ईरान की ओर बढ़ा अमेरिका का नया जंगी बेड़ा, ट्रंप बोले- 'उम्मीद है जल्द होगी डील'

अमेरिका ने ईरान की ओर नया आर्मडा रवाना किया। ट्रंप ने जल्द डील की उम्मीद जताई। ईरान में विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा तैयारियों को लेकर तनाव बढ़ा है।

अमेरिका ने ईरान की ओर नया जंगी बेड़ा भेजा। राष्ट्रपति ट्रंप ने जल्द डील की उम्मीद जताई। सीनेटर ग्राहम ने समर्थन किया। ईरान में विरोध प्रदर्शन जारी हैं, और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई अंडरग्राउंड बंकर में सुरक्षित हैं।

America: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान की ओर एक और अमेरिकी जंगी बेड़ा रवाना किया गया है। यह कदम मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच आया है। ट्रंप ने कहा, "अभी एक और खूबसूरत आर्मडा ईरान की ओर बढ़ रहा है। मुझे उम्मीद है कि ईरान के साथ जल्द ही डील हो जाएगी।"

सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने किया समर्थन

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का समर्थन अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "मिस्टर प्रेसिडेंट बहुत बढ़िया। ईरान में प्रदर्शनकारियों का साथ देते रहें। वो हमारे दोस्त हो सकते हैं। अयातुल्ला कभी हमारा दोस्त नहीं होगा।"

ऐसे में अमेरिकी राजनीतिक नेतृत्व में ईरान के प्रति कड़ा रुख बरकरार है। उनका मानना है कि ईरान में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों को अमेरिका का समर्थन मिलना चाहिए।

अयातुल्ला अली खामेनेई का अंडरग्राउंड बंकर में रहना

ईरान पर अमेरिका के संभावित हमले के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई राजधानी तेहरान में एक अंडरग्राउंड बंकर में चले गए हैं। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, अयातुल्ला के तीसरे बेटे, मसूद खामेनेई ने उनके ऑफिस के रोजाना के कामकाज को संभाल लिया है।

इससे यह संकेत मिलता है कि ईरान में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए तैयारी पूरी है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ईरान की तैयारियों पर ध्यान दिया जा रहा है।

ईरान में मौतों का आंकड़ा

ईरान में पिछले साल 28 दिसंबर से विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। ये प्रदर्शन तब तेज हुए जब ईरानी करेंसी रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई। जनवरी के पहले सप्ताह में ये प्रदर्शन और तेज हो गए, जिसके बाद सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।

अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) के अनुसार, इन प्रदर्शनकारियों के दौरान कम से कम 6,159 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, ईरान सरकार ने मृतकों की संख्या काफी कम बताते हुए इसे 3,117 बताया है। इन आंकड़ों में अंतर सुरक्षा और मानवाधिकार पर वैश्विक चिंताओं को उजागर करता है।

ईरान में विरोध प्रदर्शन क्यों हुए

ईरान में विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से आर्थिक कारणों और राजनीतिक असंतोष के चलते हुए। करेंसी के कमजोर होने से लोगों की क्रय शक्ति कम हो गई थी, और इसके साथ ही बेरोजगारी और सामाजिक असमानता ने नाराजगी बढ़ा दी। इस नाराजगी ने विरोध प्रदर्शनों का रूप लिया।

सरकार ने प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए सख्त कार्रवाई की, लेकिन इससे लोगों में असंतोष और बढ़ गया। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस मामले में ईरान की आलोचना कर रहे हैं।

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