कथा के दौरान राजन महाराज ने तीखे शब्दों में ललकार लगाते हुए कहा— “किसने मां का दूध पिया है, गोली मारकर दिखाओ”। उनके इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कथा कार्यक्रम के दौरान राजन महाराज अपने प्रवचन के बीच भावनात्मक और आक्रामक अंदाज में बोले। उन्होंने समाज, धर्म और विरोध करने वालों को लेकर कड़े शब्दों का प्रयोग किया। मंच से दी गई यह चुनौती सुनकर पंडाल में मौजूद लोग कुछ देर के लिए सन्न रह गए, जबकि कुछ समर्थकों ने तालियां भी बजाईं। बयान के दौरान उनकी आवाज और हाव-भाव काफी उग्र नजर आए।
कार्यक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे जोशीले प्रवचन का हिस्सा बता रहे हैं, तो वहीं कई लोगों का कहना है कि इस तरह के शब्द सार्वजनिक मंच से नहीं कहे जाने चाहिए। आलोचकों का मानना है कि धार्मिक मंच से इस प्रकार की भाषा समाज में तनाव और उकसावे की स्थिति पैदा कर सकती है।
जानकारों के अनुसार, कथावाचकों का समाज में एक प्रभावशाली स्थान होता है और उनके शब्दों का असर बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ता है। ऐसे में मंच से दिए गए बयानों में संयम और जिम्मेदारी जरूरी मानी जाती है। वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इस तरह की भाषा धार्मिक प्रवचन की मर्यादा के अनुरूप है।
स्थानीय स्तर पर प्रशासन और पुलिस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि वायरल वीडियो की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंच चुकी है और मामले पर नजर रखी जा रही है। अगर किसी पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
गौरतलब है कि गोरखपुर में धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं और ऐसे कार्यक्रमों पर आम जनता के साथ-साथ प्रशासन की भी नजर रहती है। ऐसे में कथावाचक का यह बयान न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और कानून-व्यवस्था के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल, वीडियो के वायरल होने के बाद यह मुद्दा बहस का केंद्र बना हुआ है। समर्थक और विरोधी, दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इस बयान को लेकर प्रशासन या आयोजकों की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं।








