गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखने के लिए लोग कई घरेलू उपाय अपनाते हैं। इन्हीं पारंपरिक प्राकृतिक चीजों में से एक है गोंद कतीरा। पिछले कुछ वर्षों में हेल्थ और वेलनेस से जुड़ी चर्चाओं में गोंद कतीरा का नाम तेजी से सामने आया है। भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में लोग इसे नेचुरल बॉडी कूलर और हेल्दी सप्लीमेंट के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
गोंद कतीरा एक प्राकृतिक गोंद होता है, जो कुछ विशेष पेड़ों के रस से तैयार किया जाता है। इसे अंग्रेजी में Tragacanth Gum कहा जाता है। पानी में भिगोने पर यह फूलकर जेली जैसा हो जाता है। इसकी तासीर ठंडी मानी जाती है, इसलिए गर्मियों में इसका सेवन विशेष रूप से किया जाता है।
हालांकि इसके फायदों के साथ यह जानना भी जरूरी है कि इसे कितनी मात्रा में खाना सही है। जरूरत से ज्यादा सेवन शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है।
1 दिन में कितना गोंद कतीरा खाना चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को दिनभर में लगभग 1 से 2 चम्मच भिगोया हुआ गोंद कतीरा ही सेवन करना चाहिए। इससे अधिक मात्रा लेने पर पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
गोंद कतीरा को हमेशा रातभर पानी में भिगोकर रखना चाहिए। सुबह यह पूरी तरह फूलकर जेली जैसा बन जाता है। इसके बाद इसे दूध, शरबत, नींबू पानी, ठंडाई या स्मूदी में मिलाकर खाया जा सकता है।
जो लोग पहली बार इसका सेवन कर रहे हैं, उन्हें शुरुआत में केवल 1 चम्मच मात्रा से शुरुआत करनी चाहिए ताकि शरीर की प्रतिक्रिया को समझा जा सके।
गर्मियों में गोंद कतीरा क्यों माना जाता है फायदेमंद
गोंद कतीरा की सबसे बड़ी खासियत इसकी ठंडी तासीर है। यही वजह है कि गर्मियों में इसका सेवन लोकप्रिय है। यह शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करने में मदद कर सकता है और लू लगने के खतरे को कम करता है।
जिन लोगों को गर्मियों में बार-बार शरीर गर्म लगना, बेचैनी या ज्यादा पसीना आने जैसी समस्याएं होती हैं, उनके लिए सीमित मात्रा में गोंद कतीरा उपयोगी माना जाता है।
डिहाइड्रेशन से बचाने में सहायक
गर्मियों में शरीर से पसीने के जरिए पानी तेजी से निकलता है। इससे डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी हो सकती है। गोंद कतीरा शरीर में नमी बनाए रखने में मदद करता है।
यह लंबे समय तक शरीर को हाइड्रेटेड रखने में सहायक माना जाता है। खासकर उन लोगों के लिए यह उपयोगी हो सकता है जो धूप में ज्यादा समय बिताते हैं या भारी शारीरिक काम करते हैं।
कमजोरी और थकान कम करने में मदद
कई लोग गर्मियों में जल्दी थकान महसूस करते हैं। शरीर में ऊर्जा की कमी, चक्कर आना और कमजोरी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।
गोंद कतीरा में प्रोटीन, फोलिक एसिड और कुछ जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने में मदद कर सकते हैं। यही कारण है कि इसे पारंपरिक रूप से ताकत बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ के रूप में भी देखा जाता है।
पाचन तंत्र के लिए लाभकारी
गोंद कतीरा में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। यह कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक माना जाता है।
