ईरान–अमेरिका तनाव चरम पर: बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन हमले

ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन व मिसाइल हमले किए। जवाबी कार्रवाई में क्षेत्रीय तनाव बढ़ा, अमेरिका ने नुकसान के दावे खारिज किए।

ईरान ने अमेरिका के जवाब में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। 21 हमलों का दावा किया गया। अमेरिका ने नुकसान को बढ़ा-चढ़ाकर बताया बताते हुए स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही।

ईरान/अमेरिका वॉर: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जहां ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों को ईरान ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का “सीधा जवाब” बताया है, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने कई दावों को खारिज किया है। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा संकट और कूटनीतिक हलचल बढ़ा दी है।

ईरान का बड़ा दावा: 21 हमलों में अमेरिकी ठिकाने निशाने पर

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुल 21 अलग-अलग हमलों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

इन हमलों में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य सुविधाओं को टारगेट किया गया। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई “रक्षात्मक जवाब” है और अमेरिका द्वारा ईरानी सैन्य ढांचों पर किए गए हमलों के बाद की गई है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के दावों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया प्रचार करार देते हुए कहा है कि वास्तविक नुकसान सीमित है।

कैसे शुरू हुआ टकराव? अमेरिकी एयरस्ट्राइक से बढ़ा तनाव

तनाव की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में कथित रूप से ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और रडार नेटवर्क को निशाना बनाया गया। ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया और तुरंत जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ते गए।

अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर क्रैश और आरोप-प्रत्यारोप

सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी सेना का एक अपाचे हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया।

इसके अगले दिन पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि इस घटना के पीछे ईरान का हाथ हो सकता है और चेतावनी दी कि “अमेरिका इसका जवाब देगा और जिम्मेदार लोगों को कीमत चुकानी होगी।”

ईरान–अमेरिका तनाव चरम पर: बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन हमले

ईरान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है और किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है।

Bahrain की डिफेंस फोर्स ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया।

सरकारी बयान के अनुसार, सभी हमलों को नष्ट कर दिया गया और किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर खतरा

Kuwait में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाए जाने की खबर है।

कुवैत में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जिससे यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ईरान का दावा है कि यह कार्रवाई संभावित अमेरिकी सैन्य उपयोग को रोकने के लिए की गई थी।

जॉर्डन में मिसाइल इंटरसेप्शन

Jordan ने कहा है कि उसने ईरान से दागी गई कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।

सेना के अनुसार, मिसाइलों के मलबे से कुछ स्थानों पर हल्का प्रभाव पड़ा, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

ईरान का जवाबी रुख: “और बड़े हमले संभव”

IRGC ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने फिर से कार्रवाई की, तो क्षेत्र में और बड़े और अधिक व्यापक हमले किए जाएंगे।

ईरान का दावा है कि यह पूरी कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई है और यह अमेरिका की “उकसाने वाली सैन्य नीति” का जवाब है।

खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय निंदा

United Arab Emirates ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।

यूएई ने कहा कि वह बहरीन, कुवैत और जॉर्डन के साथ पूरी एकजुटता में खड़ा है और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए हर कदम का समर्थन करेगा।

इसी तरह कई अन्य देशों ने भी संयम और कूटनीति की अपील की है ताकि संघर्ष और न बढ़े।

ईरान में भी जवाबी हमलों का असर

ईरान के दक्षिणी हिस्सों में भी मिसाइल हमलों के बाद गंभीर प्रभाव देखने को मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, कई जल आपूर्ति ढांचे नष्ट हो गए, जिससे लगभग 20,000 लोगों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ा।

स्थानीय प्रशासन ने टैंकरों और अस्थायी पंप सिस्टम के जरिए राहत पहुंचाने की कोशिश शुरू कर दी है।

क्षेत्रीय कूटनीति पर दबाव

Pakistan ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई है। पाकिस्तान ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के रास्ते पर लौटने की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है।

ईरान का आरोप: खाड़ी देशों पर भी जिम्मेदारी

ईरान ने कहा है कि खाड़ी देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी जमीन या सैन्य सुविधाओं का उपयोग अमेरिका या उसके सहयोगी देशों द्वारा ईरान के खिलाफ न किया जाए।

ईरान ने चेतावनी दी है कि ऐसे ठिकानों को भी भविष्य में निशाना बनाया जा सकता है यदि उनका उपयोग सैन्य अभियानों में हुआ।

इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच भी बढ़ा तनाव

इस बीच, इजराइली सेना ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए हैं, जबकि हिजबुल्लाह ने भी जवाबी हमलों का दावा किया है।

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