भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से फार्मास्यूटिकल्स पर 11% तक का टैक्स हटाया गया है। इससे खासकर महंगी और EU से आयात होने वाली दवाओं की कीमत घटेगी। आम दवाओं पर असर कम रहेगा, लेकिन मरीजों और अस्पतालों को वित्तीय राहत और इलाज की लागत में कमी का फायदा होगा।
India-EU Pharma Deal Impact: भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच हाल ही में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत फार्मास्यूटिकल्स पर टैक्स में कटौती की गई है। इस कदम से भारत में EU से आयात होने वाली महंगी दवाओं की कीमत कम होगी। यह पहल मरीजों, खासकर कैंसर, हार्ट डिजीज और रेयर डिसीज के मरीजों के लिए राहत लेकर आएगी। डॉक्टर और अस्पताल भी सस्ते मेडिकल उपकरण और कम जांच लागत का फायदा उठा सकेंगे।
दवाओं पर टैक्स कटौती का असर
भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच हाल ही में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत फार्मास्यूटिकल्स पर लगने वाला 11% तक का टैक्स ज्यादातर हटा दिया गया है। इस कदम से यूरोप से आयात होने वाली दवाओं की कीमत कम होगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह राहत खासकर उन मरीजों के लिए महत्वपूर्ण होगी जिन्हें महंगी दवाओं की जरूरत होती है, जैसे कैंसर, हार्ट डिजीज और रेयर डिसीज के मरीज।
टैक्स कटौती का मतलब साफ है: अगर कोई दवा पहले 100 रुपये की थी और उसपर 11% टैक्स लगता था, तो कीमत बढ़कर 111 रुपये हो जाती थी। अब टैक्स हटने से कीमत सीधे 100 रुपये पर रह जाएगी, जिसका फायदा सीधे मरीजों की जेब पर पड़ेगा।

सभी दवाओं पर असर नहीं
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. अजय राव के अनुसार, भारत में आम बीमारियों की दवाएं ज्यादातर देश में ही बनाई जाती हैं। इसलिए बुखार, दर्द या शुगर जैसी दवाओं की कीमत में खास फर्क नहीं आएगा। डील का सबसे बड़ा लाभ उन दवाओं को मिलेगा जो यूरोप से सीधे आयात होती हैं।
इसके अलावा जेनेरिक दवाओं का बाजार भारत में पहले से मजबूत है, लेकिन EU से आयातित उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं की कीमत में कमी मरीजों के लिए राहत का काम करेगी।
मेडिकल उपकरणों और इलाज की लागत में राहत
डॉ. राव का कहना है कि केवल दवाएं ही नहीं, बल्कि यूरोप से आने वाले मेडिकल उपकरण भी सस्ते होंगे। इससे अस्पतालों में जांच और इलाज की कुल लागत घट सकती है। जो टेस्ट महंगे उपकरण के कारण ज्यादा खर्चीले होते थे, उनकी कीमत में भी कमी आ सकती है। यह कदम मरीजों के लिए इलाज और जांच दोनों को सस्ता और आसान बनाएगा।
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से दवाओं और मेडिकल उपकरणों की कीमत में कमी होने की संभावना है। हालांकि, इसका प्रभाव धीरे-धीरे और मुख्य रूप से महंगी और EU से आयात होने वाली दवाओं पर दिखेगा। आम दवाओं की कीमत में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। इस डील से मरीजों को वित्तीय राहत मिलेगी और इलाज की पहुंच आसान होगी।











