EPFO ने EDLI स्कीम में बदलाव किया। अब नौकरी बदलते वीकेंड, राष्ट्रीय छुट्टियां और 60 दिन तक का गैप सर्विस ब्रेक नहीं माना जाएगा। न्यूनतम EDLI पेआउट ₹50,000 होगा, जिससे कर्मचारियों के परिवार को सुरक्षा मिलेगी।
EPFO: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कर्मचारी जमा लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) स्कीम के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब नौकरी बदलते समय आने वाले वीकेंड, सार्वजनिक छुट्टियां और 60 दिन तक का गैप सर्विस में ब्रेक नहीं माना जाएगा। इसका मकसद यह है कि नौकरी बदलने के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक की वजह से कर्मचारियों के परिवार को मिलने वाला इंश्योरेंस लाभ प्रभावित न हो।
EPFO ने 17 दिसंबर 2025 को एक सर्कुलर जारी कर इस बदलाव को औपचारिक रूप दिया। अब EDLI स्कीम के तहत क्लेम रिजेक्ट होने के पुराने कारणों को दूर किया जाएगा और सब्सक्राइबर्स को ज्यादा आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
पहले क्लेम क्यों रिजेक्ट होते थे
पहले EDLI क्लेम इसलिए खारिज हो जाते थे क्योंकि अधिकारी दो नौकरियों के बीच आने वाले वीकेंड और छुट्टियों को सर्विस ब्रेक मान लेते थे। कई बार कर्मचारी अपनी अंतिम नौकरी में पूरी तरह काम कर रहा होता था, फिर भी बीच का छोटा गैप क्लेम के लिए बाधा बन जाता था।
उदाहरण के लिए, अगर कोई कर्मचारी शुक्रवार को पुरानी कंपनी छोड़कर सोमवार को नई कंपनी जॉइन करता था, तो बीच के दो-तीन दिन को सर्विस ब्रेक माना जाता था। इस वजह से कर्मचारी की कुल सर्विस अवधि कम दिखती और परिवार को EDLI का फायदा नहीं मिलता।
नए नियमों के अनुसार क्या बदला
EPFO ने स्पष्ट किया है कि अब कुछ छोटे गैप को लगातार सर्विस का हिस्सा माना जाएगा। नए नियम इस प्रकार हैं:
- दो नौकरियों के बीच आने वाले शनिवार, रविवार या साप्ताहिक छुट्टियां अब ब्रेक नहीं मानी जाएंगी।
- राष्ट्रीय छुट्टियां, गजटेड छुट्टियां, राज्य छुट्टियां और रेस्ट्रिक्टेड छुट्टियां भी सर्विस ब्रेक नहीं मानी जाएंगी।
- यह नियम तब लागू होगा जब पुरानी कंपनी छोड़ने और नई जॉइन करने के बीच सिर्फ ये छुट्टियां हों।
- अगर कर्मचारी कई EPF कवर वाली कंपनियों में काम कर रहा है और नौकरियों के बीच 60 दिन तक का गैप होता है, तो इसे भी लगातार सर्विस माना जाएगा।
इसका मतलब यह है कि छोटे और मजबूरी वाले ब्रेक अब परिवार को EDLI लाभ से वंचित नहीं करेंगे।
EDLI का न्यूनतम पेआउट बढ़ाया
EPFO ने EDLI स्कीम के तहत न्यूनतम पेआउट को ₹50,000 कर दिया है। यह राशि कर्मचारियों के परिवार या कानूनी वारिसों को मिलेगी। खास बात यह है कि यह लाभ तब भी मिलेगा जब कर्मचारी ने लगातार 12 महीने की सर्विस पूरी नहीं की हो।
इसके अलावा, अगर कर्मचारी का औसत PF बैलेंस ₹50,000 से कम है, तब भी परिवार को पूरी न्यूनतम राशि का लाभ मिलेगा।
कौन ले सकता है यह फायदा
नए नियमों के अनुसार, यदि कर्मचारी की मृत्यु अंतिम PF कंट्रीब्यूशन के छह महीने के भीतर होती है और वह कंपनी के रोल पर अभी भी दर्ज है, तो उसके परिवार को न्यूनतम EDLI फायदा मिलेगा।
इस बदलाव से नौकरीपेशा लोगों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है। अब छोटी-मोटी तकनीकी या प्रशासनिक गलतियों के कारण लाभ से वंचित होने का डर नहीं रहेगा। विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए जो बार-बार नौकरी बदलते हैं, PF से जुड़ा इंश्योरेंस अब अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद हो गया है।










