एलआईसी म्युचुअल फंड ने लॉन्च किया नया टेक्नोलॉजी फंड, निवेश का बढ़ा अवसर

एलआईसी म्युचुअल फंड ने टेक्नोलॉजी सेक्टर में निवेश के लिए नया फंड लॉन्च किया। NFO 20 फरवरी से 6 मार्च तक उपलब्ध, SIP विकल्प भी मौजूद।

एलआईसी म्युचुअल फंड ने नया थीमैटिक इक्विटी स्कीम, एलआईसी एमएफ टेक्नोलॉजी फंड, लॉन्च किया। यह फंड टेक्नोलॉजी, डिजिटल प्लेटफॉर्म, डेटा सेंटर और इंटरनेट सेक्टर में निवेश करेगा। NFO 20 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक चलेगा।

LIC MF Technology Fund: एलआईसी म्युचुअल फंड ने शुक्रवार को नया थीमैटिक इक्विटी फंड पेश किया है, जिसका नाम एलआईसी एमएफ टेक्नोलॉजी फंड है। यह फंड खासतौर पर टेक्नोलॉजी और उससे जुड़े सेक्टर्स में निवेश करेगा। फंड हाउस के मुताबिक, इसका न्यू फंड ऑफर (NFO) आज 20 फरवरी से खुल गया है और 6 मार्च तक चलेगा। एनएफओ पीरियड खत्म होने के बाद यह स्कीम 19 मार्च से नियमित रूप से खरीद और रिडेम्प्शन के लिए उपलब्ध होगी। फंड अपने प्रदर्शन का तुलनात्मक बेंचमार्क BSE TECK टोटल रिटर्न इंडेक्स (TRI) को ट्रैक करेगा।

फंड की खासियत

एलआईसी एमएफ टेक्नोलॉजी फंड एक ओपन-एंडेड थीमैटिक इक्विटी स्कीम है। इसका उद्देश्य टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े कंपनियों में निवेश करना है। फंड को करन दोशी और जयप्रकाश तोशनीवाल मैनेज करेंगे। निवेशक इस फंड में कम से कम ₹1,000 से निवेश शुरू कर सकते हैं और उसके बाद ₹1 के मल्टीपल में राशि डाल सकते हैं।

इस स्कीम में SIP की सुविधा भी है, जिसमें रोजाना ₹100, मासिक ₹200 या तिमाही ₹1,000 से निवेश किया जा सकता है। फंड में Growth और IDCW विकल्प दोनों उपलब्ध हैं। अगर निवेशक 90 दिनों के भीतर 12% से ज्यादा यूनिट्स रिडीम या स्विच-आउट करते हैं तो 1% का एग्जिट लोड लगेगा। फंड का रिस्क लेवल बहुत ज्यादा जोखिम (very high risk) के तहत आता है।

निवेश की रणनीति

एलआईसी एमएफ टेक्नोलॉजी फंड की इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी सेक्टर में मौकों का फायदा उठाने पर केंद्रित है। यह फंड उन कंपनियों में निवेश करेगा जो टेक्नोलॉजी, इंटरनेट, डिजिटल प्लेटफॉर्म, डेटा सेंटर और ई-कॉमर्स/क्यू-कॉमर्स (T.I.D.E.) सेक्टर से संबंधित हैं। फंड अपने कुल निवेश का 80% से 100% हिस्सा इन सेक्टर की कंपनियों में लगाएगा। बाकी 20% का निवेश अन्य सेक्टर में किया जा सकता है।

पोर्टफोलियो का निर्माण

फंड का पोर्टफोलियो मार्केट कैप पर निर्भर नहीं होगा। स्टॉक का चुनाव बॉटम-अप अप्रोच के आधार पर किया जाएगा, जिसमें कंपनी की गुणवत्ता, ग्रोथ संभावना, मैनेजमेंट की मजबूती और वैल्यूएशन देखी जाएगी। इसके अलावा, टॉप-डाउन अप्रोच के तहत डिजिटल अपनाने के ट्रेंड और टेक्नोलॉजी साइकिल पर ध्यान दिया जाएगा। फोकस ऐसी कंपनियों पर रहेगा जिनका बिजनेस मॉडल मजबूत हो, बाजार में अच्छी पकड़ हो और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के उच्च मानक हों।

एलआईसी म्युचुअल फंड के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (इक्विटी) योगेश पाटिल ने कहा कि फंड उन कंपनियों को प्राथमिकता देगा जिनमें लंबे समय तक ग्रोथ की क्षमता हो। वह ऐसे बिजनेस को चुनते हैं जिनका कैश फ्लो मजबूत हो और मॉडल आसानी से बढ़ाया जा सके। उनका लक्ष्य टेक्नोलॉजी सेक्टर में डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाना है ताकि निवेशकों को लंबी अवधि में अच्छे रिटर्न मिल सकें।

क्यों है यह फंड खास

एलआईसी एमएफ टेक्नोलॉजी फंड पारंपरिक आईटी फंड्स से अलग है। यह सिर्फ आईटी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। यह फंड सेमीकंडक्टर्स, डेटा सेंटर, डिजिटल प्लेटफॉर्म, इंटरनेट बिजनेस और उभरती हुई टेक्नोलॉजी कंपनियों में निवेश करेगा। फंड का उद्देश्य निवेशकों को टेक्नोलॉजी सेक्टर की संभावित ग्रोथ का फायदा उठाने में मदद करना है।

फंड हाउस के अनुसार, यह स्कीम उन निवेशकों के लिए बेहतर हो सकती है जो टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर में लंबी अवधि के लिए कैपिटल ग्रोथ चाहते हैं। निवेशक न्यूनतम राशि से शुरुआत करके धीरे-धीरे SIP के जरिए निवेश बढ़ा सकते हैं।

सरकार का टेक्नोलॉजी पर फोकस

एलआईसी म्युचुअल फंड के एमडी और सीईओ आर.के. झा ने कहा कि आम बजट 2026-27 में सेमीकंडक्टर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर सरकार ने मजबूत फोकस दिखाया है। भारत का टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम अब सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन से एआई अपनाने की ओर बढ़ रहा है। इससे आने वाले वर्षों में शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी सेक्टर में कई अच्छे अवसर दिखाई दे रहे हैं।

फंड का उद्देश्य

इस स्कीम का मकसद टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़े अवसरों में निवेश करके लॉन्ग टर्म कैपिटल ग्रोथ हासिल करना है। फंड में निवेश करने वाले निवेशकों को AI, डेटा सेंटर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और इंटरनेट बिजनेस जैसे सेक्टर में हिस्सेदारी का मौका मिलेगा। फंड में निवेशक छोटे से छोटे निवेश से भी शुरुआत कर सकते हैं और SIP के जरिए नियमित रूप से निवेश बढ़ा सकते हैं।

फंड की रणनीति निवेशकों को विविध सेक्टर में निवेश का मौका देती है। यह कंपनियों के बिजनेस मॉडल, ग्रोथ क्षमता और कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर आधारित निवेश करता है। इसके अलावा, फंड मार्केट की ट्रेंड और डिजिटल टेक्नोलॉजी साइकिल पर नजर रखकर पोर्टफोलियो तैयार करेगा।

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