आज, 4 सितंबर को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। लगातार छह कारोबारी दिनों से जारी सोने की गिरावट का सिलसिला आखिरकार थम गया।
Gold Silver Price: घरेलू सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत रुख और निवेशकों की सुरक्षित संपत्तियों की ओर बढ़ती दिलचस्पी के बीच दोनों कीमती धातुओं के भाव में बड़ा उछाल आया। इसके साथ ही सोने की कीमतों में लगातार छह कारोबारी दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला भी थम गया।
राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना ₹3,400 महंगा होकर ₹1,59,500 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले बुधवार को इसका भाव ₹1,56,100 प्रति 10 ग्राम था। यानी एक ही कारोबारी सत्र में सोने की कीमत में करीब 2.18 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। चांदी ने भी निवेशकों को चौंकाते हुए बड़ी छलांग लगाई। इसका भाव ₹5,000 बढ़कर ₹2,40,500 प्रति किलोग्राम हो गया। बुधवार को चांदी ₹2,35,500 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
सोने की छह दिन की गिरावट थमी
हाल के कारोबारी सत्रों में सोने की कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ था। छह दिनों तक गिरावट के बाद गुरुवार को बाजार में तेजी लौट आई। दिल्ली में 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने का भाव ₹1,56,100 से बढ़कर ₹1,59,500 प्रति 10 ग्राम हो गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बॉन्ड यील्ड में नरमी और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने कीमती धातुओं को समर्थन दिया। जब बाजार में जोखिम बढ़ता है, तो निवेशक अक्सर सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख करते हैं। इसका असर मांग और कीमतों दोनों पर दिखाई दे सकता है।
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चांदी भी ₹5,000 उछली
सोने के साथ चांदी में भी तेज खरीदारी देखने को मिली। गुरुवार को चांदी की कीमत ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई। बुधवार के ₹2,35,500 के मुकाबले इसमें सीधे ₹5,000 की बढ़ोतरी हुई। चांदी की कीमत पर औद्योगिक मांग के साथ-साथ निवेश मांग का भी असर पड़ता है। वैश्विक अर्थव्यवस्था, डॉलर की चाल और कीमती धातुओं में निवेश का रुझान इसके भाव को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट का असर
ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड हाल के ऊंचे स्तरों से नीचे आने के कारण सोने और चांदी में सुधार देखने को मिला। इसके अलावा नए भू-राजनीतिक तनावों ने सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की मांग को समर्थन दिया। सोने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के बीच अक्सर विपरीत संबंध देखा जाता है। जब बॉन्ड यील्ड में गिरावट आती है, तो सोने जैसी गैर-ब्याज वाली परिसंपत्तियों की निवेश अपील बढ़ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चमकी कीमतें
वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी के भाव में तेजी दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, स्पॉट गोल्ड की कीमत 55.76 डॉलर यानी 1.27 फीसदी बढ़कर 4,443.93 डॉलर प्रति औंस हो गई। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 1 फीसदी मजबूत होकर 65.77 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई। वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों में बदलाव का सीधा प्रभाव भारतीय बाजार पर भी पड़ता है, हालांकि घरेलू कीमतों में मुद्रा विनिमय दर, आयात लागत और स्थानीय मांग जैसे कारक भी भूमिका निभाते हैं।









