गया जिले के लोगों के लिए पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विशेष पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना की ओर से बोधगया और शेरघाटी में पांच दिवसीय विशेष कैंप लगाया जा रहा है। इस शिविर के जरिए लोगों को पासपोर्ट आवेदन से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया अपने ही जिले में पूरी करने का अवसर मिल रहा है। बोधगया में 21 और 22 सितंबर को शिविर आयोजित किया जा रहा है, जबकि इसके बाद 23, 24 और 25 सितंबर को शेरघाटी में पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन कैंप लगाया जाएगा।
बोधगया में विशेष कैंप का आयोजन बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति यानी BTMC परिसर में किया जा रहा है। इसके बाद शेरघाटी में अनुमंडल कार्यालय परिसर को मोबाइल वैन कैंप के लिए निर्धारित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य गया जिले के उन लोगों को पासपोर्ट सेवा उपलब्ध कराना है, जिन्हें सामान्य प्रक्रिया के लिए दूर स्थित केंद्रों तक जाना पड़ सकता है। विदेश मंत्रालय के ‘पासपोर्ट सेवा–पासपोर्ट आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत इस तरह के मोबाइल कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
पांच दिनों तक चलने वाले इस विशेष शिविर के लिए कुल 275 अपॉइंटमेंट स्लॉट जारी किए गए हैं। इनमें प्रत्येक दिन 55 आवेदकों को पासपोर्ट सेवा का लाभ मिल सकेगा। बोधगया में दो दिनों के लिए कुल 110 स्लॉट निर्धारित किए गए हैं, जबकि शेरघाटी में तीन दिनों के लिए 165 स्लॉट उपलब्ध कराए गए हैं। इस तरह दोनों स्थानों को मिलाकर पांच दिनों में 275 आवेदकों के आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने की व्यवस्था की गई है।
पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन कैंप का लाभ लेने के लिए आवेदकों को पहले ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद पासपोर्ट सेवा पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध स्लॉट में अपनी अपॉइंटमेंट बुक करनी होगी। आवेदक बोधगया या शेरघाटी को अपनी पसंदीदा अपॉइंटमेंट लोकेशन के तौर पर चुन सकते हैं। पासपोर्ट कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अपॉइंटमेंट केवल आधिकारिक पासपोर्ट सेवा पोर्टल के माध्यम से ही बुक किया जाए।
बोधगया में आयोजित शिविर का उद्घाटन 21 सितंबर को गया के जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर और क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, पटना स्वधा रिजवी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसके साथ ही दो दिवसीय बोधगया कैंप की शुरुआत हुई। 21 और 22 सितंबर के बाद मोबाइल वैन शेरघाटी पहुंचेगी, जहां 23 से 25 सितंबर तक तीन दिनों का विशेष कैंप आयोजित किया जाएगा।
इस व्यवस्था से गया जिले के लोगों को पासपोर्ट आवेदन के लिए पटना जाने की जरूरत कम हो सकती है। कैंप में आवेदन से जुड़ी प्रक्रिया, दस्तावेजों का सत्यापन और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस सत्यापन और दस्तावेजों की जांच सही पाए जाने के बाद पासपोर्ट आवेदक के पते पर भेजा जा सकता है। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, सत्यापन पूरा होने के बाद करीब 15 दिनों में पासपोर्ट घर पहुंचने की संभावना बताई गई है, हालांकि वास्तविक समय संबंधित सत्यापन और प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
