Sunetra Pawar द्वारा Election Commission of India को लिखे गए पत्र के बाद उत्पन्न विवाद ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। इस विवाद के बीच उनके बेटे पार्थ और जय पवार ने Sunil Tatkare से संपर्क कर मुलाकात का समय मांगा हैं।
मुंबई: राष्ट्रीय राजनीति में एनसीपी (Nationalist Congress Party) के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक ढांचे को लेकर नया विवाद सामने आया है। हाल ही में सामने आए चुनाव आयोग (ECI) को भेजे गए एक पत्र के बाद पार्टी के अंदर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस पत्र में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की भूमिकाओं का उल्लेख न होने से कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं।
सुनेत्रा पवार बनीं एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष
मीडिया रिपोर्ट्स और पार्टी दस्तावेजों के अनुसार, सुनेत्रा पवार को एनसीपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया है। साथ ही पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके बेटे पार्थ पवार को महासचिव और जय पवार को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इस बदलाव को पार्टी के भीतर नेतृत्व पुनर्गठन के रूप में देखा जा रहा है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब 29 अप्रैल को चुनाव आयोग को भेजे गए एक पत्र में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सूची शामिल थी। इस सूची में कुछ वरिष्ठ नेताओं के संगठनात्मक पदों का उल्लेख नहीं किया गया था। सूत्रों के अनुसार, इस पत्र में पार्टी के प्रमुख नेताओं—प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे—के नाम तो थे, लेकिन उनके संगठनात्मक पदों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया था।
वरिष्ठ नेताओं की भूमिका पर उठे सवाल

पत्र में प्रफुल्ल पटेल को केवल राज्यसभा सदस्य के रूप में और सुनील तटकरे को लोकसभा नेता के रूप में दर्शाया गया था। जबकि उनके पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण पदों को सूची में शामिल नहीं किया गया। इससे राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या इन वरिष्ठ नेताओं की संगठनात्मक भूमिका को कम किया जा रहा है या उन्हें किनारे किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल एक तकनीकी त्रुटि नहीं बल्कि पार्टी के भीतर नेतृत्व संरचना में बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है। हालांकि, पार्टी की ओर से इसे फिलहाल प्रशासनिक गलती बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, विवाद को सुलझाने के लिए जल्द ही पार्टी नेताओं की एक बैठक भी हो सकती है।
सुनेत्रा पवार का बयान
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनेत्रा पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि चुनाव आयोग को भेजे गए दस्तावेजों में कुछ तकनीकी त्रुटियां थीं, जिन्हें जल्द ही ठीक किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी संगठनात्मक ढांचे को लेकर स्पष्टता लाने की प्रक्रिया जारी है। यह पहला मौका नहीं है जब वरिष्ठ नेताओं के पदों को लेकर अस्पष्टता सामने आई हो।
इससे पहले 10 मार्च को भेजे गए एक पत्र में भी प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के संगठनात्मक पदों का उल्लेख नहीं किया गया था। उस पत्र में केवल कुछ प्रमुख पदाधिकारियों—जैसे अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष—का ही स्पष्ट उल्लेख था, जबकि अन्य वरिष्ठ नेताओं की भूमिकाएं स्पष्ट नहीं थीं।











