एयरपोर्ट सेक्टर में अदाणी का बड़ा दांव, IPO से पहले ₹1 ट्रिलियन का निवेश प्लान

Adani Airports IPO की तैयारी में जुटा है। अदाणी ग्रुप 2030 तक एयरपोर्ट बिजनेस में ₹1 ट्रिलियन निवेश करेगा। नवी मुंबई एयरपोर्ट और नए प्रोजेक्ट्स विस्तार

Adani Airports Holdings ने 2030 तक एयरपोर्ट कारोबार में ₹1 ट्रिलियन निवेश की योजना बनाई है। कंपनी 2028 तक IPO लाने की तैयारी में है, जिसमें नवी मुंबई एयरपोर्ट और नए टर्मिनल्स विस्तार का अहम आधार होंगे।

Adani Airports IPO: अरबपति गौतम अदाणी के नेतृत्व वाला अदाणी ग्रुप अब अपने एयरपोर्ट बिजनेस को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। Adani Airports Holdings Limited ने साफ संकेत दिए हैं कि ग्रुप साल 2030 तक एयरपोर्ट कारोबार में करीब ₹1 ट्रिलियन यानी 11 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश करेगा। इस बड़े निवेश के साथ ही कंपनी IPO की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है, जिससे आने वाले वर्षों में निवेशकों के लिए एक नया अवसर सामने आ सकता है।

निवेश का फोकस

अदाणी एयरपोर्ट्स का यह निवेश सिर्फ एयरपोर्ट खरीदने तक सीमित नहीं रहेगा। कंपनी का फोकस नए टर्मिनल हासिल करने, मौजूदा एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और एविएशन से जुड़ी नई सेवाओं में उतरने पर रहेगा। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के डायरेक्टर जीत अदाणी ने बताया कि यह निवेश रनवे, टर्मिनल, विमान हैंडलिंग सुविधाओं और यात्रियों के लिए बेहतर अनुभव तैयार करने पर किया जाएगा। उनका कहना है कि एयरपोर्ट अब सिर्फ यात्रा का जरिया नहीं बल्कि एक पूरा इकोसिस्टम बन चुका है, जहां रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और टेक्नोलॉजी की बड़ी भूमिका है।

2028 तक IPO लाने की योजना

Adani Airports IPO को लेकर सबसे अहम संकेत यह है कि कंपनी मार्च 2028 तक शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है। जीत अदाणी के मुताबिक, IPO से पहले एयरपोर्ट बिजनेस को अदाणी एंटरप्राइजेज से अलग किया जा सकता है। इससे मौजूदा शेयरधारकों को वैल्यू अनलॉक करने का मौका मिलेगा। कंपनी IPO से पहले किसी strategic investor को शामिल करने पर भी विचार कर रही है, हालांकि फिलहाल इस दिशा में कोई औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हुई है।

11 नए एयरपोर्ट्स पर नजर

फिलहाल अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स देश के सात प्रमुख एयरपोर्ट्स का संचालन कर रही है, जिनमें मुंबई और अहमदाबाद जैसे बड़े नाम शामिल हैं। अब कंपनी सरकार की निजीकरण योजना के तहत 11 और एयरपोर्ट्स हासिल करने की तैयारी में है। संभावित एयरपोर्ट्स में वाराणसी, भुवनेश्वर और अमृतसर जैसे शहर शामिल हो सकते हैं। अगर ये डील पूरी होती है, तो अदाणी ग्रुप भारत के एविएशन सेक्टर में अपनी पकड़ और मजबूत कर लेगा।

नवी मुंबई एयरपोर्ट बना विस्तार का आधार

अदाणी ग्रुप के एयरपोर्ट विस्तार की सबसे बड़ी कड़ी नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। यह प्रोजेक्ट 25 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है और इसे ग्रुप की flagship project माना जा रहा है। पहले चरण में करीब ₹20,000 करोड़ का निवेश किया गया है, जिसमें एयरपोर्ट सालाना 2 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। दूसरे चरण में ₹30,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश प्रस्तावित है।

