Kash Patel को लेकर रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्हें युवावस्था में दो बार गिरफ्तार किया गया था। आरोपों में सार्वजनिक नशा और अनुशासनहीनता शामिल हैं। हालांकि उनके प्रवक्ता ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है।
वॉशिंगटन: अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी FBI के डायरेक्टर काश पटेल को लेकर एक पुरानी रिपोर्ट ने एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उनके युवावस्था के दौरान दो अलग-अलग मामलों में गिरफ्तारी हुई थी। यह जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट और 2005 के एक पुराने दस्तावेज के हवाले से सामने आई है।
रिपोर्ट में क्या दावा किया गया है?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, काश पटेल ने अपने करियर के शुरुआती दौर में एक पत्र में अपने पिछले अनुभवों का उल्लेख किया था। यह पत्र उनके पब्लिक डिफेंडर ऑफिस में नौकरी के दौरान उनके रिकॉर्ड का हिस्सा बताया गया है।
इसमें कथित तौर पर दो अलग-अलग घटनाओं में गिरफ्तारी का जिक्र मिलता है, जो उनके छात्र जीवन और शुरुआती युवावस्था से जुड़ी बताई जा रही हैं।
पहली घटना: कॉलेज के दौरान सार्वजनिक नशे का मामला
रिपोर्ट के अनुसार, पहली घटना 2001 की बताई जाती है जब काश पटेल वर्जीनिया में रिचमंड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे थे।
उस समय वे एक छात्र फैन ग्रुप से जुड़े थे और एक बास्केटबॉल मैच के दौरान अत्यधिक उत्साह के कारण सुरक्षा कर्मियों की नजर में आए। इसके बाद उन्हें परिसर से बाहर निकाला गया और कथित रूप से उन पर सार्वजनिक नशे का आरोप लगाया गया क्योंकि उनकी उम्र 21 वर्ष से कम थी।
दूसरी घटना: न्यूयॉर्क में सार्वजनिक स्थान पर आरोप
दूसरी कथित घटना कानून की पढ़ाई के दौरान न्यूयॉर्क में बताई जाती है।
रिपोर्ट में दावा है कि दोस्तों के साथ एक बार में समय बिताने के बाद वे घर लौट रहे थे, तभी एक सार्वजनिक स्थान पर अनुचित व्यवहार के आरोप में पुलिस ने उन्हें रोका। इसी दौरान सार्वजनिक रूप से पेशाब करने के प्रयास के आरोप में गिरफ्तारी की बात सामने आती है।
कथित पत्र में क्या लिखा था?
2005 के एक दस्तावेज में, जो मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है, काश पटेल के हवाले से लिखा गया है कि वे उस रात दोस्तों के साथ जश्न मना रहे थे और उन्होंने शराब का सेवन किया था।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि घर लौटते समय एक घटना के कारण पुलिस ने हस्तक्षेप किया और उन्हें गिरफ्तार किया गया।

FBI की प्रतिक्रिया
इन आरोपों पर FBI की ओर से प्रतिक्रिया दी गई है। एजेंसी की प्रवक्ता एरिका नाइट ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह रिपोर्ट उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है।
उन्होंने यह भी कहा कि काश पटेल की नियुक्ति से पहले पूरी तरह से बैकग्राउंड जांच की गई थी और सभी मानकों को पूरा किया गया था।
राजनीतिक विवाद और पृष्ठभूमि जांच
अमेरिका में उच्च सुरक्षा पदों पर नियुक्ति से पहले विस्तृत जांच प्रक्रिया होती है, जिसमें आपराधिक रिकॉर्ड, व्यक्तिगत इतिहास और पेशेवर योग्यता शामिल होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के पुराने मामलों का सामने आना अक्सर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन जाता है, खासकर जब व्यक्ति उच्च पद पर हो।
काश पटेल का राजनीतिक सफर
काश पटेल को अमेरिकी राजनीति में एक मजबूत सुरक्षा नीति समर्थक माना जाता है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन के दौरान कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं और बाद में FBI में शीर्ष पद तक पहुंचे।
उनका करियर सुरक्षा और खुफिया मामलों से जुड़ा रहा है, जिसके कारण वे लगातार राजनीतिक और मीडिया चर्चाओं में रहते हैं।
इस रिपोर्ट का वैश्विक असर
इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा को जन्म दिया है कि क्या सार्वजनिक जीवन में नेताओं के पुराने व्यक्तिगत मामलों को वर्तमान जिम्मेदारियों से जोड़ा जाना चाहिए।
कुछ विशेषज्ञ इसे पारदर्शिता का हिस्सा मानते हैं, जबकि अन्य इसे राजनीतिक दबाव और छवि खराब करने की कोशिश के रूप में देखते हैं।