गया में पासपोर्ट सेवाओं की मांग लगातार बढ़ने के कारण विशेष मोबाइल कैंप की जरूरत महसूस की गई है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में गया जिले से 7,518 पासपोर्ट आवेदन प्राप्त हुए थे। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 13,193 हो गई। इसी अवधि में संसाधित किए गए आवेदनों की संख्या भी 6,988 से बढ़कर 12,380 तक पहुंच गई। इन आंकड़ों से पता चलता है कि जिले में पासपोर्ट संबंधी सेवाओं की मांग में काफी वृद्धि हुई है।
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना के अनुसार अप्रैल 2024 के बाद बिहार में आयोजित होने वाला यह 21वां मोबाइल वैन कैंप है। गया जिले में इससे पहले वर्ष 2024 में आईआईएम बोधगया में भी ऐसा शिविर आयोजित किया गया था। राज्य के अलग-अलग स्थानों पर आयोजित मोबाइल वैन कैंप के जरिए अब तक करीब 3,000 आवेदकों को लाभ मिलने की जानकारी दी गई है।
मोबाइल वैन कैंप की खासियत यह है कि पासपोर्ट सेवा से जुड़ी प्रक्रिया को लोगों के नजदीक पहुंचाने की कोशिश की जाती है। सामान्य स्थिति में आवेदन के बाद निर्धारित पासपोर्ट केंद्र पर जाकर जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। ऐसे में जिले के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले आवेदकों के लिए स्थानीय स्तर पर कैंप उपलब्ध होने से समय और यात्रा की परेशानी कम हो सकती है।
बोधगया और शेरघाटी में कैंप के लिए अलग-अलग तारीख और स्लॉट निर्धारित किए गए हैं। बोधगया में 21 और 22 सितंबर को कुल 110 स्लॉट हैं। वहीं शेरघाटी में 23, 24 और 25 सितंबर को कुल 165 स्लॉट उपलब्ध हैं। प्रत्येक दिन 55 आवेदकों को बुलाने की व्यवस्था है। इसलिए जिन लोगों ने अपॉइंटमेंट लिया है, उनके लिए निर्धारित समय पर कैंप स्थल पहुंचना जरूरी होगा।
आवेदकों को अपने साथ सभी अनिवार्य दस्तावेज लेकर पहुंचने की सलाह दी गई है। दस्तावेजों में किसी तरह की कमी रहने पर आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। पासपोर्ट कार्यालय की ओर से पात्र दस्तावेजों के डिजिटल सत्यापन के लिए जहां लागू हो, डिजिलॉकर का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है। इससे जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित तरीके से प्रस्तुत और सत्यापित करने में सुविधा मिल सकती है।
पासपोर्ट आवेदन के दौरान शुल्क से जुड़ी जानकारी को लेकर भी आवेदकों को सावधान रहने की जरूरत है। विदेश मंत्रालय की ओर से 1 जुलाई 2026 से संशोधित पासपोर्ट आवेदन शुल्क लागू किया गया है और यही शुल्क इन मोबाइल वैन कैंप में किए जाने वाले आवेदनों पर भी लागू होगा। आवेदकों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर अपनी श्रेणी के अनुसार लागू शुल्क की जानकारी जांचने की सलाह दी गई है।
पासपोर्ट कार्यालय ने आवेदकों को अनधिकृत एजेंटों और बिचौलियों से सावधान रहने को कहा है। पासपोर्ट के लिए आवेदन, अपॉइंटमेंट और शुल्क से जुड़ी जानकारी आधिकारिक माध्यम से ही लेने की सलाह दी गई है। कई बार आवेदकों को जल्दी अपॉइंटमेंट दिलाने या प्रक्रिया आसान करने के नाम पर बिचौलियों के माध्यम से अतिरिक्त रकम लेने की कोशिश की जा सकती है। इसलिए आवेदकों को किसी अनधिकृत व्यक्ति को निजी दस्तावेज या आवेदन से जुड़ी संवेदनशील जानकारी देने से बचना चाहिए।