हालांकि इसका फायदा तभी मिलता है जब इसका सेवन सही मात्रा में किया जाए। अधिक मात्रा में लेने पर पेट फूलना, गैस या अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

त्वचा को हाइड्रेटेड रखने में मदद
गर्मियों में त्वचा रूखी और बेजान होने लगती है। कई लोग स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखने के लिए प्राकृतिक उपाय तलाशते हैं।
गोंद कतीरा शरीर को अंदर से हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है, जिसका असर त्वचा पर भी दिखाई दे सकता है। कुछ लोग इसे त्वचा की नमी बनाए रखने और प्राकृतिक चमक बढ़ाने में सहायक मानते हैं।
गोंद कतीरा खाने का सही तरीका
रातभर भिगोना जरूरी
गोंद कतीरा को सीधे नहीं खाना चाहिए। इसे हमेशा 8 से 10 घंटे तक पानी में भिगोकर रखना चाहिए। भिगोने के बाद यह फूलकर मुलायम और जेली जैसा हो जाता है।
किन चीजों के साथ खा सकते हैं
गोंद कतीरा का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है:
- ठंडे दूध में मिलाकर
- शरबत या रूह अफजा के साथ
- ठंडाई में मिलाकर
- नींबू पानी के साथ
- स्मूदी या फलों के ड्रिंक में
कई लोग इसे घर के बने हेल्दी ड्रिंक्स में भी शामिल करते हैं।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए
डायबिटीज मरीज
डायबिटीज से पीड़ित लोगों को गोंद कतीरा सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, खासकर यदि इसे मीठे पेय पदार्थों के साथ लिया जा रहा हो।
गर्भवती महिलाएं
गर्भावस्था के दौरान किसी भी नई चीज का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। गोंद कतीरा सीमित मात्रा में ही लेना बेहतर माना जाता है।
छोटे बच्चे
छोटे बच्चों को बहुत ज्यादा मात्रा में गोंद कतीरा नहीं देना चाहिए। उनका पाचन तंत्र संवेदनशील होता है, इसलिए कम मात्रा में ही सेवन कराया जाना चाहिए।
पेट की समस्या वाले लोग
जिन लोगों को पहले से गैस, ब्लोटिंग या पाचन संबंधी दिक्कतें रहती हैं, उन्हें इसका सेवन नियंत्रित मात्रा में करना चाहिए।
जरूरत से ज्यादा गोंद कतीरा खाने के नुकसान
हर प्राकृतिक चीज फायदेमंद हो, यह जरूरी नहीं। यदि गोंद कतीरा जरूरत से ज्यादा खाया जाए, तो इससे कई समस्याएं हो सकती हैं।
पेट फूलना और गैस
अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में भारीपन और गैस की शिकायत हो सकती है।
अपच की समस्या
कुछ लोगों को ज्यादा गोंद कतीरा खाने से अपच या पेट दर्द हो सकता है।
एलर्जी की संभावना
हालांकि यह कम मामलों में होता है, लेकिन कुछ लोगों को प्राकृतिक गोंद से एलर्जी हो सकती है। पहली बार सेवन करते समय कम मात्रा लेना बेहतर होता है।
क्या रोज गोंद कतीरा खाना सुरक्षित है?
विशेषज्ञों के अनुसार, सीमित मात्रा में गोंद कतीरा का सेवन रोज किया जा सकता है, खासकर गर्मियों में। लेकिन इसे जरूरत से ज्यादा या लगातार बहुत अधिक मात्रा में नहीं खाना चाहिए।
यदि किसी व्यक्ति को कोई गंभीर बीमारी है या वह नियमित दवाइयां ले रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
आयुर्वेद में गोंद कतीरा का महत्व
आयुर्वेद में गोंद कतीरा को शरीर को ठंडक देने वाला और ताकत बढ़ाने वाला पदार्थ माना गया है। पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इसका उपयोग गर्मी से जुड़ी परेशानियों, कमजोरी और शरीर की थकान कम करने के लिए किया जाता रहा है।
हालांकि आधुनिक चिकित्सा विशेषज्ञ संतुलित मात्रा में सेवन पर ही जोर देते हैं।













