गोरखपुर में तेज आंधी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। सौ से अधिक गांवों में 24 घंटे से ज्यादा समय से बिजली आपूर्ति बाधित है, जिससे लोगों को गर्मी और पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
Gorakhpur: गोरखपुर जिले में हाल ही में आई तेज आंधी और बारिश के बाद बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। कई क्षेत्रों में बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त होने से सौ से अधिक गांवों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। उमस भरी गर्मी के बीच ग्रामीणों को बिजली और पानी दोनों की समस्या से जूझना पड़ रहा है, जबकि विद्युत विभाग मरम्मत कार्य में जुटा हुआ है।
आंधी से बिजली नेटवर्क को भारी नुकसान
गोरखपुर जिले में आई तेज आंधी ने बिजली व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। ग्रामीण इलाकों में कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूट गए और तार क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे बड़ी संख्या में गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सबसे ज्यादा असर बेलीपार, गगहा, बड़हलगंज और मधुपुर क्षेत्र में देखने को मिला है, जहां कई गांव 24 घंटे से अधिक समय से अंधेरे में हैं।
बेलीपार क्षेत्र में तेज हवाओं के कारण महावीर छपरा फीडर की मुख्य लाइन के दो पोल गिर गए। पोल गिरने से तार भी टूटकर नीचे आ गए, जिसके चलते करीब 35 गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई। वहीं हरदिया पिछौरा गांव में ट्रांसफार्मर लगा एक पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
गर्मी और पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण
बिजली गुल होने का सबसे अधिक असर ग्रामीणों की दैनिक जरूरतों पर पड़ा है। उमस भरी गर्मी के बीच पंखे और कूलर बंद पड़े हैं, जबकि कई स्थानों पर पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
गगहा और करवल मझगांवा उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में भी हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। आंधी के बाद 33 हजार वोल्ट की लाइन में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण सैकड़ों गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। हालांकि विभाग की कोशिशों से लगभग 250 गांवों में आपूर्ति बहाल कर दी गई है, लेकिन कई इलाकों में अभी भी बिजली नहीं पहुंच सकी है।
मरम्मत कार्य जारी, जल्द बहाली का दावा
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार विभिन्न स्थानों पर क्षतिग्रस्त पोल और तारों को बदलने का काम तेजी से किया जा रहा है। सेवई उपकेंद्र के अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर नए पोल लगाए जा रहे हैं और आपूर्ति जल्द बहाल करने का प्रयास जारी है।
मधुपुर और सेमरा उपकेंद्र से जुड़े कई गांवों में भी बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। तकनीकी टीम फीडरों में आई खराबी का पता लगाने और उसे दूर करने में लगी हुई है। विभाग का कहना है कि जहां भी मरम्मत कार्य पूरा हो रहा है, वहां चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति शुरू की जा रही है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि आपदा के समय त्वरित कार्रवाई के लिए पर्याप्त संसाधन और कर्मचारी उपलब्ध कराए जाएं। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और सभी की नजर अब आपूर्ति पूरी तरह बहाल होने पर टिकी है।










