अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर सोने की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। इसके अलावा, वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली के कारण भी सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
बिजनेस न्यूज़: घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार कमजोरी देखने को मिल रही है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में पिछले कुछ कारोबारी सत्रों के दौरान सोने के भाव में तेज गिरावट दर्ज की गई है। 25 अगस्त के उच्च स्तर से अब तक सोना करीब 8,900 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी भी अपने हालिया ऊपरी स्तर से 13,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक टूट गई है।
कीमती धातुओं में इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़े आर्थिक जोखिम जैसे कई कारक बताए जा रहे हैं। निवेशकों की नजर अब महंगाई और वैश्विक ब्याज दरों की दिशा पर भी बनी हुई है।
25 अगस्त को 1.67 लाख रुपये के पार था सोना
दिल्ली के सर्राफा बाजार में 25 अगस्त 2026 को 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत 2,700 रुपये बढ़कर 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई थी। यह सोने की कीमतों में लगातार चौथे कारोबारी दिन की तेजी थी। हालांकि, इसके बाद बाजार का रुख तेजी से बदल गया और सोने में लगातार गिरावट शुरू हो गई। कुछ ही कारोबारी सत्रों में कीमतों में हजारों रुपये की कमी दर्ज की गई।
26 अगस्त से लगातार गिरता गया भाव
25 अगस्त के बाद सोने की कीमत में लगभग हर कारोबारी सत्र में कमजोरी देखने को मिली।
- 26 अगस्त: 600 रुपये की गिरावट, भाव 1,66,500 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 27 अगस्त: 800 रुपये की कमी, भाव 1,65,700 रुपये
- 28 अगस्त: 3,300 रुपये की बड़ी गिरावट, भाव 1,62,400 रुपये
- 31 अगस्त: 1,500 रुपये की गिरावट, भाव 1,60,900 रुपये
- 1 सितंबर: 2,700 रुपये की गिरावट, भाव 1,58,200 रुपये
इस तरह 25 अगस्त के स्तर से 1 सितंबर तक सोने की कीमत 8,900 रुपये प्रति 10 ग्राम घट चुकी है। प्रतिशत के लिहाज से यह करीब 5.30 फीसदी की गिरावट है।
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सोने की कीमतों पर क्यों बना दबाव?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों पर कई आर्थिक और भू-राजनीतिक कारकों का प्रभाव पड़ता है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव से जुड़े घटनाक्रमों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं। महंगाई का अनुमान बढ़ने पर निवेशक केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीति को लेकर अपने अनुमान बदल सकते हैं। ब्याज दरों की दिशा में संभावित बदलाव का असर सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले एसेट पर भी पड़ सकता है।
इसके अलावा, वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली के कारण निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई है। ऐसे माहौल में सोने की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
चांदी भी 13 हजार रुपये तक सस्ती
सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट का दौर जारी है। 24 अगस्त को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी का भाव लगातार तीसरे दिन बढ़कर 2,53,500 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया था। यह उस समय लगभग चार महीने का ऊंचा स्तर था। इसके बाद चांदी ने भी लगातार कमजोरी दर्ज की। 1 सितंबर को चांदी का भाव 5,000 रुपये घटकर 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। इस तरह 24 अगस्त के स्तर से चांदी अब तक कुल 13,000 रुपये प्रति किलोग्राम टूट चुकी है।









