुल नवीन के नेतृत्व में एजेंसी ने मामलों के जोखिम के आधार पर जांच शुरू करने और उन्हें प्राथमिकता देने की प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दिया है। PMLA, FEMA और Fugitive Economic Offenders Act (FEOA) से संबंधित जांच प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए मैनुअल और संस्थागत प्रक्रियाओं को भी मजबूत किया गया है।
टेक्नोलॉजी और फॉरेंसिक क्षमता पर फोकस
बदलते वित्तीय अपराधों के बीच ED ने अपनी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने पर भी ध्यान दिया है। फॉरेंसिक जांच, डेटा एनालिसिस, इंटेलिजेंस सिस्टम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना एजेंसी की प्राथमिकताओं में शामिल है। डिजिटल भुगतान, साइबर फ्रॉड, क्रिप्टोकरेंसी और जटिल सीमा-पार लेनदेन के बढ़ते मामलों के बीच जांच एजेंसियों के लिए डिजिटल साक्ष्यों को तेजी से पहचानना और उनका विश्लेषण करना महत्वपूर्ण हो गया है।
मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अपराध अक्सर कई देशों से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच सूचना साझा करना और संपत्तियों की रिकवरी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। राहुल नवीन के अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन और FATF से जुड़े अनुभव को इस लिहाज से ED के लिए उपयोगी माना जा सकता है। भारत ने FATF की 2024 Mutual Evaluation प्रक्रिया में भी मजबूत प्रदर्शन किया था। इससे देश की एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग व्यवस्था और वित्तीय अपराधों से निपटने वाली संस्थाओं की क्षमता पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान गया।











