वैश्विक स्तर पर अस्थिरता में कमी आने के चलते इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में आए इस बदलाव के कारण सोना लगभग 5 हजार रुपये और चांदी 15 हजार रुपये से अधिक सस्ती हो गई है।
बिजनेस न्यूज़: वैश्विक बाजारों में स्थिरता बढ़ने और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के चलते इस हफ्ते gold and silver prices में तेज गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में करीब 5,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी में 15,000 रुपये प्रति किलो से अधिक की गिरावट आई है। इस गिरावट से जहां निवेशकों को झटका लगा है, वहीं उपभोक्ताओं के लिए यह राहत की खबर मानी जा रही है।
Gold Price Today: सोने के दाम में बड़ी गिरावट
IBJA के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत इस सप्ताह में ₹5,097 की गिरावट के साथ घटकर ₹1,39,873 प्रति 10 ग्राम रह गई है। इससे पहले यह कीमत ₹1,44,970 प्रति 10 ग्राम थी। वहीं अन्य कैरेट में भी गिरावट दर्ज की गई—
- 22 कैरेट सोना: ₹1,32,793 से घटकर ₹1,28,124 प्रति 10 ग्राम
- 18 कैरेट सोना: ₹1,08,728 से घटकर ₹1,04,905 प्रति 10 ग्राम
सप्ताह के दौरान सोने का सबसे निचला स्तर 25 जून की शाम को ₹1,39,461 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि उच्चतम स्तर 22 जून की सुबह ₹1,47,310 प्रति 10 ग्राम रहा।
Silver Price Crash: चांदी में भी बड़ी गिरावट
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चांदी की कीमतों में इस सप्ताह और भी तेज गिरावट देखने को मिली। IBJA के अनुसार, चांदी का भाव ₹15,432 प्रति किलो गिरकर ₹2,16,541 प्रति किलो पर आ गया है। इससे पहले इसका स्तर ₹2,31,973 प्रति किलो था। सप्ताह के दौरान—
- सबसे उच्च स्तर: ₹2,37,801 प्रति किलो (22 जून, शाम)
- सबसे निचला स्तर: ₹2,15,485 प्रति किलो (25 जून, सुबह)
विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी में यह गिरावट पिछले कई हफ्तों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावटों में से एक है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सोना अब $4,100 प्रति औंस से नीचे और चांदी $60 प्रति औंस से नीचे कारोबार कर रही है।
One Month Trend: सोना-चांदी में भारी गिरावट
पिछले एक महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो—
- सोना: करीब 10% की गिरावट
- चांदी: करीब 25% की गिरावट
यह दर्शाता है कि हाल के समय में precious metals market में बड़ा correction देखने को मिला है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अल्पकालिक (short-term correction) हो सकती है। हालांकि, लंबी अवधि में सोना अब भी सुरक्षित निवेश (safe-haven asset) माना जाता है।