गया जिले में इस कैंप के आयोजन से उन लोगों को विशेष सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पासपोर्ट के लिए आवेदन करना है या पहली बार पासपोर्ट बनवाना है। बोधगया और शेरघाटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में शिविर लगाने से आसपास के लोगों को अपने क्षेत्र के नजदीक सेवा प्राप्त करने का मौका मिलेगा। खासकर ऐसे आवेदकों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी हो सकती है, जिन्हें सामान्य पासपोर्ट केंद्र तक पहुंचने में समय और अतिरिक्त यात्रा खर्च करना पड़ता है।
बोधगया का शिविर दो दिनों तक चल रहा है और इसके बाद शेरघाटी में तीन दिन तक सेवा उपलब्ध होगी। पांच दिनों की पूरी अवधि के लिए स्लॉट पहले ही जारी किए जा चुके हैं। यदि किसी आवेदक ने समय रहते अपॉइंटमेंट नहीं लिया है तो उसे पोर्टल पर उपलब्ध स्लॉट की स्थिति जांचनी होगी। किसी भी स्थिति में बिना अपॉइंटमेंट के सीधे पहुंचने के बजाय आधिकारिक निर्देशों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करना उचित होगा।
इस विशेष कैंप के माध्यम से पासपोर्ट आवेदन की प्रक्रिया को तकनीक आधारित और स्थानीय स्तर पर सुलभ बनाने की कोशिश की जा रही है। मोबाइल वैन में जरूरी तकनीकी सुविधाओं के माध्यम से आवेदन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके बाद आवेदन संबंधित स्तर पर आगे बढ़ता है और पुलिस सत्यापन जैसी आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पासपोर्ट जारी किया जाता है।
गया में बढ़ते पासपोर्ट आवेदनों को देखते हुए इस तरह के कैंप भविष्य में भी उपयोगी हो सकते हैं। वर्ष 2021 से 2025 के बीच आवेदन संख्या में हुई वृद्धि यह बताती है कि जिले के लोगों में विदेश यात्रा, शिक्षा, रोजगार, कारोबार और अन्य उद्देश्यों के लिए पासपोर्ट की जरूरत बढ़ी है। स्थानीय स्तर पर विशेष कैंप लगाने से इस बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
अधिकारियों की ओर से यह भी कहा गया है कि आवेदक अपने आवेदन से संबंधित जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। पासपोर्ट कार्यालय अपनी वेबसाइट और आधिकारिक माध्यमों से कैंप, शुल्क और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराता है। इससे गलत जानकारी और फर्जी एजेंटों के जरिए होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है।
फिलहाल बोधगया में दो दिवसीय कैंप की प्रक्रिया चल रही है और 22 सितंबर तक यहां निर्धारित आवेदकों को सेवा दी जाएगी। इसके बाद 23 सितंबर से शेरघाटी अनुमंडल कार्यालय परिसर में मोबाइल वैन कैंप शुरू होगा, जो 25 सितंबर तक चलेगा। शेरघाटी के तीन दिनों में कुल 165 स्लॉट रखे गए हैं, जबकि बोधगया के दो दिनों में 110 स्लॉट उपलब्ध हैं।
गया जिले के नागरिकों के लिए यह कैंप इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पासपोर्ट सेवा अब उनके नजदीक उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन ही शुरू करनी होगी और अपॉइंटमेंट भी आधिकारिक पोर्टल से लेना होगा। निर्धारित स्लॉट मिलने के बाद आवेदक को समय पर संबंधित कैंप स्थल पहुंचकर सभी जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेज सही पाए जाने और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पासपोर्ट जारी किया जाएगा।
इस तरह पांच दिवसीय मोबाइल वैन शिविर में कुल 275 लोगों के लिए पासपोर्ट सेवा उपलब्ध कराई गई है। रोजाना 55 आवेदकों की क्षमता के साथ यह कैंप गया जिले में पासपोर्ट सेवाओं को स्थानीय स्तर पर पहुंचाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। बोधगया के बाद शेरघाटी में आयोजित होने वाला कैंप उन लोगों के लिए भी सुविधा लेकर आएगा, जो उस क्षेत्र और आसपास के इलाकों से आवेदन करना चाहते हैं।











