इंडोनेशिया से भारत डिपोर्ट हुआ गैंगस्टर जोबन बिल्ला, पंजाब पुलिस ने छह महीने की कार्रवाई के बाद दबोचा

पंजाब पुलिस ने छह महीने की कार्रवाई के बाद गैंगस्टर जोबन बिल्ला को इंडोनेशिया से भारत डिपोर्ट किया। हत्या, एनडीपीएस समेत कई मामलों में पूछताछ जारी है।

पंजाब पुलिस ने छह महीने तक चली अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई के बाद गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को इंडोनेशिया से भारत डिपोर्ट कराया। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

मोहाली: पंजाब पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है। चार हत्या समेत कई गंभीर मामलों में वांछित गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को इंडोनेशिया से भारत डिपोर्ट कर लिया गया है। करीब छह महीने तक चली अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई के बाद उसे मोहाली स्थित शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लाया गया, जहां से अमृतसर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।

छह महीने की कार्रवाई के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा गैंगस्टर

पंजाब पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को इंडोनेशिया से भारत लाकर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले काफी समय से विदेश में छिपकर गिरफ्तारी से बच रहा था। उसे भारत वापस लाने के लिए करीब छह महीने तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय और कानूनी प्रक्रिया चलाई गई। आखिरकार इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से उसे डिपोर्ट कर भारत लाया गया।

रविवार को आरोपी को मोहाली स्थित शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लाया गया। यहां आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अमृतसर पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया। सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और आरोपी के चेहरे को काले कपड़े से ढककर कड़ी सुरक्षा के बीच अमृतसर ले जाया गया।

चार हत्या समेत कई गंभीर मामलों में है आरोपी

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जोबन बिल्ला के खिलाफ पंजाब के विभिन्न थानों में चार हत्या, हत्या के प्रयास, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत कई मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि विदेश में रहने के बावजूद वह अपने आपराधिक नेटवर्क के संपर्क में बना हुआ था और वहीं से गतिविधियों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।

पुलिस अब यह भी जांच करेगी कि विदेश में रहते हुए उसने किन लोगों के साथ संपर्क बनाए रखा और उसके नेटवर्क का संचालन किस तरह किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना है।

तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी बनी सफलता की कुंजी

पंजाब पुलिस के अनुसार इस पूरे अभियान में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF), ओएफटीईसी पंजाब और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त रूप से काम किया। आरोपी की लोकेशन का पता लगाने के लिए तकनीकी निगरानी, खुफिया इनपुट और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया।

करीब छह महीने तक चली इस कार्रवाई के बाद आरोपी को इंडोनेशिया से डिपोर्ट कराने में सफलता मिली। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और भविष्य में भी विदेशों में छिपे अपराधियों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

विदेशी नेटवर्क और आर्थिक स्रोतों की होगी जांच

अब पुलिस की जांच का केंद्र केवल पुराने मामलों तक सीमित नहीं रहेगा। पूछताछ के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि विदेश में रहते हुए जोबन बिल्ला किन लोगों के संपर्क में था, उसके गैंग का संचालन कैसे हो रहा था और उसे आर्थिक सहायता कहां से मिल रही थी।

इसके अलावा पुलिस उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और अन्य फरार सहयोगियों की भी जानकारी जुटाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास करेंगी कि क्या विदेश में रहते हुए उसने किसी नए आपराधिक नेटवर्क से संबंध बनाए थे या पंजाब में सक्रिय गिरोहों को किसी तरह का निर्देश देता था।

संगठित अपराध के खिलाफ अभियान रहेगा जारी

पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि विदेशों में छिपे अपराधियों को भी कानून के दायरे में लाने के लिए केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का मानना है कि जोबन बिल्ला की गिरफ्तारी और भारत वापसी से कई लंबित मामलों की जांच को गति मिलेगी। साथ ही उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी। आने वाले दिनों में पूछताछ के आधार पर नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिसके बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।

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