हिमाचल प्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से मानसून की वापसी फिलहाल रुक गई है। मौसम विभाग ने 24 से 28 सितंबर के बीच चंबा, सिरमौर, शिमला और कांगड़ा में हल्की बारिश की संभावना जताई है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी फिलहाल थम गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ तथा चक्रीय परिसंचरण के प्रभाव से 24 से 28 सितंबर के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। चंबा, सिरमौर, शिमला और कांगड़ा में बारिश की संभावना जताई गई है।
चक्रवाती परिसंचरण से रुकी मानसून की वापसी
हिमाचल प्रदेश में मानसून की विदाई फिलहाल रुक गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में बने पश्चिमी विक्षोभ तथा चक्रीय परिसंचरण के असर से प्रदेश में मानसून की वापसी में देरी हो रही है।

मौसम विभाग ने 24 से 28 सितंबर के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान चंबा, सिरमौर, शिमला और कांगड़ा में छिटपुट स्थानों पर बारिश हो सकती है।
वहीं 28 सितंबर से पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने के कारण प्रदेश में बारिश का एक और दौर शुरू होने की संभावना है। बुधवार को राज्य में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है, जिससे दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
सीजन में सामान्य से 12 फीसदी कम बारिश
मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 22 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। राज्य में सामान्य वर्षा 711.4 मिलीमीटर के मुकाबले अब तक 628.3 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह सामान्य से 12 प्रतिशत कम है।
कांगड़ा में सबसे अधिक 1,505.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 5 प्रतिशत कम है। वहीं सिरमौर में 1,212.4 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से 5 प्रतिशत अधिक है।
शिमला में सामान्य से 13 प्रतिशत, बिलासपुर में 9 प्रतिशत और कुल्लू में 8 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। दूसरी ओर लाहुल-स्पीति में 128.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 65 प्रतिशत कम है। हमीरपुर में 637.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 33 प्रतिशत कम है।
ऊना में सबसे ज्यादा तापमान 34.6 डिग्री
प्रदेश में बारिश की संभावना के बीच दिन के तापमान में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में तेज धूप के कारण गर्मी महसूस की जा रही है। राज्य के अधिकतम तापमान में करीब एक डिग्री का अंतर दर्ज किया गया है।
कुछ स्थानों पर तापमान में बढ़ोतरी हुई है, जबकि कुछ इलाकों में गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान ऊना में 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार के अनुसार चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव के कारण आने वाले दिनों में हल्की बारिश की संभावना है। इसी वजह से हिमाचल प्रदेश से मानसून की वापसी में अभी समय लग सकता है।
बारिश और आपदा से ₹3,219 करोड़ का नुकसान
हिमाचल प्रदेश में 30 जून से 22 सितंबर तक बारिश और इससे जुड़ी प्राकृतिक आपदाओं के कारण ₹3,219 करोड़ का नुकसान आंका गया है।
इस अवधि में भूस्खलन के कारण 18 लोगों, अचानक बाढ़ के कारण 1 व्यक्ति, डूबने से 17 लोगों और गिरने से 54 लोगों की मौत हुई है।
विभागवार नुकसान की बात करें तो लोक निर्माण विभाग को करीब ₹919.5 करोड़ और जल शक्ति विभाग को ₹2,744.6 करोड़ का नुकसान आंका गया है।
बारिश और आपदा के कारण प्रदेश में 1,416 मकान पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 572 पक्के और 844 कच्चे मकान शामिल हैं।











