झारखंड के गिरिडीह में भाजपा 3 नवंबर को 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकालेगी। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस, राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर जनता में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
गिरिडीह: झारखंड में भाजपा ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के खिलाफ राजनीतिक अभियान तेज कर दिया है। पार्टी 3 नवंबर को गिरिडीह में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा आयोजित करेगी। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को गिरिडीह के नया परिसदन भवन में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस अभियान के जरिए भाजपा जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार के काम बताएगी और विपक्ष की नीतियों को लेकर अपनी बात रखेगी।
3 नवंबर की पदयात्रा के लिए भाजपा ने बनाई रणनीति
बाबूलाल मरांडी ने बताया कि पदयात्रा को सफल बनाने के लिए बूथ से लेकर जिला स्तर तक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जा रही है। कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों के बीच जाकर पार्टी की नीतियों और केंद्र सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दें।
मरांडी के अनुसार, यह अभियान केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और आम लोगों से सीधा संपर्क बढ़ाना भी है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता सालभर जनता के बीच रहते हैं और उनकी समस्याओं को उठाते हैं।
बैठक में प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा सहित जिला स्तर के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी से कार्यक्रम की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर बाबूलाल मरांडी का हमला
पत्रकारों से बातचीत में बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन पर कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार चुनाव आयोग और दूसरी संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज पर सवाल उठाकर लोगों के बीच अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
मरांडी ने ईवीएम, वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ी जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इन मामलों में ठोस प्रमाण देने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।
उन्होंने कहा कि पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए, फिर मतदाता सूची में फर्जी नाम होने का मुद्दा सामने लाया गया। अब चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया यानी एसआईआर का विरोध किया जा रहा है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल इन मुद्दों के जरिए राजनीतिक माहौल को प्रभावित करना चाहते हैं। हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें किसी न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
एसआईआर प्रक्रिया और झारखंड सरकार पर भी उठाए सवाल
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर मरांडी ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाए रखना जरूरी है। पात्र मतदाताओं के नाम सूची में बने रहें और गलत प्रविष्टियों की पहचान हो, इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
उन्होंने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि भाजपा इन मुद्दों पर जनता के बीच जाकर अपना पक्ष रखेगी।
बाबूलाल मरांडी ने झारखंड की राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों की समस्याओं को दूर करने के बजाय अपने राजनीतिक हितों पर ज्यादा ध्यान दे रही है। उनके मुताबिक, राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था और जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
गिरिडीह में चुनावी हार और संभावित उपचुनाव पर क्या बोले?
गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के पिछले चुनावी प्रदर्शन और संगठन के भीतर मतभेदों को लेकर पूछे गए सवालों पर मरांडी ने कहा कि चुनाव में हार और जीत होती रहती है। पार्टी पिछले चुनाव में कम अंतर से हारी थी, लेकिन अब कार्यकर्ता एकजुट होकर तैयारी कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि पिछली कमियों को दूर करके भाजपा आने वाले चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेगी। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लगातार क्षेत्र में लोगों से संपर्क कर रहे हैं।
संभावित उपचुनाव और प्रत्याशी की घोषणा पर उन्होंने कहा कि चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद पार्टी उचित समय पर उम्मीदवार के नाम का फैसला करेगी। फिलहाल संगठन मजबूत करने और जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
गिरिडीह की प्रस्तावित पदयात्रा को भाजपा के इसी राजनीतिक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के खिलाफ अपना पक्ष रखने के साथ स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कोशिश करेगी।