2030 तक नवी मुंबई एयरपोर्ट के आसपास ₹5,000 करोड़ की लागत से ‘Aero City’ विकसित की जाएगी। इसमें करीब 20 होटल, कमर्शियल स्पेस और मोनोरेल जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे एयरपोर्ट सिर्फ ट्रैवल हब नहीं बल्कि एक बड़ा बिजनेस और टूरिज्म सेंटर बन सकता है।

यात्रियों के लिए हाई-टेक अनुभव

नवी मुंबई एयरपोर्ट को यात्रियों के अनुभव के लिहाज से भी खास बनाया जा रहा है। यहां यात्रियों को अपने लगेज को real time में ट्रैक करने की सुविधा मिलेगी। खाने-पीने के विकल्प भी हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे हैं। जहां एक तरफ ₹40 की वड़ा पाव मिलेगी, वहीं दूसरी ओर Michelin star रेस्टोरेंट जैसे प्रीमियम विकल्प भी मौजूद होंगे। यह मॉडल एयरपोर्ट को एक complete lifestyle destination बनाने की दिशा में इशारा करता है।

IPO के लिए तीन अहम शर्तें

जीत अदाणी ने साफ किया कि Adani Airports IPO तीन अहम शर्तों पर निर्भर करेगा। पहली शर्त नवी मुंबई एयरपोर्ट का सफल संचालन है। दूसरी शर्त एयरपोर्ट के आसपास के कमर्शियल प्रोजेक्ट्स का पूरा होना है। तीसरी और सबसे अहम शर्त यह है कि पूरा कारोबार आर्थिक रूप से मजबूत और sustainable बन जाए।

उन्होंने बताया कि कंपनी फिलहाल EBITDA स्तर पर मुनाफे में है, लेकिन cash flow positive होने में अभी करीब तीन साल का वक्त लग सकता है। IPO का फैसला इन सभी फैक्टर्स को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।

विवादों के बाद भरोसा मजबूत करने की कोशिश

अदाणी ग्रुप का यह आक्रामक विस्तार ऐसे समय हो रहा है, जब ग्रुप पिछले कुछ वर्षों के विवादों के बाद निवेशकों का भरोसा दोबारा मजबूत करने में जुटा है। 2023 में आई हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद ग्रुप की बाजार वैल्यू को बड़ा झटका लगा था। इसके बाद से ग्रुप ने कर्ज घटाने, बिजनेस को री-ऑर्गनाइज करने और ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने पर जोर दिया है। हाल ही में अमेरिका में कुछ कानूनी मामलों को लेकर जांच शुरू हुई है, हालांकि अदाणी ग्रुप ने सभी आरोपों से इनकार किया है।

एविएशन सर्विसेज में एंट्री की तैयारी

एयरपोर्ट ऑपरेशन के अलावा अदाणी ग्रुप एविएशन सर्विसेज के दूसरे क्षेत्रों में भी उतरने की योजना बना रहा है। इसमें विमान मेंटेनेंस और इंजीनियरिंग सेवाएं शामिल हैं। ग्रुप सरकारी कंपनी AI Engineering Services Ltd. को खरीदने की बोली लगाने पर विचार कर रहा है। जीत अदाणी के मुताबिक, फिलहाल भारत में सिर्फ basic aircraft maintenance होता है, जबकि heavy maintenance और engine overhaul जैसे काम विदेशों में किए जाते हैं। अदाणी ग्रुप इस मौके को भारत में ही विकसित करना चाहता है।

इसके साथ ही ग्रुप ग्लोबल कंपनियों के साथ मिलकर विमान निर्माण के क्षेत्र में भी संभावनाएं तलाश रहा है। यह कदम भारत को एविएशन हब बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।

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