Election 2024: सपा ने EC को लिखी चिट्ठी, उपचुनाव से पहले मुस्लिम महिलाओं के नकाब हटाने की मांग, जानें क्या है मामला?

सपा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि मुस्लिम महिलाओं का बुर्का हटाकर चेकिंग न की जाए। जानें उपचुनाव में भाजपा और सपा की प्रतिष्ठा पर क्या असर पड़ेगा। सपा नेता

विधानसभा की नौ सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए सोमवार शाम पांच बजे प्रचार समाप्त हो गया। इस बीच, समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर मांग की कि मुस्लिम महिलाओं का बुर्का हटाकर चेकिंग न की जाए।

Election 2024: विधानसभा की नौ सीटों पर हो रहे उपचुनाव के प्रचार का दौर सोमवार शाम पांच बजे समाप्त हो गया। चुनावी प्रचार के आखिरी दिन सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। अब 20 नवंबर को सुबह सात बजे से लेकर शाम पांच बजे तक मतदान होगा। इससे पहले, समाजवादी पार्टी (सपा) ने चुनाव आयोग को एक चिट्ठी लिखकर महत्वपूर्ण मांग की है। चिट्ठी में सपा ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि मतदान के दौरान मुस्लिम महिलाओं का बुर्का हटाकर चेकिंग न की जाए।

सपा की प्रमुख मांग

Election 2024: सपा ने EC को लिखी चिट्ठी, उपचुनाव से पहले मुस्लिम महिलाओं के नकाब हटाने की मांग, जानें क्या है मामला?

सपा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि रिटर्निंग ऑफिसर, जिला मजिस्ट्रेट, जनरल ऑब्जर्वर और पुलिस अधिकारियों को लिखित आदेश जारी किया जाए कि 20 नवंबर को मतदान के दौरान कोई भी पुलिसकर्मी मतदाता की पहचान-पत्र की जांच नहीं करेगा। सपा ने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान पुलिस अधिकारियों ने मतदाताओं की पहचान-पत्र की जांच करने का दुरुपयोग किया था, खासकर मुस्लिम महिला मतदाताओं को डराकर उनके बुर्के उतरवा दिए गए थे, जिससे मतदान प्रभावित हुआ था।

34 लाख मतदाता करेंगे 90 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला

इस उपचुनाव में लगभग 34 लाख मतदाता 90 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। चुनावी प्रचार सोमवार शाम पांच बजे समाप्त हो गया, और मतदान 20 नवंबर को होगा। वोटों की गिनती 23 नवंबर को की जाएगी। इस चुनाव में भाजपा और सपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है, क्योंकि दोनों प्रमुख दल इस चुनाव को लेकर पूरी ताकत झोंक रहे हैं।

भाजपा और सपा की प्रतिष्ठा दांव पर

Election 2024: सपा ने EC को लिखी चिट्ठी, उपचुनाव से पहले मुस्लिम महिलाओं के नकाब हटाने की मांग, जानें क्या है मामला?

उपचुनाव में भाजपा और सपा की प्रतिष्ठा पर असर पड़ेगा, हालांकि इन सीटों के परिणाम सरकार के गठन पर कोई बड़ा असर नहीं डालेंगे। 18 अक्टूबर को उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी की गई थी, लेकिन सभी दलों ने चुनाव के लिए महीनों पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी। भाजपा ने आठ सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं, जबकि मीरापुर सीट पर रालोद का उम्मीदवार मैदान में है। भाजपा ने इस चुनाव में विकास और हिंदुत्व के एजेंडे पर जोर दिया है, जबकि सपा ने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठजोड़ को अपना प्रमुख मुद्दा बनाया है।

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